2.8 C
London
Sunday, March 15, 2026
Homeराज्यमिया मुसलमान की वजह से महंगी हैं सब्जियां... हिमंत बिस्वा सरमा के...

मिया मुसलमान की वजह से महंगी हैं सब्जियां… हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर विवाद, अब ओवैसी ने किया पलटवार

Published on

गुवाहाटी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में सब्जियों की बढ़ी कीमत के लिए ‘मिया’ मुस्लिम समुदाय को जिम्मेदार ठहराया। उनके इस बयान पर विवाद पैदा हो गया है। हिमंत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जियों की दरें कम हैं लेकिन शहरों में आते-आते कीमतें बढ़ जाती हैं। उन्‍होंने दावा किया कि सभी विक्रेता दरें बढ़ा रहे हैं और उनमें से ज्यादातर मिया मुसमलान हैं। उधर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हिमंत के बयान पर पलटवार किया है।

ओवैसी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘देश में एक ऐसी मंडली है जिसके घर अगर भैंस दूध ना दे या मुर्गी अंडा ना दे तो उसका इल्जाम भी मिया जी पर ही लगा देंगे। शायद अपने निजी नाकामियों का ठीकरा भी मिया भाई के सर ही फोड़ते होंगे। आज कल मोदी जी की विदेशी मुसलमानों से गहरी यारी चल रही है, उन्हीं से कुछ टमाटर, पालक, आलू वगैरह मांग कर काम चला लीजिए।’

हिमंत ने क्या कहा था?
हिमंत सरमा ने गुरुवार शाम को कहा था, ‘वे (पूर्वी बंगाल मूल के मुसलमान) असमिया लोगों से ऊंची कीमतें ले रहे हैं। गुवाहाटी में मिया लोगों ने स्थानीय सब्जी बाजारों पर नियंत्रण कर लिया है।’ उन्‍होंने कहा कि अगर कोई असमिया युवक सब्जियां बेच रहा होता, तो वह अन्य असमिया साथी नागरिकों से बढ़ी हुई कीमतें नहीं ले सकता।

सरमा ने कहा, ‘मैं असमिया युवाओं से आगे आने का आग्रह करता हूं। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि मैं सभी मिया मुस्लिम सब्जी विक्रेताओं को शहर से बाहर निकाल दूंगा।’ उन्होंने आगे कहा कि असम में कैब से लेकर बस सेवाओं तक अधिकांश लोग अब मुस्लिम समुदाय के इसी वर्ग (मिया) के हैं।

कौन हैं मिया मुसलमान?
मिया मुसलमान प्रवासी बंगाली मुसलमानों के वंशज हैं जो 20वीं सदी में असम के ब्रिटिश उपनिवेशवाद के दौरान ब्रह्मपुत्र घाटी में रहते थे। ये प्रवासी वर्तमान बांग्लादेश के मैमनसिंह, रंगपुर और राजशाही डिवीजनों से आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने हाल ही में ईद पर देखा है, गुवाहाटी में अधिकांश सड़कें खाली थीं क्योंकि वे त्योहार मना रहे थे।’

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि असमिया समुदाय मुस्लिम लोगों के बिना अधूरा है। अजमल ने कहा, ‘मिया मुस्लिम और असमिया लोग भाइयों की तरह हैं। राज्य मुस्लिम समुदाय के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकता।’ असम में पिछले कुछ दिनों से राज्य भर में सब्जियों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम जनता परेशान है। कई लोग सरकार से सवाल कर रहे हैं।

Latest articles

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

बीएचएल (BHEL) की जमीन पर बड़े उद्योगपति की नजर, नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट

भेल, भोपाल। भोपाल से खबर है कि देश के दूसरे सबसे बड़े उद्योगपति की शहर...

बैरसिया तहसील में एसडीएम ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने ग्रामीण वितरक एजेंसियों  का निरीक्षण किया

कलेक्टर  कौशलेंद्र विक्रम  सिंह के निर्देशानुसार घरेलू एलपीजी गैस की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...