4.9 C
London
Sunday, March 15, 2026
Homeराजनीतिउत्तराखंड में बीजेपी के फॉर्मूले को आजमाएंगे राहुल, हमले के लिए चुने...

उत्तराखंड में बीजेपी के फॉर्मूले को आजमाएंगे राहुल, हमले के लिए चुने मोदी के पुराने तीर

Published on

देहरादून

2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अब बीजेपी के फॉर्मूले को ही आजमाने जा रही है। राहुल गांधी और उनकी टीम बड़े राज्यों के अलावा छोटे राज्यों पर भी फोकस कर रही है। पिछले पांच साल में कांग्रेस की रणनीति में यह बड़ा बदलाव है। इसके अलावा एक और चेंज हुआ है। कांग्रेस विपक्षी बीजेपी के मजबूत किले में मजबूती से विरोध करती नजर आएगी। बीजेपी के विरोध के लिए राहुल गांधी अब नरेंद्र मोदी के स्टाइल में नजर आ रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में पदयात्रा करने का ऐलान किया है, जहां लोकसभा की पांच सीटें हैं। पिछले दो आम चुनावों में देवभूमि की पांचों सीट भारतीय जनता पार्टी के खाते में रही है। बीजेपी इतिहास बनाते हुए उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव भी जीत चुकी है। बीजेपी के वर्चस्व को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने जिन मुद्दों को उछाला है, वह उत्तराखंड के हिसाब से सटीक भी है।

सेना से जुड़े मुद्दे क्यों उत्तराखंड में हिट होते हैं
पदयात्रा के बाद कर्नाटक की जीत से कांग्रेस को चुनावी सक्सेस का फॉर्मूला मिल गया है। कांग्रेस उत्तराखंड में पदयात्रा करेगी। राहुल गांधी ने वादा किया है कि वह भी 10 दिनों तक पहाड़ी राज्य के जिलों में घूमेंगे। उनके साथ पदयात्रा में प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के स्टार चेहरे भी शामिल होंगे। इस दौरान राहुल गांधी और उनकी टीम अग्निवीर योजना, भर्ती घोटाला और उत्तराखंड से युवाओं का पलायन का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगी। कांग्रेस का कहना है कि अग्निवीर योजना ने युवाओं के सपने तोड़े हैं। कांग्रेस की रणनीतिकारों को लगता है कि अग्निवीर योजना से पार्टी आसानी से पहाड़ी युवाओं से कनेक्ट हो जाएगी । यह काफी हद तक कारगर साबित हो सकती है।2021 में रक्षा मंत्रालय ने संसद को जानकारी दी थी कि सेना में उत्तराखंड की हिस्सेदारी पांच फीसदी है। तब 68,997 जवान सिर्फ सेना में थे। अनुमान है कि अब इनकी संख्या 72000 के पार हो गई है। अर्धसैनिक बलों में भी उत्तराखंड के युवाओं की अच्छी भागीदारी है। राज्य में करीब 1 लाख 70 हजार रिटायर्ड फौजी हैं। सैन्य विधवाओं की तादाद भी करीब 50 हजार है। यूपी, हरियाणा, पंजाब, बिहार और राजस्थान की तरह उत्तराखंडी युवाओं में भी सेना में भर्ती होने का क्रेज है।

2014 में नरेंद्र मोदी ने दो मुद्दों से पलट दिया था खेल
पलायन का मु्द्दा तो उत्तराखंड का दशकों पुराना मुद्दा है। पोस्टल इकोनॉमी वाले राज्य के लिए बुरी खबर यह रही है कि यहां से पलायन कभी रुका ही नहीं। ग्रामीण विकास मंत्रालय और पलायन निवारण आयोग ने हालिया रिपोर्ट में बताया कि 2018 से 2022 के बीच उत्तराखंड के गांवों से 3.3 लाख से अधिक लोगों ने देश के अन्य राज्यों में पलायन किया। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण रोजगार की कमी ही रही है। उत्तराखंड का पर्यटन उद्योग अपने स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दे पाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सैनिक परिवारों को लुभाने के लिए वन रैंक, वन पेंशन का वादा किया था। पलायन रोकने के लिए पर्यटन को मंत्र बताकर नरेंद्र मोदी ने 9 साल पहले 55.3 प्रतिशत वोट हासिल किए थे।

एंटी इनकंबेसी का माहौल बनाने की कोशिश
राहुल अब नरेंद्र मोदी के फार्मूले को बीजेपी के खिलाफ आजमाने वाले हैं। दो टर्म लगातार सत्ता में रहने वाली बीजेपी के लिए एंटी इनकंबेसी का माहौल बनाने के लिए पहाड़ का दिल छूने वाले मुद्दे मुसीबत बन सकते हैं। राहुल गांधी की प्रस्तावित पदयात्रा बीजेपी की टेंशन बढ़ा सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति सुधरी थी। उसे 2017 के मुकाबले 4.4 फीसदी वोट ज्यादा मिले थे। 8 सीटों का फायदा भी हुआ था। मैदानी इलाकों में कांग्रेस का स्ट्राइक रेट बेहतर था। राहुल की पदयात्रा के जवाब के लिए बीजेपी को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।

Latest articles

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

बीएचएल (BHEL) की जमीन पर बड़े उद्योगपति की नजर, नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट

भेल, भोपाल। भोपाल से खबर है कि देश के दूसरे सबसे बड़े उद्योगपति की शहर...

बैरसिया तहसील में एसडीएम ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने ग्रामीण वितरक एजेंसियों  का निरीक्षण किया

कलेक्टर  कौशलेंद्र विक्रम  सिंह के निर्देशानुसार घरेलू एलपीजी गैस की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने डब्ल्यूसीएल की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy ने Western Coalfields Limited (डब्ल्यूसीएल)...

महिला समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार, सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि महिला शक्ति न केवल परिवार, बल्कि समाज...