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अंडमान के सेंटिनल द्वीप की रहस्‍यमय जनजाति बाहरी दुनिया से क्यों डरती है? अंग्रेजों के 145 साल पुराने रहस्य का खुलासा जानें

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वॉशिंगटन

पृथ्वी पर आज के समय लगभग हर जगह पर इंसान जा सकते हैं। उत्तर कोरिया जैसे देशों में भी लोगों को जाने की इजाजत है। लेकिन एक ऐसी जगह है, जहां पर जाना मौत को गले लगाने जैसा है। हिंद महासागर के अंडमान द्वीप समूह में स्थित उत्तरी सेंटिनल द्वीप के निवासी बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे हुए हैं। यह पृथ्वी पर अंतिम संपर्क रहित लोगों में से एक माने जाते हैं। 2018 में यह द्वीप अचानक चर्चा में आ गया था, तब 26 वर्षीय ईसाई धर्म प्रचारक जॉन एलन चाऊ ने यहां जाने की कोशिश की थी, जिसे द्वीप के लोगों ने मार दिया था।।

अवैध रूप से इसने यहां जाने की कोशिश की थी। यहां के आदिवासियों को उसने ईसाई धर्म में बदलने का भी प्रयास किया। हालांकि चाऊ की मौत इकलौती नहीं थी। 2006 में यहां पास के पानी में अवैध रूप से मछली पकड़ रहे दो मछुआरों की भी हत्या कर दी गई थी। हालांकि इन लोगों के बाहरी दुनिया के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार रखने का असली कारण ब्रिटिश औपनिवेशिक इतिहास में हो सकता है। जिसमें बीमारी, यौन शोषण और अपहरण हो सकता है।

ब्रिटिश अधिकारी गए थे द्वीप पर
1879 में ब्रिटिश नौसेना अधिकारी मौरिस विडाल पोर्टमैन को अंडमानीज का प्रभारी अधिकारी बनाया गया था। वह दो दशकों से ज्यादा समय तक क्षेत्र में जनजातियों की दबाने से जुड़े दस्तावेजीकरण के लिए जिम्मेदार थे। उनकी भूमिका क्षेत्र में समुदायों को ‘सभ्य’ बनाने की थी, भले ही इसके लिए बल प्रयोग ही क्यों न करना पड़े। 1880 में उन्होंने उत्तरी सेंटिनल द्वीप की यात्रा की। उनके लोगों ने छह द्वीपवासियों- एक बुजुर्ग पुरुष, महिला और चार बच्चों को पकड़ लिया। उन्हें कथित विज्ञान प्रयोग के लिए वह पोर्ट ब्लेयर ले आए।

फैल गई थी बीमारी
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक अपने कामों का डॉक्यूमेंटेशन करते हुए उन्होंने बताया कि द्वीप से लाए गए लोग जल्द ही ऐसी बीमारी की चपेट में आ गए, जिसका उन्होंने पहले कभी भी सामना नहीं किया था। वे तेजी से बीमार होने लगे। पुरुष और महिला दोनों की मौत हो गई। जबकि बच्चों को वापस द्वीप पर ले जाया गया। उन्हें द्वीप पर तब छोड़ा गया, जब वे संक्रमित थे। बच्चों के जरिए फैला संक्रमण उनके लिए जानलेवा साबित हुई। मानव अधिकार संगठन सर्वाइवल इंटरनेशनल का कहना है कि जनजातियों में अधिकांश शत्रुता और नए लोगों के प्रति डर के लिए पोर्टमैन की यात्राओं को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

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