लखनऊ,
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री की किसान फसल बीमा योजना पर अब किसानों की बेरुखी देखने को मिल रही है. हालात यह है कि कई किसान फसल बीमा योजना का फायदा नहीं लेना चाहते हैं. यहां तक जमीनी हकीकत यह है कि किसान फसल प्राकृतिक आपदा आने के बावजूद भी उनको इस योजना का फायदा ही नहीं मिला.
उधर, किसानों की बेरुखी से किसान फसल बीमा योजना पूरी तरीके से उत्तर प्रदेश में नहीं आगे बढ़ पा रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ किसान होने के बावजूद मात्र 25 लाख किसानों को ही ऐसी योजना के फायदा से जोड़ा गया है.
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में किसानों के फसल के नुकसान के लिए किसान फसल बीमा योजना चलाई जाती है. उत्तर प्रदेश में तकरीबन 2 करोड़ किसान हैं, लेकिन इस योजना में केवल 25 लाख की किसान को फायदा मिलता है. किसानों को प्रीमियम है, लेकिन उस मुआवजा उन तक नहीं पहुंच पा रहा है. यही नहीं बड़ी संख्या में किसान अब इस योजना को नहीं लेना चाहते हैं और न ही प्रीमियम कटवाना चाहते हैं.
हरिहरपुर के किसान बदलू को किसान फसल बीमा योजना के बारे में पता ही नहीं है और न ही कोई जानकारी है और वह चाहते भी नहीं हैं. सीतापुर जिले के रहने वाले सियाराम वर्मा जो अपने साथ 5 लोगों का पालन पोषण करते हैं. सरसों के खेत का आपदा में नुकसान हो गया, लेकिन उनके प्रीमियम देने के बावजूद, मुआवजा नहीं मिला. उन्हें उधार लेकर काम चलाना पड़ा.
अनिल कुमार वर्मा ,गगन जीत सिंह और चंद्र भान वर्मा जिनका प्रीमियम सालों से कट रहा है और उनके खेत में नुकसान होने के बाजवूद आजतक मुआवजा नहीं मिला. एक तरफ फसल बर्बाद हुई और दूसरी तरफ मुआवजे के नाम बार कई बार जांच होकर ओके हुआ लेकिन मुआवजा नहीं मिला.
सीतापुर के नेवराजपुर के रहने वाले संत लाल का पैसा कई सालों से कट रहा है. अब उनका मानना है कि उनको अब इस बीमा योजना को नहीं लेना है. कौशलनेद्र जोकि हरिहरपुर में रहते हैं. उनके खाते में बीमा योजना के 12 हजार रुपए आए, लेकिन कुछ दिन बाद बैंक ने 28 जाकर रुपए जमा करवा लिए की करना पड़ेगा और आपको मुआवजा नहीं मिलेगा. अब वह इस बीमा योजना बीमा का फायदा नहीं लेना चाहते हैं.
किसान नेता हरिनाम वर्मा के मुताबिक, किसानों को किसी भी प्रकार का फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. कई किसान ऐसे हैं जिनका कई सालों से पैसा कट रहा है और नुकसान होने के बावजूद भी मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. कई किसान ऐसे हैं जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन उनको पता ही नहीं है कि किसान फसल बीमा योजना होती ही क्या है.
कृषि विभाग के डायरेक्टर राजेश गुप्ता के मुताबिक, सरकार किसान फसल बीमा योजना के लिए लगातार काम कर रही है और लोगों तक इसका फायदा पहुंचाया जा रहा है. इसमें 25 लाख लोगों को इसका फायदा मिल रहा है और उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ की किसान हैं. अभी और जगह जाना है. मुआवजा मिलने के लिए बैंक होती है हमारे अधिकारी भी लगे रहते हैं. उत्तर प्रदेश में जिनकी फसल प्रकृतिक रूप से खराब होती है उनको मुआवजा दिया जाता है. इसमें पैसा भी काटा जाता है इंश्योरेंस के रूप में. किसान का जो केसीसी कार्ड के जरिए अपने आप बैंक से कट जाता है. जो किसान इसके लिए इच्छुक होते हैं उन्हीं का पैसा कटता है जो नहीं, उनका नहीं.
