ग्वालियर ,
राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार को बदमाशों ने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. राजपूत नेता की दिनदहाड़े घर में घुसकर की गई हत्या से देशभर के क्षत्रिय समाज के बीच गुस्से का उबाल है. हत्याकांड के विरोध में पूरे राजस्थान में बंद बुलाया गया. जबकि देश के तमाम शहरों में क्षत्रिय समाज ने धरना-प्रदर्शन किया. अब चंबल इलाके में डकैत रह चुके दद्दा मलखान सिंह ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के हत्यारों को बीच चौराहे पर गोली एनकाउंटर करने की मांग की है.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दस्यु सम्राट दद्दा मलखान सिंह ने कहा, ”करणी सेना के सुखदेव सिंह गोगामेड़ी नेतागिरी नहीं करते थे. जनता के लिए गोगामेड़ी ने आवाज उठाई. वह अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े दिखते थे. महिलाओं और दबे कुचले लोगों की मदद के लिए सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना बनाई. यह सिर्फ गोगामेड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश की हत्या है. अगर कोई अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाए तो क्या उसे गोलियों से मार दिया जाएगा. यह बहुत बड़ा अन्याय है.
आखिर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने ऐसा कौन-सा अपराध किया कि उन्हें गोलियों से मार दिया गया? इसलिए अपराधियों को माफ नहीं करना चाहिए. मारने वाले कोई बहादुर लोग नहीं हैं. बहादुर लोग ललकार के मारते हैं, दगा देकर नहीं मारते. क्योंकि ऐसी क्रूरता मैंने नहीं देखी. आरोपी कितने बड़े गद्दार हैं कि नाश्ता करके और चाय पीकर उसी घर के मुखिया की हत्या कर गए.
चुनाव आयोग के आदेश पर हर चुनाव के दो महीने पहले थानों में बंदूकें जमा कर ली जाती हैं. इसके अलावा सख्त पहरा होता है. तो अब यह हत्या कैसे हो गई? इसकी जांच होनी कि आखिर बंदूकें कहां से आईं? किसने बदमाशों को देकर भेजा?
अब सरकार से मांग है कि शूटर अगर गिरफ्तार होते हैं तो उनका सीधा एनकाउंटर कर दिया जाए. आरोपियों को जेल में रोटी खिलाने की जरूरत नहीं है. बीच चाराहे पर आरोपियों को मार दिया जाए. साथ ही जिस किसी ने गोगामेड़ी की हत्या करवाई है, उसे भी चौराहे पर मार दिया जाए. अब करणी सेना चुप नहीं बैठने वाली है, क्योंकि गोगामेड़ी ने बहुत सुखदेव बनाए हैं. गोगामेड़ी बहुत अच्छे आदमी थे. नाम मात्र का उनको घमंड नहीं था. ऐसी हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाए.”
