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वायनाड में प्रियंका ने राहुल गांधी को भी पीछे छोड़ा, संसद पहुंचने वाली गांधी फैमिली की 9वीं सदस्य

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नई दिल्ली,

वायनाड संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव के रूझानों में लगातार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लगातार अपनी बढ़त को मजबूत करते जा रही हैं और फिलहाल वह 4 लाख से अधिक वोटों से आगे चल रही हैं. यह प्रियंका गांधी के सियासी करियर का पहला चुनाव था जहां उनका मुकाबला भाकपा के वरिष्ठ नेता सत्यन मोकेरी और भाजपा की नव्या हरिदास से था.

सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या वह अपने भाई राहुल गांधी जैसी बड़ी जीत को दोहरा पाती हैं. 2019 में राहुल गांधी ने 4,31,770 वोट और 2024 में 3,64,422 वोट से चुनाव जीता था. राहुलगांधी ने इस साल की शुरुआत में वायनाड सीट खाली कर दी थी क्योंकि अमेठी से सांसद बने रहने का फैसला किया था. वह नेहरू-गांधी परिवार की ओर राजनीति में एंट्री करने वाली 10वीं सदस्य हैं.

गांधी परिवार से सियासत में एंट्री ले चुके हैं ये सदस्य
प्रियंका से पहले गांधी परिवार में से जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, फिरोज गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, मेनका गांधी, वरुण गांधी और राहुल गांधी राजनीति में एंट्री कर चुके हैं. प्रियंका गांधी अब अपनी राजनीति देश के दक्षिणी हिस्से से शुरू करेंगी. वह अपनी दादी और देश की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी, मां सोनिया गांधी और चाची मेनका गांधी के बाद चौथी महिला सदस्य हैं जो संसद पहुंचेंगी.

जवाहरलाल नेहरू
देश के पहले और लंबे वक्त तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर आसीन होने वाले जवाहरलाल साल 1912 में राजनीति सक्रिय हो गए थे, लेकिन उन्होंने अपना पहला चुनाव देश को आजादी मिलने के बाद हुए लोकसभा चुनावों में लड़ा था. वह 15 अगस्त, 1947 से लेकर 27 मई, 1964 तक 16 साल प्रधानमंत्री रहे.

इंदिरा गांधी
इंदिरा गांधी ने कांग्रेस की केंद्रीय कार्यसमिति की सदस्य के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी. पर उन्होंने अपना पहला चुनाव पिता के निधन के बाद साल 1967 में उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से लड़ा थी. इंदिरा गांधी साल 1966-77 और 1980 से 1984 तक देश की प्रधानमंत्री रहीं.इंदिरा गांधी द्वारा अपने कार्यकाल में विपक्षी नेताओं के आंदोलन को रोकने के लिए लगाई गई इमरजेंसी की आज भी आलोचना होती है.

फिरोज गांधी
इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी देश स्वतंत्रता आंदोलनों में काफी सक्रिय रहे. देश को आजादी मिलने के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर प्रतापगढ़-रायबरेली सीट से चुनाव लड़ा और जीता था. इसके बाद उन्होंने साल 1957 में यूपी के रायबरेली से चुनाव लड़ा था.

संजय गांधी
इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी अपनी युवावस्था से ही राजनीति में दिलचस्पी रखते थे और विदेश से लौटने के बाद वह राजनीति में सक्रिय हो गए. उन्होंने अपना पहला चुनाव इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में यूपी के अमेठी से लड़ा था. इस चुनाव में वह बुरी तरह हार गए. हालांकि, 1980 में हुआ लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर से अमेठी से चुनाव लड़ा और जीत गए. पर 23 जून 1980 को एक प्लेन दुर्घटना में उनका निधन हो गया.

राजीव गांधी
देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने छोटे भाई संजय गांधी के निधन के बाद साल 1981 में अमेठी में हुए उपचुनाव जीत कर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी, लेकिन बाद में साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी. वहीं, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में हुए आम चुनावों में उनके नेतृत्व में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत मिला था जो आज भी रिकॉर्ड है. हालांकि, साल 1991 में होने वाले आम चुनाव के प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरुमबुदुर में उनकी हत्या कर दी गई थी.

मेनका गांधी
मेनका गांधी ने साल 1984 के आम चुनाव में अपना अलग दल बनाकर राजनीतिक करियर की शुरुआत की. उन्होंने 84 के आम चुनाव में संजय गांधी का निर्वाचन क्षेत्र रहे अमेठी से लड़ा था. बाद में उन्होंने 1989 में यूपी के पीलीभीत से चुनाव लड़ा था.

सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने अपने पति राजीव गांधी की हत्या के कई साल बाद राजनीति में एंट्री करते हुए साल 1997 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी. इसके बाद वह साल 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं थीं. उन्होंने अपने पहला चुनाव साल 1999 कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा. अमेठी के बाद उन्होंने साल 2004 में अमेठी की सीट को छोड़कर रायबरेली से चुनाव लड़ा था. वह इस सीट से 2024 तक संसद रहीं हैं.

वरुण गांधी
गांधी परिवार के सदस्य और संजय गांधी के बेटे वरुण गांधी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2004 में की थी. उन्होंने साल 2004 में पीलीभीत लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने यूपी की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद भवन पहुंचे थे. साल 2024 के आम चुनाव में बीजेपी ने उनका सुल्तानपुर से टिकट काट दिया था.

राहुल गांधी
राहुल गांधी ने साल 2004 में कांग्रेस की पारंपरिक सीट अमेठी से पहला चुनाव लड़ा था. इस सीट से वह तीन बार सांसद चुने गए थे, लेकिन साल 2019 के आम चुनाव में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने हरा दिया था. 2019 में उन्होंने अमेठी और वायनाड से चुनाव लड़ा था, वह अमेठी से हार गए थे, लेकिन वायनाड से चुनाव रिकॉर्ड मतों से जीत लिया था. साल 2024 के आम चुनाव में राहुल गांधी ने यूपी की रायबरेली और वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों से जीत हासिल की थी. वर्तमान में वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं.

 

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