नई दिल्ली
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा संसद में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर दिए गए बयान पर हंगामा थम नहीं रहा है। इस बयान के खिलाफ कांग्रेस देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है तो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती के भतीजे और पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर तीखा हमला बोल दिया है।
आकाश आनंद ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर करोड़ों शोषितों, वंचितों और गरीबों के लिए भगवान समान हैं लेकिन आजकल वोटों के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करना एक फैशन बन गया है।आकाश आनंद ने कहा, “पहले देश के गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में उनका अपमान किया, फिर राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने हमारी नीली क्रांति को फैशन शो बनाया और उसके बाद अरविंद केजरीवाल ने बाबा साहेब की छवि के साथ छेड़छाड़ की।”
आकाश आनंद ने कहा है कि देश के दलित, शोषित, वंचित उपेक्षितों के आत्म-सम्मान के लिए बीएसपी का मिशन जारी रहेगा और गृह मंत्री अमित शाह को पश्चाताप करना ही पड़ेगा।बसपा भी अमित शाह के बयान को लेकर उत्तर प्रदेश सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है।
इससे पहले मायावती ने भी अमित शाह के बयान को डॉ. आंबेडकर का अपमान बताया था। मायावती ने कहा था कि शाह के बयान को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है लेकिन कांग्रेस पार्टी का इसको लेकर उतावलापन विशुद्ध छलावा व स्वार्थ की राजनीति है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि बाबा साहेब का नाम लेकर उनके अनुयाइयों के वोट के स्वार्थ की राजनीति करने में कांग्रेस व भाजपा आदि पार्टियां एक जैसी हैं।गृहमंत्री अमित शाह के बयान के खिलाफ जयपुर में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने चलाई लाठी, वाटर कैनन का भी हुआ इस्तेमाल
अमित शाह ने क्या कहा था?
यह पूरा विवाद 17 दिसंबर को अमित शाह के संसद में दिए एक भाषण के बाद शुरू हुआ। राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह ने कहा था, “अभी एक फैशन हो गया है…आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।”
बीजेपी ने दिया कांग्रेस को जवाब
कांग्रेस की ओर से आंबेडकर का अपमान करने के जवाब में बीजेपी के नेताओं ने कहा था कि कांग्रेस ने कभी भी डॉक्टर आंबेडकर का सम्मान नहीं किया। बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस की सरकारों ने कभी आंबेडकर का स्मारक नहीं बनवाया, इसके उलट बीजेपी सरकारों ने उनसे जुड़े कई स्थलों का विकास किया और मोदी सरकार ने ‘संविधान दिवस’ मनाने की भी घोषणा की। बीजेपी का कहना है कि आजादी के बाद लंबे वक्त तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने कभी भी डॉक्टर आंबेडकर को भारत रत्न का सम्मान नहीं दिया।
