9 C
London
Tuesday, April 7, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयब्रिटेन में पैदा हुआ 'हिंदू राष्ट्रवाद' का जिन्न, लीक सरकारी रिपोर्ट में...

ब्रिटेन में पैदा हुआ ‘हिंदू राष्ट्रवाद’ का जिन्न, लीक सरकारी रिपोर्ट में दावा, बताया देश के लिए खतरा

Published on

लंदन:

ब्रिटेन की एक लीक सरकारी रिपोर्ट में खालिस्तान आंदोलन और हिंदू राष्ट्रवाद को उग्रवाद के नए रूप के तौर पर वर्णित किया है। पिछले साल, ब्रिटिश गृहमंत्री यवेट कूपर ने उग्रवाद पर सरकारी नीति की समीक्षा की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि ‘रैपिड एनालिटिकल स्प्रिंट’ नामक समीक्षा चरमपंथी प्रवृत्तियों की खोज और निगरानी करेगी और चरमपंथ का मुकाबला करने के लिए एक नया रणनीतिक दृष्टिकोण प्रस्तावित करेगी।

रिपोर्ट में किन-किन उग्रवादों का जिक्र
थिंक टैंक पॉलिसी एक्सचेंज ने लीक रिपोर्ट की समीक्षा के बाद बताया कि ब्रिटेन में उग्रवाद के नौ प्रकारों को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें इस्लामी आतंकवाद, चरम दक्षिणपंथी उग्रवाद, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, खालिस्तान समर्थक उग्रवाद, हिंदू राष्ट्रवादी उग्रवाद, पर्यावरण उग्रवाद, वामपंथी उग्रवाद, अराजकतावादी और एकल-मुद्दे वाला उग्रवाद, हिंसक प्रवृतियों के प्रति आकर्षण शामिल हैं। उल्लेखनीय रूप से इनमें महिलाओं या आधी आबादी के प्रति उग्रवाद, खालिस्तान आंदोलन और हिंदू राष्ट्रवाद को नए खतरों के रूप में दिखाया गया है।

हिंदू राष्ट्रवाद पर थिंक टैंक ने क्या कहा
थिंक टैंक ने कहा कि ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की समीक्षा ने हिंदू राष्ट्रवाद को सही ढंग से चिन्हित किया है। लेकिन, थिंक टैंक ने यह भी कहा कि समीक्षा में इस्लामी चरमपंथ को कम करके आंका गया है, जबकि ब्रिटेन में हुए अधिकांश आतंकवादी हमलों या हिंसक घटनाओं में यह शामिल रहा है।

ब्रिटेन में हिंदू राष्ट्रवाद क्यों चर्चा में आया
पॉलिसी एक्सचेंज के अनुसार, 2022 में इंग्लैंड के लीसेस्टर में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा गृह कार्यालय की समीक्षा में हिंदू राष्ट्रवाद को शामिल करने का कारण है। होम ऑफिस की लीक हुई समीक्षा पर थिंक टैंक की 30-पृष्ठ की रिपोर्ट में हिंदू राष्ट्रवाद को एक “कम महत्व दिया जाने वाला विषय” बताया गया है, जिस पर गृह कार्यालय ने संभवतः पहली बार विस्तार से चर्चा की है। इसने कहा कि 2023 में चरमपंथ से निपटने वाले सरकारी कार्यक्रम की एक अलग समीक्षा में इसे शामिल न करना एक गलती थी।

रिपोर्ट में हिंदू राष्ट्रवाद पर क्या कहा गया
रिपोर्ट में कहा गया है, “सितंबर 2022 में लीसेस्टर में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच हुई हिंसा को देखते हुए, सरकार ने कथिक हिंदू राष्ट्रवादी ‘चरमपंथ’ को सुर्खियों में लाने का सही फैसला किया है – खासकर इसलिए क्योंकि इसके बारे में आम तौर पर लोगों को कम जानकारी है।” समीक्षा में लीसेस्टर हिंसा में हिंदू राष्ट्रवाद को चिन्हित किया गया है, लेकिन इसमें मुस्लिम चरमपंथ की भी भूमिका बताई गई है।

खालिस्तान पर ब्रिटेन का क्या रुख है
थिंक टैंक ने कहा कि गृह मंत्रालय की समीक्षा में पाया गया कि “मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के भीतर प्रमुख आवाजों ने स्थानीय समुदायों के बीच तनाव का अवसरवादी रूप से फायदा उठाने और नफरत भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” खालिस्तान चरमपंथ के लिए, समीक्षा में कहा गया है कि खालिस्तान आंदोलन अपने आप में चरमपंथी नहीं है, लेकिन थिंक टैंक के अनुसार “समस्या तब होती है जब यह दृष्टिकोण उस उद्देश्य के समर्थन में हिंसा की वकालत करता है।”

Latest articles

प्रदेश की कृषि मण्डियों का होगा कायाकल्प: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास कार्यों के लिए दी 87.49 करोड़ की मंजूरी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की कृषि उपज मण्डी...

मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही अमिता श्रीवास को माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए दीं शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही...

जग्गी हत्याकांड: अमित जोगी को 20 साल बाद उम्रकैद की सजा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते...

More like this

ट्रम्प बोले- ईरान से डील नहीं हुई तो उपराष्ट्रपति दोषी, अमेरिका ने जंग के बीच 3 आर्मी अफसरों को हटाया

तेहरान। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जंग के बीच आर्मी चीफ जनरल...

Iran-US War: ईरान की पूरी लीडरशिप, नेवी… एयर फ़ोर्स और मिसाइलें सब खत्म, ट्रंप ने कहा- अब और बड़ा हमला करेंगे

वाशिंगटन डीसी। गुरुवार को US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान (Iran-US War) के साथ...

इजरायल का बड़ा दावा: लेबनान में मारा गया ईरानी कमांडर अल-जौहरी

तेहरान। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल (Middle East War) के हमले जारी हैं...