10.7 C
London
Thursday, April 30, 2026
HomeराजनीतिMCD और गुजरात विधानसभा, 2 चुनावों से बढ़ा सियासी ताप, कैसे जूझेगी...

MCD और गुजरात विधानसभा, 2 चुनावों से बढ़ा सियासी ताप, कैसे जूझेगी AAP

Published on

नई दिल्ली

गुजरात विधानसभा और एमसीडी चुनाव, दोनों ही कार्यक्रमों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। अब कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम के चलते आम आदमी पार्टी की दिल्ली में तैयारियों पर असर हो सकता है। जबकि, आप इस बात से इनकार कर रही है। एमसीडी के चुनाव 4 दिसंबर को होंगे और मतगणना 7 दिसंबर को होगी। जबकि, गुजरात में दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को वोट गिने जाएंगे। अब पूरी स्थिति को विस्तार से समझते हैं।

माना जा रहा है कि करीबी चुनावी कार्यक्रम होने के चलते भाजपा को आप के मुकाबले ज्यादा फायदा हो सकता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आप केवल कांग्रेस और खुद के बीच वोट बांटने में सफल हो पाएगी। हम आप के चलते गुजरात के इतिहास में सबसे बड़ी दर्ज करने जा रहे हैं। हमारे पास पहले ही 35 फीसदी का कोर वोट बेस है। बाकी टिकट वितरण के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा, जो हम जीतने की संभावनाओं के आधार पर कर रहे हैं।’

3 नवंबर को गुजरात चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के बाद आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया था कि भाजपा ‘खतरे’ में है। उन्होंने कहा था, ‘गुजरात में भाजपा के बुरे नतीजों का बुरा असर एमसीडी चुनावों पर पड़ सकता है।’ आप के एमसीडी चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक का कहना है कि शेड्यूल पार्टी को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘गुजरात के लोग भाजपा को गुजरात विधानसभा के बाहर फेंक देंगे। दिल्ली के लोग भी ऐसा करेंगे।’

आप में प्रचार संसाधनों पर चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, आप के एक पार्षद ने कहा, ‘हमारा एमसीडी अभियान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की छवि के इर्द गिर्द है। सभी 250 उम्मीदवार उनका रोड शो या मीटिंग चाहते हैं। गुजरात में भी वह भीड़ और वोट आकर्षित करते हैं।’उन्होंने कहा, ‘हमारे संसाधन सीमित हैं। भाजपा की तुलना में हम छोटी पार्टी हैं। एक साथ चुनाव से संसाधन और यहां तक कि केजरीवालजी और मनीष सिसोदिया जी जैसे बड़े नेताओं का समय भी बंटेगा।’

रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य पार्षद चुनावों पर पूरी तरह ध्यान नहीं लगा पाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर एमसीडी चुनाव नहीं होते, तो मैं गुजरात में होता और हमारे गई विधायक भी होते। लेकिन अब सभी विधायक अपने समर्थकों के लिए टिकट हासिल करने के लिए दिल्ली में रहना चाहते हैं।’

भाजपा को संसाधन देखने होंगे
खबर है कि भाजपा को भी एमसीडी चुनावों के चलते संसाधनों को डायवर्ट करना पड़ रहा है। आसान भाषा में समझें तो दिल्ली भाजपा के 23 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए तैनात किया गया था, लेकिन निकाय चुनाव की तैयारियों के लिए उन्हें वापस बुला लिया गया।

Latest articles

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के परिणाम घोषित, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के...

मन की बात में गूंजी सकारात्मक भारत की गूंज: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर में आमजन के साथ सुना कार्यक्रम

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 133वां संस्करण...

सुशासन से समृद्ध बनेगा राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- गांव के विकास का आधार हैं ग्राम विकास अधिकारी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान' और 'ग्राम-2026' की महत्ता पर...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...