नई दिल्ली
आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को आज ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। हाई कोर्ट की ओर से केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में दंडात्मक कार्रवाई से राहत प्रदान करने से इनकार के ठीक बाद ईडी की ओर से यह कार्रवाई की गई है। केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर दिल्ली शराब घोटाला मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दरअसल इस मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के अलावा बीआरएस नेता के.कविता की गिरफ्तारी हो चुकी हैं। आइए जानते हैं दिल्ली शराब नीति मामला क्या है।
नवंबर 2021 में दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति लॉन्च की। इससे दिल्ली में शराब काफी सस्ती हो गई और रिटेलर्स को डिस्काउंट देने की छूट भी मिली। हालांकि, बीजेपी ने आरोप लगाए कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच को एलजी ने मंजूरी दे दी। उसी केस की जांच करते हुए सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को अरेस्ट किया
हाल ही में ईडी ने एक प्रेस नोट जारी कर शराब नीति मामले में बीआरएस की नेता के कविता को साजिशकर्ता बताया। ईडी ने कहा कि के कविता ने अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर साजिश की। शराब नीति में बदलाव करवाए और फिर उसे अपनी तरह से लागू कराया। इसके बदले में साउथ की शराब लॉबी ने आम आदमी पार्टी को एकमुश्त 100 करोड़ रुपये दिए। इसके बाद शराब के थोक कारोबार में जो कमीशन 12 प्रतिशत किया गया, उसमें से 6 प्रतिशत वापस AAP को भेजा गया। केजरीवाल का नाम कुछ आरोपियों और गवाहों के बयानों में आया इसका जिक्र एजेंसियों ने अपने रिमांड नोट और चार्जशीट में किया है।
