चीन पर नेहरू की आलोचना नहीं कर सकता, किसी की नीति खराब हो सकती है नीयत नहीं, बोले राजनाथ सिंह

नई दिल्ली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने करगिल विजय दिवस के मौके पर भारतीय सेना की शहादत को याद किया। जम्मू कश्मीर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे राजनाथ सिंह ने 1962 में चीन की कार्रवाई का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि बहुत सारे लोग जवाहर लाल नेहरू की आलोचना करते हैं। मैं भी एक विशेष राजनैतिक दल से आता हूं, मैं भारत के किसी भी प्रधानमंत्री के आलोचना नहीं करना चाहता। साथ ही मैं किसी भी प्रधानमंत्री की नीयत पर सवालिया निशान नहीं लगाना चाहता। उन्होंने कहा कि नीयत में किसी की खोट नहीं हो सकता है। सिंह ने कहा कि आज भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है।

देश के लिए शहीद होने वालों को नमन
रक्षा मंत्री ने कहा कि हम देश की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर करने वालों को याद कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि हमारी सेना ने हमेशा देश के लिए यह सर्वोच्च बलिदान दिया है। 1999 के युद्ध में हमारे कई वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी, मैं उन्हें नमन करता हूं। राजनाथ सिंह ने कहा कि करगिल विजय, भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का गौरवपूर्ण अध्याय है।

सेना का देश की एकता, अखंडता बरकार रखने में बड़ा योगदान
रक्षामंत्री ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने में सेना का बड़ा योगदान है। रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में ब्रिगेडियर उस्मान का जिक्र किया। रक्षा मंत्री ने जम्मू के झंगड पर भारत का झंडा फहराने की दृढ़ता की मिसाल दी। रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर का मौजूदा स्वरूप को बनाए रखने में सेना के योगदान की तारीफ की।

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