पटना,
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मौजूदा लोकसभा चुनाव में बिहार महागठबंधन के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी अकेले अपने कंधों पर संभाल रखी है और आज जब सातवें और अंतिम चरण के चुनाव के लिए प्रचार प्रसार समाप्त होगा तो तेजस्वी बिहार में 250 से ज्यादा जनसभाएं कर चुके होंगे. इसका मतलब साफ है कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर तेजस्वी यादव ने कम से कम एक बार प्रचार किया है और कई विधानसभा पर वह एक से ज्यादा बार गए हैं. जब तेजस्वी की 200वीं रैली थी तो उससे पहले मुकेश सहनी ने उन्हें सरप्राइज देते हुए हेलिकॉप्टर में केक भी काटा था.
तेजस्वी पिछले दो महीने से बिहार में इंडिया गठबंधन के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी अकेले अपने कंधों पर उठाकर चल रहे हैं और इसी दौरान उनके कमर में दर्द भी हो गया. इसके बावजूद उन्होंने एक दिन का भी ब्रेक नहीं लिया और लगातार चुनावी सभाएं कर रहे हैं. इसी साल जनवरी में महागठबंधन की सरकार गिरने के बाद तेजस्वी यादव पूरे प्रदेश में घूमकर जान विश्वास यात्रा की थी और उसके तुरंत बाद जब लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा हो गई तो वह इंडिया गठबंधन के लिए प्रचार प्रसार में जुट गए.
इसी बीच 3 मई को एक तस्वीर सामने आई जब तेजस्वी यादव एक जनसभा के दौरान लंगड़ा कर चलते हुए नजर आए. तेजस्वी इस दौरान दर्द में नजर आ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि उन्हें पैर में कोई चोट लगी है. मगर इस रात पटना लौटने बाद तेजस्वी आईजीआईएमएस हॉस्पिटल गए और MRI जांच करवाई तो पता चला कि उनके कमर में दर्द है जिसको लेकर डॉक्टर ने उन्हें 15 दिन तक बेड रेस्ट लेने की सलाह दी.
हालांकि, तेजस्वी अगले ही दिन एक बार फिर से चुनावी प्रचार प्रसार में जुट गए और इस दौरान उन्होंने कमर का बेल्ट लगाया हुआ था और उन्होंने बताया कि वह इंजेक्शन और दवाई खाकर प्रचार प्रसार करते रहेंगे क्योंकि अगर वह 15 दिनों के लिए बेड रेस्ट ले लेते हैं तो तब तक चुनाव ही समाप्त हो जाएगा.
तेजस्वी यादव ने यह भी बताया कि उन्हें लंबे समय तक खड़ा रहने में दिक्कत हो रही है और इसी कारण वह व्हीलचेयर का भी इस्तेमाल कई जगहों पर करते नजर आए और चुनावी सभाओं में भी वह कुर्सी पर ही बैठकर चुनाव प्रचार प्रसार और अपना भाषण करते दिखे.
तेजस्वी यादव कई चुनावी सभा में कहते नजर आए, “तेजस्वी तब तक बेड रेस्ट नहीं लेगा जब तक वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 4 जून के बाद बेड रेस्ट ना करवा दे.” इसी बीच तेजस्वी यादव दिल्ली, मुंबई और रांची भी गए जहां पर उन्होंने इंडिया गठबंधन के लिए प्रचार प्रसार किया.
34 वर्षीय तेजस्वी के व्हील चेयर पर चलने को लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी तंज कसा है और कहा है कि तेजस्वी का ऐसा हाल होना बिहार के लिए दुर्भाग्य का बात है. उन्होंने कहा, “तेजस्वी ने जो मछली खाया था उसका कांटा उन्हीं को लग गया है. 34 साल का नौजवान व्हील चेयर पर चले यह दुर्भाग्य है हम लोगों का.”
तेजस्वी यादव से तुलना करें तो कांग्रेस सांसद राहुल गांधी केवल दो बार बिहार आए और लोकसभा चुनाव में प्रचार प्रसार किया. एक बार जब दूसरे चरण का चुनाव सीमांचल के क्षेत्र में चल रहा था तो राहुल गांधी भागलपुर प्रचार प्रसार करने के लिए पहुंचे थे और फिर अब सातवें चरण के चुनाव से पहले पटना और आरा में उन्होंने चुनावी सभा की.
इस बात से स्पष्ट है कि तेजस्वी ने बिहार में इंडिया गठबंधन के प्रचार प्रचार की समान अकेले अपने दम पर संभाल रखी है और जब 4 जून को बिहार में नतीजे सामने आएंगे तो देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या तेजस्वी की मेहनत रंग लाएगी या फिर एक बार फिर से बिहार में नरेंद्र मोदी मैजिक ही चलेगा.
