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UP, बिहार में बच्चों की तस्करी के सबसे अधिक मामले, दिल्ली के नंबर देख होगी हैरानी

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नई दिल्ली

साल 2016 से 2022 के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश ये वो तीन राज्य थे जहां बच्चों की तस्करी के सबसे अधिक मामले सामने आए। वहीं दिल्ली में पूर्व से लेकर कोविड के बाद तक बाल तस्करी में 68 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई। भारत में बाल तस्करी की ये रिपोर्ट है जिसे नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की संस्था केएससीएफ द्वारा जुटाया गया है। इसे 30 जुलाई को मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस के अवसर पर रविवार को जारी किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां जयपुर शहर देश में बाल तस्करी के हॉटस्पॉट के रूप में उभरा, वहीं शीर्ष 10 जिलों में से अन्य चार शीर्ष स्थान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पाए गए। इससे पता चला कि जहां विभिन्न उद्योगों में 13 से 18 वर्ष के बीच के बच्चों की अधिकतम संख्या शामिल थी, वहीं कॉस्मेटिक उद्योग में 5 से 8 वर्ष से कम आयु के बच्चों को शामिल किया गया था।

रिपोर्ट में विभिन्न राज्यों में बाल तस्करी में उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश में मामलों में चौंकाने वाली वृद्धि देखी गई है। राज्य में प्री-कोविड (2016-2019) में 267 रिपोर्ट की गई घटनाओं से, पोस्ट-कोविड (2021-2022) में यह संख्या बढ़कर 1,214 हो गई। इसके अतिरिक्त, कर्नाटक में महामारी से पहले से लेकर महामारी के बाद के आंकड़ों में 18 गुना वृद्धि देखी गई, रिपोर्ट की गई घटनाएं 6 से बढ़कर 110 हो गईं।

गेम्स24×7 की डेटा साइंस टीम द्वारा एकत्र किया गया डेटा 2016 और 2022 के बीच भारत के 21 राज्यों के 262 जिलों में बाल तस्करी के मामलों में केएससीएफ और उसके सहयोगियों के हस्तक्षेप पर आधारित है और मौजूदा रुझानों की स्पष्ट तस्वीर देने के लिए डेटा को एकत्रित किया गया है।

संगठन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि केएससीएफ और उसके सहयोगियों के हस्तक्षेप से, 2016 और 2022 के बीच 18 वर्ष से कम उम्र के कुल 13,549 बच्चों को बचाया गया। देश में बाल तस्करी के मामलों की बढ़ती संख्या पर केएससीएफ के प्रबंध निदेशक, एवीएसएम (रिटायर) रियर एडमिरल राहुल कुमार श्रावत ने कहा भले ही संख्या गंभीर और चिंताजनक दिखती है, इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जिस तरह से भारत ने पिछले दशक में बाल तस्करी के मुद्दे से निपटा है और इस मुद्दे को काफी ताकत और गति दी है।

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