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Monday, March 30, 2026
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रूसी ‘ड्रोन सेना’ के बारूद से जल उठा यूक्रेन, पुतिन ने दुनिया को दिखाई ‘भविष्‍य के युद्ध’ की झलक

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रूस और यूक्रेन की जंग में शह और मात का खेल जारी है। अमेरिकी और नाटो देशों के हथियारों के बल पर जंग लड़ रहे यूक्रेन का कभी पलड़ा भारी होता है तो कभी रूस का। यूक्रेन में तबाही मचाने के लिए रूस ने मिसाइलों, टैंकों और फाइटर जेट को उतार दिया लेकिन उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस बीच अब रूस ने आधुनिक ब्रह्मास्त्र कहे जा रहे आत्मघाती ड्रोन सेना को जंग के मैदान में झोंक दिया है। रूस ने इस ड्रोन सेना को ईरान से खरीदा है जो खुद तो ‘शहीद’ हो जा रहे हैं लेकिन यूक्रेन को भारी चोट पहुंचा रहे हैं। पश्चिमी देश चाहकर भी इन ईरानी ड्रोन सेना को पूरी तरह से रोक पाने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि यूक्रेन का एक बड़ा अंधेरे में डूब जा रहा है। आइए जानते हैं कि क्या रूस की ड्रोन सेना और किस तरह से यह जंग का नक्शा ही बदल रही है…

ड्रोन युद्ध में रूस ने यूक्रेन पर बनाई बढ़त
रूस और यूक्रेन के युद्ध में दोनों ही पक्ष पिछले कई महीने से ड्रोन विमानों से हमले कर रहे हैं। यूक्रेन को अमेरिका और तुर्की से बेहद घातक कहे जाने वाले ड्रोन विमान मिले हैं। इन ड्रोन विमानों ने रूस को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद रूस ने भी जोरदार पलटवार करने के लिए ईरान की मदद ली है। ईरानी ड्रोन विमानों की मदद से अब रूस ने यूक्रेन के खिलाफ कारगर बढ़त बना ली है। रूस ने सबसे पहले ड्रोन सेना या स्वार्म की मदद से यूक्रेन पर एक साथ कई विमानों से हमला बोला। बारूद से लैस ये रूसी ड्रोन विमान अत्यंत सुरक्षित कहे जाने वाली यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गए। इन ड्रोन विमानों को यूक्रेन के कई शहरी इलाकों में आसमान में उड़ते हुए देखा गया है। रूस ने इन आत्मघाती ड्रोन विमानों की मदद से यूक्रेन पॉवर स्टेशन, आवासीय इमारतों और रेलवे से जुड़े आधारभूत ढांचों को तबाह कर दिया।

यूक्रेन पर एक साथ धावा बोल रही रूसी ड्रोन सेना
रूसी ड्रोन सेना से निपटने के लिए अभी यूक्रेन के पास कोई बड़ा हथियार नहीं है और कई सैनिक तो इन ड्रोन पर गोलियां भी चलाते हुए देखे गए हैं। रूस एक साथ बड़े पैमाने पर अपने ड्रोन विमानों को यूक्रेन में भेज रहा है। इससे उनसे निपट पाना यूक्रेन के लिए बहुत मुश्किल होता जा रहा है। अभी सोमवार को ही रूस ने 28 आत्मघाती ड्रोन विमानों को राजधानी कीव की ओर एक साथ भेजा था। इसमें कम से कम 4 आम नागरिकों की मौत हो गई। यूक्रेन ने इस ड्रोन सेना से निपटने के लिए दुनिया से अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम दिए जाने की गुहार लगाई है। यूक्रेन इजरायल से आयरन डोम या बराक सिस्टम चाह रहा है। वहीं इजरायल ने इन एयर डिफेंस सिस्टम को देने से मना कर दिया है। उधर, रूसी ड्रोन विमान ढूढ़-ढूढ़कर अपने शिकार का खात्मा कर रहे हैं।

