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एक गलत कैलकुलेशन और ‘परमाणु विनाश’ झेलेगी इंसानियत, UN चीफ की चेतावनी

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न्यूयॉर्क,

संयुक्त राष्ट्र के महानिदेशक एंटोनियो गुटेरेस ने पूरी दुनिया को चेतावनी दी है कि सिर्फ एक गलत गणना से इंसानियत परमाणु विनाश की ओर चली जाएगी. पूरी दुनिया में लगातार परमाणु हथियारों की जो मांग और मात्रा बढ़ रही है, उसे तत्काल रोकना होगा. परमाणु हथियार बना रहे और रखने वाले देशों को इससे एक कदम पीछे हटने की जरुरत है.

एंटोनियो ने कहा कि हम अब भाग्यशाली रहे हैं. लेकिन भाग्यशाली रहना किसी रणनीति का हिस्सा नहीं हो सकता. न ही दुनिया में फैल रहे तनाव की वजह से परमाणु युद्ध की आशंका बन सकती है. इस समय इंसानियत एक गलतफहमी, एक गलत कैलकुलेशन की वजह से परमाणु विनाश की ओर जा सकती है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने यह बात तब कही जब दुनिया भर के देश ट्रीटी ऑन द नॉन-प्रोलिफिरेशन ऑफ न्यूक्लियर वेपंस की बैठक के लिए न्यूयॉर्क में थे.

भारत-पाकिस्तान को लेकर कही ये बात
एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि भविष्य की पीढ़ियां इस बात पर भरोसा करेंगी कि आप इस संभावित हादसे से एक कदम पीछे हट रहे हैं या नहीं. साल 1970 से लेकर अब तक कई देशों ने इस परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए. लेकिन इजरायल, उत्तरी कोरिया, भारत और पाकिस्तान ने इसपर हस्ताक्षर नहीं किया. इन सभी के पास परमाणु हथियार हैं. साल 1945 में जापान पर अमेरिकी परमाणु बम गिराने के बाद से इन विनाशकारी हथियारों का उपयोग नहीं हुआ है. इसके लिए हमें भाग्य को धन्यवाद देना चाहिए. न कि इस बात को कि हमने संघर्षों को रोकने का प्रयास किया है.

शीत युद्ध के बाद गर्म है पूरी दुनिया का माहौल
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि दुनिया में इस समय कई तरह की चुनौतियां हैं. भू-राजनैतिक तनाव चल रहे हैं. ऐसे में परमाणु हथियारों की वजह से होने वाले विनाश की आशंका बढ़ जाती है. क्योंकि शीत युद्ध के बाद से इस समय दुनिया के कई देश बेहद गर्म माहौल में हैं. युद्ध हो रहे हैं. संघर्ष हो रहे हैं. या होने की आशंका है.

‘हमारे जीवनकाल का सबसे खतरनाक समय चल रहा’
एंटोनियो ने कहा कि जलवायु संकट, कई तरह कि भिन्नता, विवाद, इंसानी अधिकारों का उल्लंघन, कोविड-19 की वजह से निजी और आर्थिक बर्बादी ने पूरी दुनिया में भारी तनाव का माहौल बना रखा है. ये हमारे जीवनकाल का सबसे खतरनाक समय चल रहा है. शीत युद्ध के बाद से इस तरह का तनाव नहीं देखा गया जो इस समय है. वह भी ऐसे देशों के बीच, जिनके पास भारी मात्रा में परमाणु हथियार मौजूद हैं.

हिरोशिमा-नागासाकी से सीखने की जरुरत है सबको
लोगों को हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमले की घटना को याद रखना चाहिए. हम सभी को उस घटना से सीखने की जरुरत है. ऐसा खतरनाक प्रतियोगिता चल रही है जिसकी वजह से सहयोग और गठजोड़ खत्म हो रहे हैं. भारोसा टूट रहा है. बातचीत बंद हो रही है. देश करोड़ों-अरबों रुपये प्रलंयकारी हथियारों पर खर्च कर रहे हैं.

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