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Friday, May 8, 2026
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सुप्रीम कोर्ट : किरेन रिजिजू के हटते ही बिजली की फुर्ती से दो नए जजों कि नियुक्ति, फुर्र हुआ तकरार

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नई दिल्ली

दिन गुरुवार, अचानक खबर आती है कि मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर दिया है। किरेन रिजिजू से कानून मंत्रालय वापस ले लिया गया है। उनकी जगह पर अर्जुन राम मेघवाल नए कानून मंत्री होंगे। खबर आते ही पहले तो हैरानी होती है फिर धीरे-धीरे लोगों को रिजिजू के जूडिशरी को लेकर दिए बयान याद आने लगते हैं। ऐसा लगता है कि जूडिशरी और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध था, उसकी वजह से ही यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इसको लेकर कोई कारण नहीं बताया गया है। राजनीतिक पंडितों की तरफ से भी कहा जाने लगा कि रिजिजू के बयानों की वजह से ही उनके साथ ऐसा हुआ है।

रिजिजू के इस्तीफा, जजों के नाम को मंजूरी
इसी के साथ खबर आती है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दो जजों के नियुक्ति की कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की तरफ से केंद्र सरकार को पास दो नाम भेजे गए थे। केंद्र की तरफ से महज 48 घंटे के भीतर ही इन नामों को हरी झंडी दे दी गई। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दो जज आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और सीनियर एडवोकेट केवी विश्वनाथन ने शपथ ली। अब राजनीतिक विश्लेषक किरेन रिजिजू के इस्तीफे और नए जजों के नामों को मंजूरी को लेकर भी कनेक्शन देख रहे हैं। माना जा रहा है कि केंद्र और न्यायपालिका के बीच टकराव को दूर करने के लिए यह रिजिजू की कानून मंत्रालय से विदाई है। रिजिजू के विदाई के तुरंत बाद केंद्र की तरफ से नामों को मंजूरी मिलने को दोनों के बीच टकराव खत्म होने का सूचक भी माना जा रहा है।

रिजिजू के निशाने पर था कॉलेजियम
किरेन रिजिजू ने खुलकर कहा था कि कॉलेजियम सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। रिजिजू ने कॉलेजियम में सरकार के प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव भी दिया था। इसी तरह हाई कोर्ट कॉलेजियम में संबंधित राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात कही थी । किरेन रिजिजू ने जजों की नियुक्ति करने के लिए बने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम सिस्टम को अपारदर्शी बताया था। एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्तियों पर रिजिजू ने कहा था कि वह कोई सरकार नहीं हैं। उनके पास जजों की कई तरह की शिकायतें आती हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की जो प्रोसेस है उसमें मेरी असहमति है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कोई सरकार नहीं हैं। रिजिजू का कहना था कि भारत का संविधान सुप्रीम है और कोई भी उससे ऊपर नहीं है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू की अंकल जज सिंड्रोम वाली टिप्पणी पर काफी हंगामा हुआ था। रिजिजू ने कहा था कि कॉलेजियम के चलते ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जहां जज सिर्फ उन्हीं का नाम लेते हैं जिसको वो जानते हैं। रिजिजू ने बताया कि अंकल जज का मतलब है कि अगर आपका कोई जानने वाला जज बन गया तो आपका रास्ता साफ हो गया।

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