जयपुर,
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में हैवानियत की घटना सामने आने के बाद बवाल शुरू हो गया है. गर्भवती आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने का संगीन मामला सामने आने के बाद BJP ने गहलोत सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. बीजेपी के बड़े नेता और विधानसभा उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सीएम अशोक गहलोत से जवाब मांगा है. बता दें कि आरोपी महिला का पति ही है. पुलिस ने आरोपी पति काना मीणा को हिरासत में लिया है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा,’प्रतापगढ़ में आदिवासी महिला के साथ दुर्व्यवहार का वीडियो देखने के बाद रूह कांप उठती है. अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वह अपराध का वीडियो भी खुलेआम बना रहे हैं. यह दुर्व्यवहार समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों की हार है. प्रदेश सरकार से अनुरोध है कि दोषियों को इतनी सख्त सजा दी जाए कि ऐसे अपराधों का विचार आने पर भी अपराधियों के मन में भय उत्पन्न हो जाए.’
वीडियो में रोती नजर आई महिला
बता दें कि प्रतापगढ़ जिले के एक गांव में 21 साल की महिला को निर्वस्त्र करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यहां गर्भवती महिला को निर्वस्त्र करने के बाद गांव में घुमाया गया है. वीडियो में महिला रोती हुई नजर आ रही है. जानकारी के मुताबिक महिला को उसके पति और परिवार के लोगों ने ही निर्वस्त्र किया और उसके साथ मारपीट की है. मामला सामने आने के बाद प्रतापगढ़ एसपी के साथ बांसवाड़ा रेंज के आईजी ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मोर्चा संभाल लिया है.
हैवानित के पीछे पीहर और सुसराल पक्ष में विवाद
डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले में महिला के साथ हुई घटना निंदनीय है। पीहर और ससुराल पक्ष के आपसी पारिवारिक विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों ने ये शर्मनाक काम किया है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह टीम गठित की गई है और प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार गांव में कैंप कर रहे हैं।
चार दिन पहले भागी थी प्रेमी संग
जानकारी के मुताबिक मामला प्रतापगढ़ जिले के धरियावद कस्बे के पहाड़ा गांव का है. वीडियो चार दिन पुराना बताया जा रहा है. यहां की रहने वाली महिला की एक साल पहले शादी हुई थी. उसका पास के गांव के रहने वाले युवक के साथ प्रेम-प्रसंग था और महिला गर्भवती भी है. चार दिन पहले वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी. जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो परिवार के लोगों ने महिला का पीछा किया और उसे पकड़ लिया.
सीएम गहलोत ने भी दिया बयान
प्रतापगढ़ जिले में पीहर और ससुराल पक्ष के आपसी पारिवारिक विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा एक महिला को निर्वस्त्र करने का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस महानिदेशक को एडीजी क्राइम को मौके पर भेजने एवं इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सभ्य समाज में इस तरह के अपराधियों की कोई जगह नहीं है। इन अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे डालकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सजा दिलवाई जाएगी।
BJP ने गहलोत सरकार पर उठाए सवाल
इसके बाद एक और पोस्ट कर पूनिया ने सरकार से कई सवाल किए. उन्होंने कहा,’अशोक गहलोत जी, कोई जवाब है इस हैवानियत का आपके पास? राजस्थान में महिलाओं के प्रति बढ़ते वीभत्स अपराध चीख-चीख कर दरिंदगी बयान कर रहे हैं और आप किसी अबला की अस्मत बचाने की बजाए कुर्सी बनाए रखने की सियासत में व्यस्त हैं, लानत है ऐसी कुर्सी और ऐसी सियासत पर, जनता तो क्या अब तो भगवान भी माफ नहीं करेगा.’
बीजेपी ने सरकार को घेरा, वसुंधरा राजे ने वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने इस मामले में कहा कि ‘आज राजस्थान फिर शर्मसार है। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद तहसील के पहाड़ा ग्राम पंचायत के निचला कोटा में महिला अत्याचार की घटना का प्रशासन को भनक नहीं लगना बताता है कि आखिर राजस्थान क्यों महिला दुष्कर्म और अत्याचार में नंबर 1 पर है।’ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस मामले में सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों के सामने गर्भवती महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो वायरल हुआ लेकिन प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राजस्थान को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर वीडियो साझा नहीं करने की भी अपील की है।
पीड़िता और आरोपी दोनों आदिवासी
इसके बाद गर्भवती महिला को गांव लाया गया. पति ने महिला को निर्वस्त्र किया गया. इसमें महिला के माता-पिता और परिवार के अन्य लोग भी शामिल रहे. गर्भवती महिला को निर्वस्त्र किए जाने और उसके साथ मारपीट कर गांव में घुमाए जाने का वीडियो शुक्रवार शाम को सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. मामले की जांच के लिए चार पुलिस थानों के अधिकारियों की 6 टीम बनाई गई हैं. इनमें दो डीएसपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पीड़िता और आरोपी दोनों ही आदिवासी परिवार से आते हैं. पहाड़ा गांव भी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है.
