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‘मुस्लिम देश एक हों या तुर्की परमाणु हथियार…’, इजरायल पर भड़के इस्लामिक स्कॉलर

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नई दिल्ली,

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के लिए मुख्य फतवा (धार्मिक उपदेश) देने वाले इस्लामिक जानकार हेरेतिन करमन ने कहा है कि तुर्की को इजरायल का मुकाबला करने के लिए परमाणु हथियार हथियार बनाने चाहिए. 90 साल के इस्लामिक जानकार तुर्की मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रमुख विचारक करमन का कहना है कि तुर्की की वर्तमान क्षमता इजरायल को रोकने के लिए काफी नहीं है.

तुर्की के इस्लामिक अखबार ‘Yeni Safak’ के लिए लिखे एक लेख में करमन ने कहा, ‘या तो इस्लामिक दुनिया को एकजुट होना चाहिए और चीन-रूस के साथ सहयोग करना चाहिए, या तुर्की को परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.’

करमन ने रक्षा उद्योग और तुर्की की पारंपरिक युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने में एर्दोगन सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की. हालांकि, उन्होंने तुर्की के परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने के फैसले की आलोचना की. उन्होंने कहा कि परमाणु संपन्न देश उपनिवेशवादी प्रवृति के हैं और वो इस संधि के जरिए अपना शोषण बनाए रखना चाहते हैं.उन्होंने लिखा, ‘परमाणु संपन्न देश जिन देशों का शोषण कर रहे हैं, अगर उन देशों के पास परमाणु हथियार आ जाता है तो वे अपना उत्पीड़न जारी नहीं रख पाएंगे.’

‘तुर्की के कुछ क्षेत्रों को हड़पना चाहता है इजरायल’
1995 में इजरायल और फिलिस्तीन की अपनी यात्रा को याद करते हुए, करमन ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से देखा है कि कैसे इजरायल के यहूदी एक ‘ग्रेटर इजरायल’ की कल्पना करते हैं. उन्होंने दावा किया कि यहूदी पश्चिमी देशों के समर्थन से इस लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं. उनका दावा है कि यहूदियों के ‘ग्रेटर इजरायल’ में दक्षिण-पूर्वी तुर्की के कुछ हिस्से भी आते हैं.

राष्ट्रपति एर्दोगन ने अपने भाषणों में भी इस दावे को दोहराया है. एर्दोगन ने आरोप लगाया है कि इजरायल तुर्की के क्षेत्र को हड़पना चाहता है. साथ ही एर्दोगन फिलिस्तीनी संगठन हमास की प्रशंसा भी करते हैं. उनका कहना है कि समूह न केवल फिलिस्तीनियों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि तुर्कों के अधिकारों की भी रक्षा करता है.

तुर्की में बेहद प्रभावशाली हैं हेरेतिन करमन
तुर्की में इस्लामवादियों के बीच हेरेतिन करमन का प्रभाव काफी ज्यादा है जिसमें सरकार समर्थित डिफेंस इंडस्ट्री में प्रमुख पदों पर बैठे लोग भी शामिल हैं. यह पहली बार नहीं है जब करमन ने परमाणु हथियार विकसित करने की वकालत की है. 16 मार्च, 2017 को Yeni Safak अखबार के लिए लिखे एक लेख में उन्होंने तर्क दिया, ‘हमें इन हथियारों को खरीदने के बजाय, बिना किसी देरी के और पश्चिमी चेतावनियों की परवाह के, इन्हें खुद ही बनाने पर विचार करना चाहिए.’ करमन एर्दोगन को दुनिया के सभी मुसलमानों के नेता या खलीफा के रूप में चित्रित करने के समर्थक हैं.

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