बीजिंग
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में गलवान घाटी संघर्ष का वीडियो चलाया गया। इतना ही नहीं, इस बैठक में गलवान झड़प में भारतीय सैनिकों के हाथों मार खाए चीनी सैन्य अधिकारी क्वी फैबाओ को भी शामिल किया गया। क्वी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस के उन 304 प्रतिनिधियों में शामिल थे, जिन्हें कम्युनिस्ट पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए चुना गया था। बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित इस बैठक का उद्घाटन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने किया। उन्होंने बैठक के दौरान चीनी सेना को विश्व स्तरीय बनाने और उसकी ताकत बढ़ाने का वादा भी किया। इसी कांग्रेस में शी जिनपिंग को चीन का तीसरी बार राष्ट्रपति भी चुना जाएगा। इसके अलावा चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग और विदेश मंत्री वांग यी की जगह दूसरे अधिकारियों की नियुक्ति भी होगी।
मार खाने वाले चीनी कमांडर को भी बुलाया गया
पीएलए रेजिमेंट कमांडर क्वी फैबाओ को राष्ट्रीय कांग्रेस में एक प्रतिनिधि के तौर पर बुलाया गया था। रविवार को द पीपल में जब उनका फुटेज चला तो उन्हें ताली बजाकर शाबाशी भी दी गई। वीडियो में क्वी फैबाओ 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के दौरान भारतीय सैनिकों की ओर दौड़ते हुए दिखाया गया। झड़प का यह छोटा वीडियो फुटेज अलग-अलग क्षेत्रों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले एक लंबे वीडियो का हिस्सा था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह फुटेज गलवान में संघर्ष वाले इलाके में चीनी सैनिकों की तैनाती के दौरान का प्रतीत हो रहा है। गलवान घाटी हिंसा के बाद इस वीडियो को चीनी सोशल मीडिया पर व्यापक तौर पर शेयर किया गया था।
ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल के स्क्रीन पर शेयर की गई क्लिप
रविवार को इस क्लिप को ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल के ऑडिटोरियम के विशाल स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया। यह वही जगह है, जहां चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस को आयोजित किया गया है। इस वीडियो को शी जिनपिंग के आगमन और भाषण के ठीक पहले चलाया गया। उस समय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधि हॉल के अंदर प्रवेश कर रहे थे। बाद में भाषण के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि चीन युद्ध की परिस्थितियों को देखते हुए अपने सैन्य प्रशिक्षण को तेज करेगा। तीनों सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा हाईटेक सैन्य तकनीक के विकास पर भी फोकस किया जाएगा। हालांकि, शी जिनपिंग ने युद्धों को लेकर किसी देश के नाम का जिक्र नहीं किया।
बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक में भी शामिल था यह कमांडर
क्वी फैबाओ को चीन में भारत विरोधी प्रॉपगैंड का हीरो माना जाता है। फैबाओ के नाम का पहली बार जिक्र गलवान घाटी हिंसा के ठीक एक साल बाद 2021 में आया था। तब चीन ने उन्हें नायक बताते हुए सीमा की रक्षा के लिए हीरो रेजिमेंटल कमांडर की उपाधि से सम्मानित किया था। इस साल फरवरी में चीन ने क्वी फैबाओ को बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक का एक मशालची नियुक्त किया था। इसी के विरोध में भारत ने ओलंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह दोनों के राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की थी।
