5.6 C
London
Friday, April 24, 2026
Homeखेलअपना सा क्यों लगता है अफगानिस्तान? क्रिकेट में पाकिस्तान को हराया तो...

अपना सा क्यों लगता है अफगानिस्तान? क्रिकेट में पाकिस्तान को हराया तो जश्न मनाने लगे भारतीय

Published on

नई दिल्ली

फुल टॉस और…ये जीत मुबारक। डंके की चोट पर अफगानिस्तान के शूरवीरों ने पाकिस्तान को शिकस्त दे दी है। जो आज तक नहीं किया, वो आज किया है। पहले इंग्लैंड और अब पाकिस्तान। अफगानिस्तान ने क्रिकेट विश्वकप 2023 में चार चांद लगा दिए हैं… कल जब अफगानिस्तान के हश्मतुल्लाह ने विजयी शॉट खेला तो कमेंटेटर की जोशीली आवाज ने टीवी से चिपके करोड़ों भारतीयों को भी जोश से भर दिया। सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान की टीम को बधाइयां दी जाने लगीं। मैदान पर इरफान पठान ने राशिद के साथ जो डांस किया वह अफगानों के दिलों को छू गया। कई अफगानी यूट्यूबरों और व्लॉगरों ने इरफान पठान समेत सभी भारतीयों के लिए सम्मान जाहिर किया है। एक पठान व्लॉगर ने हिंदी में कहा- सारे हिंदुस्तानी हमारे भाई हैं, वो हमारा घर है। आज हिंदुस्तान और अफगानिस्तान मिलकर सेलिब्रेट कर रहे हैं। ऐसे में आपके मन में भी शायद सवाल उठे कि अफगानिस्तान में ऐसा क्या खास है कि उसका नाम आते ही भारतीयों को अपनापन जैसा लगने लगता है। यहां कुछ समय के लिए ‘दुश्मन का विरोधी दोस्त’ वाला फॉर्म्युला साइड में रख देते हैं।

पिछले साल एक सर्वे आया था जिसमें पता चला कि करीब 70 फीसदी अफगान नागरिक भारत को सबसे अच्छा दोस्त मानते हैं। दशकों से भारत पड़ोसी मुल्क की हरसंभव मदद करता भी आ रहा है। नया संसद भवन बनाया। वहां के क्रिकेट खिलाड़ियों को भारत में प्रशिक्षण मिल रहा है। बड़ी संख्या में अफगान युवा भारत में पढ़ाई करने आते हैं। लेकिन यह संबंध कुछ दशकों के नहीं, हजारों साल में विकसित हुए हैं। अखंड भारत के समय अफगानिस्तान देश के और करीब हुआ करता था। वहां से सूखे मेवे आते रहे हैं। शायद ही कोई भारतीय हो जिसने काबुली शब्द न सुना हो। काबुली चावल हो या काबुली चना। जोधपुरी काबुली मशहूर शाकाहारी डिश है।

शाहजहां के समय हाथ से लिखे दस्तावेज में काबुली का पहली बार जिक्र मिलता है। मुगलों के समय से काबुली पुलाव खाया जाता रहा है। सैकड़ों साल पहले काबुल से लोग सूखे मेवे बेचने के लिए भारत आते थे। उन्हें काबुलीवाला कहा जाता था। तब भारत की राजधानी कलकत्ता थी और वहां रहने वाले रईस परिवारों से अलग-अलग काबुलीवाले जुड़े होते थे। सूखे मेवे, कंधारी हींग और केसर खरीदा जाता था। रबींद्रनाथ टैगोर की मशहूर कहानी ‘काबुलीवाला’ भी भारत-अफगानिस्तान की कहानी कहती है। अब जरा अफगानों का लुंगी डांस देख लीजिए।

1961 में बलराज साहनी की फिल्म काबुलीवाला बनी थी। इसमें दिखाया गया है कि कैसे काबुल से एक फल विक्रेता कलकत्ता आता है। एक बच्ची से काबुलीवाले के असीम स्नेह को फिल्म में बेहतरीन ढंग से दिखाया गया है।

सिंधु घाटी सभ्यता के समय से कनेक्शन

  • हां, सिंधु घाटी सभ्यता के समय से दोनों देशों के संबंध रहे हैं।
  • इस्लाम आने से पहले अफगानिस्तान में ज्यादातर बौद्ध, हिंदू और पारसी रहते थे। मौर्य शासन में उन्हें हिंदूकुश के पास बसाया गया था। 7वीं सदी तक अफगानिस्तान भी अखंड भारत का हिस्सा हुआ करता था।
  • कम लोगों को पता होगा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सीमांत गांधी के नाम से मशहूर खान अब्दुल गफ्फार खान जलालाबाद, अफगानिस्तान के ही थे। वह भारत के बंटवारे के सख्त खिलाफ थे।
  • आजादी के फौरन बाद भारत-अफगानिस्तान में 1949 में मित्रता की संधि हुई थी।
  • अफगानिस्तान में बॉलीवुड फिल्में खूब देखी जाती हैं। इतना ही, वे बॉलीवुड हीरो की कॉपी भी करते हैं।

Latest articles

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 92 वर्षीय डॉ. निर्मल घोष को किया सम्मानित, आपातकाल के संघर्षों को किया याद

बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के प्रवास...

ओसियां को 416 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की खेल स्टेडियम की घोषणा, बोले- उन्नत तकनीक से समृद्ध बनें किसान

ओसियां (जोधपुर)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओसियां उपखण्ड मुख्यालय के दौरे के...

जयपुर में ‘ग्राम-2026’ का शंखनाद: दिल्ली इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को किया आमंत्रित

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की कृषि विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

बीएचईएल स्पोर्ट्स क्लब में 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ

भोपाल। 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ भेल खेल प्राधिकरण बैडमिंटन कोर्ट, बरखेड़ा...