लखनऊ
उत्तर प्रदेश की विधानसभा में गुरुवार को महिला सदस्यों के लिए एक दिन विशेष रूप से आरक्षित किया गया। सदन में महिला विधायकों को गुरुवार को विशेष रूप से बोलने के अवसर दिए गए, जिसमें कई सदस्यों ने बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी। सदन की कार्यवाही के क्रम में स्पीकर ने पूर्वांचल के मछली शहर से आने वाली विधायक रागिनी सोनकर ने भी एक जोरदार भाषण दिया।
विधानसभा में सीएम योगी और अखिलेश यादव की मौजूदगी में रागिनी ने कहा कि ऐसा सोचा जाता है कि अगर महिलाएं आगे आएंगी तो पुरुष पीछे हो जाएंगे। हम आपके आगे या पीछे नहीं चलना चाहते। हम लोग तो चाहते हैं कि हम आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चलें।
एम्स से मेडिकल स्टडीज कर चुकी हैं रागिनी
रागिनी सोनकर पूर्वांचल के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में से एक जौनपुर से विधायक हैं। उन्होंने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और आरजी कर मेडिकल कॉलेज कोलकाता से पढ़ाई की है। रागिनी एमबीबीएस और एमडी हैं और वह राजनीति में आने से पहले दिल्ली एम्स के नेत्र विभाग में काम करती थीं। रागिनी के पिता कैलाश सोनकर वाराणसी की अजगरा सीट से विधायक हैं। वहीं उनके पति डॉ. संदीप स्किन स्पेशलिस्ट हैं।
4 बार के विधायक का टिकट काटकर मिला मौका
2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने रागिनी को मछलीशहर सीट से टिकट दिया था। इस सीट पर अखिलेश के करीबी शैलेंद्र यादव ललई भी विधायक रह चुके हैं। मछलीशहर में 4 बार विधायक रहे जगदीश सोनकर इस सीट से प्रबल दावेदार थे, लेकिन अखिलेश यादव की नाराजगी के कारण रागिनी को आखिरी वक्त में यहां से टिकट मिला। रागिनी ने इन चुनावों में 90 हजार से अधिक वोट पाकर जीत हासिल की। बड़ी बात ये कि जौनपुर जिले की 9 सीटों में रागिनी को एकलौती महिला विधायक होने का गौरव भी मिला।
सदन और क्षेत्र में काफी सक्रिय
रागिनी जिस सीट से चुनकर विधानसभा में पहुंची हैं, वह दलित और पिछड़ी जातियों के प्रभाव वाली सीट है। मछली शहर विधानसभा सीट पर ब्राह्मण, राजपूत, यादव, पटेल समेत दूसरी पिछड़ी जातियों की मिली जुली आबादी है। इस सीट पर 3 लाख 57 हजार के करीब मतदाता हैं। 2022 में इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपना कब्जा बरकरार रखा है और बीजेपी को इस बार भी इस सीट पर मायूसी हाथ लगी। रागिनी इस सीट पर एक लोकप्रिय राजनेता के रूप में जानी जाती हैं और सदन में भी काफी सक्रिय रूप से कार्यवाहियों में हिस्सा लेती हैं।
