नई दिल्ली
केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का स्टेट दर्जा जल्द ही बहाल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने इसके संकेत दिए हैं। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह जम्मू-कश्मीर में अब किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार हैं। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तीन चुनाव होने हैं। पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत राज प्रणाली शुरू की गई है। सबसे पहले पंचायतों के चुनाव होंगे। लेह पहाड़ी विकास परिषद के चुनाव पूरे हो गए हैं और करगिल के लिए चुनाव सितंबर में होंगे।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए स्पष्ट समयसीमा देने में असमर्थ है, लेकिन यह जरूर स्पष्ट किया कि केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा अस्थायी है। केंद्र का कहना है कि इसे एक पूर्ण राज्य बनाने के लिए प्रक्रियाएं चल रही हैं।
