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Thursday, April 30, 2026
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कनाडा बॉर्डर पर हजारों की तादाद में जमा हैं भारतीय, गैरकानूनी तरीके से एंट्री की कोशिश, टेंशन में अमेरिका

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ओटावा

अमेरिका में कनाडा के रास्ते से गैरकानूनी तरीके से एंट्री करने वाले भारतीयों की संख्या में हालिया समय में बढ़ोत्तरी हुई है। खासतौर से उत्तरी अमेरिकी बॉर्डर पर ऐसे भारतीय प्रवासियों की संख्या में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है, जो कनाडा से अमेरिका में एंट्री ले रहे हैं। एनपीआर डॉट ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत से आए अप्रवासियों के समूह कनाडा की सीमा के पास क्लिंटन काउंटी में पहुंच रहे हैं। यहां उनको दूसरे लोग मिल जाते हैं और प्रवासियों को दक्षिण से न्यूयॉर्क शहर तक टैक्सियों के जरिए ले जाते हैं। इससे क्षेत्र में एक तरह की अलग अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है, जो पिछले डेढ़ साल में उत्तरी सीमा पर अनाधिकृत क्रॉसिंग की वजह से उभरी है और काफी फल-फूल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंटों के उत्तरी सीमा पर प्रवासियों की एंट्री रोकने की 20,000 से ज्यादा कोशिशें की हैं। यह पिछले साल से 95 फीसदी की वृद्धि है। एंट्री की कोशिश करने वाले 60 प्रतिशत भारतीय नागरिक थे। यहां शहर के दूसरे हिस्सों में इन अप्रवासियों को ले जाने वाले टैक्सी ड्राइवर शिवम हाल ही में यूएस आए हैं। वह कहते हैं कि वह कनाडा को अपस्टेट न्यूयॉर्क से जोड़ने वाले घने जंगलों से होकर अवैध रूप से अमेरिका में घुसे थे। इसके बाद अमेरिका में शरण का दावा किया और इमिग्रेशन जज के सामने सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके ऐसा करने का मकसद ये है कि कनाडा की तुलना में अमेरिका में अधिक अवसर मिलते हैं।

अमेरिका क्यों जाना चाहते हैं भारतीय
वर्मोंट विश्वविद्यालय में वैश्विक और क्षेत्रीय अध्ययन कार्यक्रम के निदेशक पाब्लो बोस कहते हैं ज्यादातर भारतीय अप्रवासियों के अमेरिका आने के अलग-अलग कारण हैं। बोस कहते हैं, ‘हमारे पास भारतीयों का एक बड़ा हिस्सा है जो मोटे तौर पर सेवा उद्योगों में काम करते हैं। प्रवासियों का मानना है कि अमेरिका में कनाडा की तुलना में कम कर और अधिक वेतन जैसी सुविधाएं हैं। ऐसे में लोग आसानी से कनाडा का वीजा लेकर पहुंचते हैं और फिर अमेरिका जाते हैं। उनको यह बात समझ में आ गई है कि अमेरिकी डॉलर कनाडा के डॉलर से 25 फीसदी अधिक मजबूत है।’

यूएस-कनाडा बॉर्डर पार करना आसान नहीं होता है। प्रवासियों को सर्दियों में बहुत ठंड का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका और कनाडा के बीच एक समझौते के तहत उन्हें तुरंत शरण देने से भी मना किया जा सकता है। इसके बावजूद लोग मध्य अमेरिका के खतरनाक हिस्सों या मैक्सिकन रेगिस्तान से यात्रा करने से अधिक सुरक्षित मानते हैं। लोगों को लगता है कि अमेरिका में एंट्री के बाद उनको कोई ना कोई काम मिल जाएगा और फिर वह शरण भी पा लेंगे।

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