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इस महीने चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ

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नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की। इस महीने चौथी बार है, जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं। लगातार बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले शनिवार को भी पेट्रोल-डीजल के दाम में 87 से 91 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई थी।

आम लोगों और बाजार पर कितना पड़ेगा असर?

माना जा रहा है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जी, दूध और रोजमर्रा की दूसरी चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। डीजल महंगा होने से खेती और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका और तेज हो सकती है। लगातार बढ़ते ईंधन दामों ने मध्यम वर्ग और रोजाना सफर करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

 

पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर आप ने साधा निशाना

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘मोदी सरकार जनता को तिल तिल मार रही है, एक झटके में नहीं। पिछले 10 दिन में मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत 7.50 रुपये बढ़ा दी है। दिल्ली में आज पेट्रोल सौ के पार हो गया। पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये।

 

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

बेस प्राइस से तीन-चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं।

 

2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

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