Black Lines On Nails: अक्सर हम अपने चेहरे और बालों की देखभाल तो बहुत करते हैं, लेकिन अपने नाखूनों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके नाखूनों पर अचानक काली या भूरी धारियां (Black Lines On Nails) दिखने लगी हैं? मेडिकल भाषा में इसे ‘मेलेनोनीकिया’ (Melanonychia) कहा जाता है। कई बार ये लाइनें मामूली चोट की वजह से होती हैं, लेकिन कभी-कभी ये शरीर के अंदर पल रही किसी गंभीर बीमारी का ‘वॉर्निंग सिग्नल’ भी हो सकती हैं। अगर आपके नाखूनों का रंग भी बदल रहा है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें।
नाखूनों के नीचे मेलेनिन जमा होने का संकेत
जब हमारे नाखूनों के नीचे ‘मेलेनिन’ नाम का पिगमेंट ज़्यादा मात्रा में जमा होने लगता है, तो वहां काली या भूरी धारियां बन जाती हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे त्वचा पर तिल या मस्से का होना। हालांकि, ज़्यादातर मामलों में यह जानलेवा नहीं होता, लेकिन अगर यह लाइन धीरे-धीरे चौड़ी हो रही है या इसका रंग गहरा होता जा रहा है, तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत है। डार्क स्किन वाले लोगों में यह समस्या होना काफी सामान्य है, लेकिन फिर भी सावधानी बरतना ज़रूरी है।
डाइट में पोषक तत्वों की कमी है बड़ी वजह
अगर आपके शरीर को सही पोषण नहीं मिल रहा है, तो इसका असर सबसे पहले आपके नाखूनों पर दिखता है। विटामिन B12, विटामिन D और प्रोटीन की भारी कमी होने पर नाखूनों पर काली या भूरी धारियां उभर आती हैं। अक्सर जो लोग खान-पान में लापरवाही बरतते हैं या जिनका हाजमा खराब रहता है, उनके शरीर में इन विटामिन्स का एब्जॉर्प्शन नहीं हो पाता। ऐसे में हरी सब्जियां, दूध, अंडे और दालों को अपनी डाइट में शामिल करना बहुत ज़रूरी है ताकि शरीर की अंदरूनी मरम्मत हो सके।
बाहरी चोट और दबाव से बिगड़ जाता है नाखूनों का हुलिया
कई बार हम अनजाने में अपने नाखूनों को नुकसान पहुँचाते हैं। बहुत ज्यादा तंग और टाइट जूते पहनने से पैरों के नाखूनों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे वहां खून जम सकता है या काली धारियां बन सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों को दांतों से नाखून चबाने (Biting) या नाखूनों को बार-बार खुरचने की ‘गंदी’ आदत होती है। इस तरह के लगातार ट्रॉमा की वजह से नाखूनों के नीचे के टिशू डैमेज हो जाते हैं और वहां निशान पड़ जाते हैं।
बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन का हमला
नाखूनों पर काली लाइनों का दिखना किसी तरह के इन्फेक्शन की ओर भी इशारा करता है। फंगल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल हमला या यहाँ तक कि HIV और HPV जैसे वायरल इन्फेक्शन के कारण भी नाखूनों का रंग बदल सकता है। इसके अलावा, अगर आपको ‘सोरायसिस’ (Psoriasis) जैसी स्किन की बीमारी है या नाखूनों के आस-पास की खाल में हमेशा सूजन रहती है, तो यह मेलेनोनीकिया का कारण बन सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान भी हार्मोनल बदलाव की वजह से नाखूनों पर ऐसे निशान दिखना आम बात है।
कैंसर का सबसे शुरुआती लक्षण हो सकता है यह निशान
सबसे डरावनी बात यह है कि नाखूनों पर दिखने वाली काली लाइन कभी-कभी ‘सबंगुअल मेलानोमा’ (Subungual Melanoma) का संकेत होती है, जो एक तरह का स्किन कैंसर है। यह तब होता है जब नाखून के नीचे ट्यूमर पनपने लगता है। अगर आपके नाखून की काली लाइन का आकार बढ़ रहा है, नाखून टूट रहा है या उसके आस-पास की त्वचा भी काली पड़ रही है, तो बिना देरी किए स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) को दिखाएं। समय पर पहचान ही इस गंभीर बीमारी का एकमात्र इलाज है।
