जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने न्यायपालिका पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगाया है। जयपुर में मीडिया से बात करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि ज्यूडिशियरी में इतना भयंकर करप्शन है कि कई वकील तो खुद ही फैसला लिख कर ले जाते हैं। उन्होंने ऐसा सुना है कि जो वकील लिखकर ले जाते हैं, वही जजमेंट आता है। उन्होंने कहा कि ज्यूडिशियरी के अंदर यह क्या हो रहा है। चाहे लोअर ज्यूडिशियरी हो या अपर। हालात चिंताजनक है। देशवासियों को सोचना चाहिए।
मेघवाल के भ्रष्टाचार मामले की जांच कराएंगे – गहलोत
बीजेपी विधायक कैलाश मेघवाल की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़े सवाल पर सीएम गहलोत ने कहा कि कैलाश मेघवाल ठीक बोल रहे हैं। गहलोत ने इस मामले की जांच कराने की बात कही है। गहलोत ने कहा कि उन्हें मालूम चला है कि उनके (अर्जुनराम मेघवाल) वक्त में बहुत बड़ा करप्शन हुआ था, उसे दबा दिया गया। इन लोगों ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। इन्होंने किसी की परवाह नहीं की। गहलोत ने कहा कि हम तो कभी किसी के पीछे पड़ते नहीं हैं। ज्यूडिशियरी, आरपीएससी और एसीबी कभी इंटरफेयर नहीं किया है। गहलोत ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इन संस्थाओं के काम में हस्तक्षेप नहीं किया।
ईडी, इनकम टैक्स के अफसर दो टूक बात करें अन्यथा इतिहास माफ नहीं करेगा
सीएम गहलोत ने कहा कि वर्तमान में देश की जांच एजेंसियों की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है। सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स बिना असेसमेंट किए हुए लोगों के घरों में जबरन घुस रही है। जांच एजेंसियों के अफसरों से पूछना चाहिए कि तुम ऊपर के आदेश पर पहले बिना कोई छानबीन किए घरों में घुस रहे हो। असेसमेंट करके गड़बड़ी की पहचान ही नहीं की और घरों में घुस जाते हो। आपकी अंतरात्मा, आपका परिवार, आपका जमीर क्या इसकी गवाही दे रहा है। यह सोचने का समय है। उनको चाहिए कि वह ऊपर वालों से दो टूक बात करें कि हम ऐसा नहीं कर सकते।