​रूस ने ईरान से खरीदे 2400 शहीद-136 ड्रोन
इन आत्मघाती ड्रोन विमानों को कामीकाजी ड्रोन विमान कहा जाता है क्योंकि ये एक बार लॉन्च किए जाने के बाद वापस नहीं आते हैं। कामकाजी ड्रोन विमान बड़े ड्रोन विमानों की तुलना में सस्ते होते हैं और ज्यादा घातक माने जाते हैं। इन्हें एक साथ बड़े पैमाने पर जंग के मोर्चे पर तैनात किया जा सकता है और दुश्मन सेना में भय पैदा किया जा सकता है। यूक्रेन के अधिकारियों का मानना है कि रूस हमले के लिए ईरान के शहीद-136 आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। बताया जा रहा है कि रूस ने ऐसे 2400 आत्मघाती ड्रोन विमानों को ईरान से खरीदा है। एक ड्रोन विमान की कीमत करीब 20 हजार डॉलर बताई जा रही है। ये ड्रोन विमान आम ड्रोन विमानों से 10 गुना कम कीमत पर खरीदे जा सकते हैं। कामीकाजी ड्रोन विमान अपने साथ 35 से लेकर 40 किलोग्राम बारूद ले जा सकते हैं। ये ड्रोन विमान भले ही कम बारूद ले जा सकते हैं लेकिन उनकी संख्या ही उन्हें खास बनाती है।

​जानें क्‍यों सफल हो रहे हैं कामीकाजी ड्रोन
ये ड्रोन विमान दर्जनों की तादाद में एक साथ उड़ते हैं और इतना नीचे उड़ान भरते हैं कि वे रेडॉर की पकड़ में भी नहीं आते हैं। युद्ध को लेकर कई शोध कर चुकीं शोधकर्ता कैथरीन का कहना है कि कामकाजी ड्रोन विमान छोटे होते हैं और उनका केवल एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है। ये हवा में एक लक्ष्य की तरफ बढ़ते हैं और फिर उनके अंदर विस्फोट हो जाता है। ये कामीकाजी ड्रोन विमान अमेरिका के बेहद सफल प्रिडिएटर ड्रोन से काफी अलग होते हैं। इन ड्रोन विमानों को मिसाइल कहा जा सकता है जो अपने लक्ष्य की पहचान करते हैं। कामीकाजी ड्रोन की कम कीमत उन्हें बड़े पैमाने पर तैनात करने में मदद करती है। ये ड्रोन विमान आसमान में बहुत नीचे से चक्कर लगाते हैं जिसका दुश्मन देश की जनता पर बहुत ही मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। यूक्रेन का दावा है कि उसने अब तक 100 की संख्या में कामीकाजी ड्रोन विमानों को मार गिराया है। इन ड्रोन विमानों को मार गिराने से भी संकट खत्म नहीं हो जाता है। उनमें 40 किलो बारूद होता है जो खतरनाक मलबा बन जाता है।

आत्‍मघाती ड्रोन पेश कर रहे भविष्‍य के जंग की तस्‍वीर
रूस इन विमानों की मदद से यूक्रेन के शहरी इलाकों को निशाना बना रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के हमलों का ट्रेंड अब पूरी दुनिया में होता जा रहा है। इससे रूस जहां युद्ध के मैदान से काफी दूरी से हमले करने में सफल हो रहा है, वहीं उसे भी नुकसान होने का खतरा कम है। इससे यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम को बर्बाद करने में भी रूस को सफलता मिल रही है। हर ड्रोन को मार गिराने के लिए यूक्रेन को अपनी मिसाइलें दागना पड़ रहा है जिससे उसका जखीरा खाली होता जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक रूस ने इस ड्रोन युद्ध का परीक्षण सीरिया की जंग में किया था। उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका और पश्चिमी देशों के महंगे ड्रोन विमान नहीं खरीद पा रहे हैं, उनके लिए यह एक सस्ता और बड़े पैमाने पर तैनाती करने वाला ड्रोन साबित हो सकता है।

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