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Monday, April 6, 2026
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मां ने हाथ से छीना मोबाइल… गुस्से में छोटे बच्चे ने दे मारा बैट, क्या है वायरल वीडियो का सच!

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नई दिल्ली,

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक बच्चा मोबाइल के लिए अपनी मां पर बैट से हमला करता दिख रहा है. इस वीडियो से इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है कि मोबाइल किस हद तक बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. अब तक सैकड़ों लोग अपने हैंडल से इस वीडियो को शेयर कर चुके हैं. सबसे पहले तो ये साफ कर दें कि वायरल वीडियो असली नहीं, बल्कि स्क्रिप्टेड है लेकिन खतरा असली है, गंभीर है। मोबाइल की लत बच्चों को उग्र बना रही है। उन्हें काफी नुकसान पहुंचा रही है।

इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक बच्चा स्कूल यूनिफार्म में पलंग पर बैठकर मोबाइल चला रहा है. वहीं पास में ही टीवी खुली हुई है, लेकिन बच्चा मोबाइल पर कोई गेम खेलने में बिजी है. यहां तक की उसने अपना स्कूल ड्रेस तक नहीं बदला है. तभी उसकी मां कमरे में आती है और उससे मोबाइल फोन छीन लेती है.

मोबाइल फोन छीनकर मां अपने खाने की प्लेट लेकर नीचे बैठ जाती है और टीवी देखने लगती है. इसके बाद बच्चा कुछ देर तक उसी तरह पलंग पर बैठा रहता है और अपनी मां को देखने लगता है. इसके बाद वह उठकर बाहर जाता है और एक बल्ला लेकर अंदर आता है. खाना खा रही मां को वह पीछे से सिर पर बैट दे मारता है.

मां तुरंत फर्श पर ही गिर जाती है और बच्चा मोबाइल लेकर फिर से गेम खेलने में जुट जाता है. अब इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किये जा रहे हैं. कुछ लोग इस वीडियो को काफी पुराना बता रहे हैं. वहीं कुछ लोगों ने इस वीडियो को पोस्ट करके इसे रीयल लाइफ की घटना बताई है. कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी है कि यह स्क्रिप्टेड वीडियो है. इसके पीछे लोगों ने कई तरह के कारण भी बताएं.

इन सब बहस के बीच एक बात कॉमन है कि वीडियो पुराना है, वास्तविक है या स्क्रिप्टेड है, लेकिन इस वीडियो के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि किसी बच्चे के लिए मोबाइल किस हद तक खतरनाक हो सकता है. इंटरनेट पर वीडियो के फेक और वास्तविक होने को लेकर कई तरह के दावे किये जा रहे हैं.

नोएडा एक्सटेंशन की वो डरावनी वारदात शायद आपको याद हो। लड़के को लगता था कि उसके माता-पिता उसे नहीं, बल्कि उसकी बहन को ज्यादा प्यार करते हैं। वह चिड़चिड़ा होता गया और तन्हा भी। वह पढ़ाई-लिखाई में कमजोर था। दिसंबर 2017 की एक शाम उसकी मां ने उसे सोफा पर बैठकर किताब पढ़ने पर टोक दिया। मां ने कहा कि डाइनिंग टेबल पर बैठकर पढ़ाई करो। लेकिन नाबालिग मां की नहीं सुनता। इसके बाद गुस्से में मां ने उसे थप्पड़ जड़ दिया और उठक-बैठक करने को कहा। लड़का इस बार भी मां की नहीं सुना तो गुस्से में मां ने एक और थप्पड़ रसीद कर दिया।

उसके कुछ देर बाद बाद मां, बेटे और 12 साल की बेटी ने साथ में डिनर किया। सबकुछ सामान्य दिख रहा था लेकिन असल में था नहीं। डिनर के बाद मां-बेटी एक कमरे में और नाबालिग अलग कमरे में सोने चले गए। रात 10 से 11 बजे के बीच लड़का अपने कमरे से उठता है और क्रिकेट का बैट उठाता है। उसके बाद वह पिज्जा कटर और कैंची उठाता है। ये सामान लेकर वह उस कमरे में जाता है जिसमें मां और बहन सो रही होती हैं। उसने सबसे पहले मां पर हमला किया। इस बीच बहन जग गई और चीखने लगी तो उस पर भी हमला कर दिया। 16 साल के लड़के ने मां और बहन दोनों को मार डाला।

बच्चे के बैट से मां पर कथित हमले का वायरल वीडियो नोएडा एक्सटेंशन की उसी डरावनी वारदात की याद दिला रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो असली नहीं बल्कि स्क्रिप्टेड है। डी-इंटेंट डेटा ने इसका फैक्ट-चेक करके बताया है कि वीडियो फेक है, स्क्रिप्टेड है। दरअसल, इसी वीडियो का फुल वर्जन फेसबुक पर आइडियाज फैक्ट्री नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। उसमें ये डिस्क्लेमर दिया गया है कि वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसे एजुकेशनल और एंटरटेनमेंट के उद्देश्य से बनाया गया है।

वीडियो के वायरल होने की सबसे बड़ी वजह है बच्चों में मोबाइल की लत का आम होना। शायद ही कोई ऐसा घर हो, जहां घरवाले बच्चों की मोबाइल की लत से परेशान नहीं हैं। बच्चों को ये लत लगवाते भी मां-बाप ही हैं। अभी बच्चा पढ़ना-लिखना भी नहीं सीखता कि उसे मोबाइल थमा देते हैं। बच्चा रोया नहीं कि मोबाइल थमा दिया। वही चीज आगे जाकर खतरनाक हो जाती है और बच्चे मोबाइल एडिक्शन के शिकार हो जाते हैं। ये लगभग हर उस घर की समस्या हो गई है जिस घर में बच्चे हैं।

बच्चों में मोबाइल की लत बहुत खतरनाक होती है। कई स्टडी और रिसर्च में ये बात बार-बार सामने आ रही है। मोबाइल फोन के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों और किशोरों में कई तरह की गंभीर समस्याएं आ रही हैं। उनका शारीरिक और मानसिक विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बच्चे एकाग्रचित नहीं हो पा रहे, जिससे पढ़ाई-लिखाई पर बहुत ही बुरा असर पड़ रहा। मोबाइल की लत से बच्चों की नींद भी डिस्टर्ब हो रही इस वजह से वे सुस्त होते जा रहे हैं। कुछ बच्चों में ये डिप्रेशन की वजह भी बन रही है। मोबाइल फोन के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से गर्दन, कंधे या कलाई में दर्द होता है। आंखों पर जोर पड़ता है। बच्चा कोई भी काम मन लगाकर नहीं कर पाता क्योंकि वह एकाग्र ही नहीं हो पाता।

वायरल वीडियो भले ही स्क्रिप्डेट है, लेकिन उसमें जिस खतरे के बारे में दिखाया गया है, वह बिल्कुल असली है। बच्चों को मोबाइल की लत न हो और अगर हो तो उसे छुड़ाने के लिए माता-पिता को चाहिए कि उन्हें परिवार और दोस्तों के साथ खेल या आउटडोर एक्टिविटीज के लिए प्रेरित करें। उन्हें ड्राइंग, म्यूजिक या उसी तरह की किसी रचनात्मक गतिविधि में लगाएं। खुद भी स्मार्टफोन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल मत करें। बच्चों से बातचीत करें। उनके साथ लूडो, चेस या किसी अन्य तरह का इनडोर गेम खेलें।

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