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बारसू में ग्रामीणों पर नहीं हुआ लाठीचार्ज, CM एकनाथ शिंदे का दावा, आम सहमति के बाद होगा रिफाइनरी का काम

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मुंबई

कोकण में प्रस्तावित बारसू रिफाइनरी परियोजना को स्थानीय लोगों की सहमति के बिना लागू नहीं किया जाएगा। सीएम एकनाथ शिंदे ने यह भरोसा दिलाया है। सीएम ने यह बात तब कही, जब पिछले दो दिन से चल रहा रिफाइनरी विरोधी आंदोलन शुक्रवार को उग्र हो गया। पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करना पड़ा। रिफाइनरी का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों पर पुलिस के बल प्रयोग की खबरों के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर हमला तेज कर दिया। इसके बाद सीएम ने मुंबई में मीडिया से बात की। उन्होंने बारसू में पुलिस द्वारा नागरिकों पर लाठी चार्ज की खबरों को गलत बताया और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की। शिंदे ने कहा कि उन्होंने रत्नागिरी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ जिले के प्रभारी मंत्री उदय सामंत से बात की है। जिलाधिकारी ने उन्हें बताया कि परियोजना स्थल पर कोई लाठी चार्ज नहीं हुआ है।

उद्धव ठाकरे द्वारा परियोजना का विरोध करने और स्थानीय लोगों के समर्थन में उतरने की खबर पर सीएम शिंदे ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने खुद ही केंद्र सरकार को बारसू का सुझाव दिया था। मुख्यमंत्री का पद गंवाने के बाद वह परियोजना का विरोध कर रहे हैं। कोई व्यक्ति इस तरह के दोहरे मानदंड कैसे रख सकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि 70% से अधिक स्थानीय लोग परियोजना के समर्थन में हैं।

सरकार का रवैया तानाशाही भरा: नाना पटोले
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि शिंदे सरकार स्थानीय लोगों के साथ जबरदस्ती कर रही है। विरोध करने वालों को तितर-बितर करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। हमारी पार्टी का मानना है कि सरकार को स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना बारसू रिफाइनरी परियोजना पर निर्णय नहीं लेना चाहिए, लेकिन सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है। अगर सरकार परियोजना का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों के साथ अन्याय और जुल्म करने के लिए पुलिस बल का प्रयोग जारी रखती है तो कांग्रेस पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

सीएम का दावा झूठा: चव्हाण
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस दावे को आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे सत्यजीत चव्हाण ने खारिज कर दिया कि 70 प्रतिशत लोग परियोजना के समर्थन में हैं। चव्हाण ने जनमत संग्रह कराने की अपील की। इसे लेकर चव्हाण सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने अक्टूबर-नवंबर में मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री उदय सामंत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। इसके पहले जून-जुलाई में सर्वेक्षण के लोग आए थे, लेकिन हमने सर्वेक्षण नहीं होने दिया। अब भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सर्वेक्षण शुरू किया गया है। वहां पश्चिम महाराष्ट्र सहित कोकण की पुलिस तैनात की गई है।

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