19.7 C
London
Tuesday, June 2, 2026
Homeराज्यबिना चखे ना दिया जाए खाना, ED बोली- अर्पिता मुखर्जी की जान...

बिना चखे ना दिया जाए खाना, ED बोली- अर्पिता मुखर्जी की जान को खतरा है

Published on

कोलकाता,

शिक्षा घोटाले में फंसीं अर्पिता मुखर्जी की जान को खतरा बताया जा रहा है. ईडी ने PMLA कोर्ट को जानकारी दी है कि इस समय अर्पिता सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे में उन्हें जो भी खाना दिया जाए, उसे पहले चखना जरूरी है. बड़ी बात ये है जांच एजेंसी ने जोर देकर कहा है कि पार्थ चटर्जी को लेकर ऐसा कोई इनपुट नहीं मिला है, उनकी सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं दिखाई देता है. लेकिन अर्पिता के साथ ऐसा नहीं है. उनकी जान पर खतरा बना हुआ है.

जानकारी के लिए बता दें कि ईडी इस समय अर्पिता और पार्थ की 14 दिन की कस्टडी चाहती है. दोनों के खिलाफ जांच के दौरान कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिनकी कड़ियों का जुड़ना जरूरी है. ऐसे में कई और सवाल दागे जा सकते हैं. उस मांग के साथ ही ईडी ने कोर्ट में बताया है कि अर्पिता मुखर्जी को लेकर ऐसी खबर मिली है कि उनकी जान को खतरा हो सकता है. ईडी ने जोर देकर कहा है कि अर्पिता को जो भी पानी या फिर खाना दिया जाए, उसकी पहले जांच होना जरूरी है. लेकिन ऐसी जान का खतरा पार्थ चटर्जी के लिए नहीं है. उनको लेकर ईडी ने कोर्ट में कोई खास मांग नहीं रखी है.

वैसे इस समय शिक्षा घोटाले से जुड़ा सारा पैसा अर्पिता मुखर्जी के पास से मिला है. उनके तीन से चार प्रॉपर्टी पर रेड मारी गई है, करोड़ों का सोना जब्त किया गया है, विदेशी करेंसी मिली है. इसी वजह से इस पूरे मामले में उनकी बड़ी भूमिका है और उनकी जान को भी ज्यादा खतरा चल रहा है. वहीं बात जब पार्थ चटर्जी की आती है तो इस पूरे मामले में उनकी सीधी भूमिका नहीं दिखती है. अर्पिता ने जरूर दावा कर दिया है कि सारा पैसा पार्थ चटर्जी का ही है, लेकिन पूर्व मंत्री लगातार कह रहे हैं कि उन पैसों से उनका कोई लेना देना नहीं है.

अब पार्थ जरूर लगातार मना कर रहे हैं, लेकिन ईडी को अर्पिता के पास से LIC की 31 पॉलिसी मिली हैं. उन सभी पॉलिमी में नॉमिनी पार्थ चटर्जी को बनाया गया है. ऐसे में ईडी दावा कर रही है कि पार्थ और अर्पिता एक दूसरे को लंबे समय से जानते थे और हर मामले में इनकी मिलीभगत रहती थी. ये भी खुलासा कर दिया गया दोनों पार्थ और अर्पिता एपीए यूटीलिटी कंपनी में साझेदार थे. अर्पिता ने तो कैश देकर कुछ फ्लैट तक खरीदे थे. अब वो किसका पैसा था, कहां से अर्पिता ने उसका इंतजाम किया, ईडी इसकी जांच कर रही है.

वैसे इस मामले की वजह से पार्थ चटर्जी की राजनीतिक छवि को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है. किसी जमाने में ममता बनर्जी के सबसे करीबी माने जाने वाले पार्थ अब ऐसी हालत में आ गए हैं कि सीएम उनका फोन तक नहीं उठाती हैं. गिरफ्तारी के दौरान भी उन्होंने कई बार फोन किया था, लेकिन ममता ने दूरी बनाए रखी. अब तो मंत्रिमंडल से भी उनका पत्ता साफ कर दिया गया है, पार्टी ने आधिकारिक बयान में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर दी है. ऐसे में पार्थ की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं और अब जिस तरह से ईडी की जांच आगे बढ़ रही है, आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

Latest articles

हाउसिंग बोर्ड और निगम की नाक के नीचे बिल्डरों की मनमानी, अयोध्या बाईपास सेक्टर-जे में खाली जमीन को बनाया ‘सीवेज का तालाब’

भोपाल। राजधानी के अयोध्या बाईपास स्थित भोपाल हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर-जे में बोर्ड और...

स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हो भोपाल विलीनीकरण का संघर्ष : मालती राय

भोपाल। राजधानी में 'भोपाल गौरव दिवस' यानी भोपाल की आजादी का जश्न भोपाल गेट...

जीतू पटवारी पर बयान के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बरखेड़ा पठानी में मुख्यमंत्री की सद्बुद्धि के लिए किया यज्ञ

भोपाल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ दिए गए बयान के विरोध में...

राजेश शुक्ला के बड़े भाई कान्ति भूषण शुक्ला का निधन, रीवा में होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम

भोपाल। भेल हेम्टू इंटक के अध्यक्ष राजेश शुक्ला के बड़े भाई कान्ति भूषण शुक्ला...

More like this

कर्नाटक की सियासत में बड़ा बदलाव: डीके शिवकुमार होंगे राज्य के 24वें मुख्यमंत्री, 3 जून को लेंगे शपथ

बेंगलुरु/भोपाल। कर्नाटक की राजनीति में शनिवार को एक नए युग की शुरुआत हो गई...

श्री गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जुन...

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा प्रहार: जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सुशासन की स्थापना और आमजन...