28.9 C
London
Tuesday, May 26, 2026
Homeराज्यमहिलाओं के सम्मान के लिए हम कतई चिंतित नहीं... इलाहाबाद हाई कोर्ट...

महिलाओं के सम्मान के लिए हम कतई चिंतित नहीं… इलाहाबाद हाई कोर्ट की रेप के बढ़ते मामलों पर तल्ख टिप्पणी

Published on

प्रयागराज

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रेप के बढ़ते अपराध के मामलों को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि वैसे तो हम सभी क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों का जश्न मना रहे हैं लेकिन हम उनके सम्मान के लिए कतई चिंतित नहीं होते। रेप के मामलों में अपराधियों के खिलाफ समाज के रवैये पर भी कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि यौन अपराध पीड़ितों की मानवीय गरिमा का उल्लंघन हो रहा है। इसके प्रति समाज का रवैया उदासीन है। यह एक दुखद पहलू है।

हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार सिंह ने यह टिप्पणी एक आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए की है। हाई कोर्ट ने औरैया के स्पेशल जज, एससी-एसटी कोर्ट की ओर से याची अयूब खान उर्फ गुड्डू को जमानत देने से इनकार के फैसले को सही ठहराया। हाई कोर्ट ने औरैया कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि सामान्य रूप से महिलाओं के खिलाफ अपराध और विशेष रूप से बलात्कार के मामले बढ़ रहे हैं। यह अत्यंत चिंता की बात है।

हाई कोर्ट ने कहा कि एक बलात्कारी न केवल पीड़िता की गोपनीयता और व्यक्तिगत अखंडता का उल्लंघन करता है, बल्कि उसे मानसिक चोट भी देता है। बलात्कार केवल एक शारीरिक हमला नहीं है, यह अक्सर पीड़िता के पूरे व्यक्तित्व को नष्ट कर देता है। एक हत्यारा अपने अपराध से किसी के भौतिक शरीर को नष्ट करता है, लेकिन एक बलात्कारी असहाय महिला की आत्मा को नीचा दिखाता है। हाई कोर्ट ने रेप के आरोपित की जमानत अर्जी इन टिप्पणियों के साथ खारिज कर दी।

नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर किया रेप
अयूब खान के खिलाफ एक महिला ने नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर रेप और अश्लील विडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की धमकी देने का केस दर्ज कराया था। आरोपित की तरफ से बचाव में दलील दी गई थी कि घटना के 17 दिन बाद एफआईआर दर्ज करवाई गई है। अदालत ने कहा कि भारत के ग्रामीण इलाकों की जो हालत है, उसमें घटना के तुरंत बाद पुलिस स्टेशन जाकर केस दर्ज कराने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

कोर्ट ने कहा कि आरोपित को सिर्फ देरी के आधार पर कोई राहत नहीं दी जा सकती। घटना 23 जून 2021 की है। इस मामले में एफआईआर 9 जुलाई को दर्ज करवाई गई थी। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित महिला के वजाइनल स्वैब में शुक्राणु नहीं मिलने की दलील को भी नकार दिया। कोर्ट ने कहा कि शुक्राणु घटना के 5 दिन के आसपास ही रहते हैं। जब 17 दिन बाद एफआईआर दर्ज हो रही हैं तो शुक्राणु कैसे मौजूद रह सकते थे।

Latest articles

नौतपा के दो रंग- एक तरफ भीषण गर्मी तो दूसरी आंधी और बूंदाबांदी, 45 शहरों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा की शुरुआत अलग अंदाज में हुई है। एक...

भेल थ्रिफ्ट सोसायटी का प्रतिभा सम्मान समारोह 31 मई को, उत्कृष्ट छात्र और कर्मचारी होंगे सम्मानित

भोपाल। बीएचईई थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा वर्ष 2024-25 सत्र हेतु 'प्रतिभा सम्मान...

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को देश की राजधानी...

गंगा दशहरा पर भरतपुर से ‘वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान-2026’ का आगाज, सीएम ने किया जल पूजन

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर भरतपुर...

More like this

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को देश की राजधानी...

गंगा दशहरा पर भरतपुर से ‘वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान-2026’ का आगाज, सीएम ने किया जल पूजन

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर भरतपुर...

10वीं और 12वीं का परिणाम रहा 100 फीसदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील सोच से मिल रही नई पहचान

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील और समावेशी सोच को धरातल पर साकार करता...