11.3 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeराज्यअशोक गहलोत और सचिन पायलट में फिर कलह, भाजपा के लिए 'मौका-मौका'

अशोक गहलोत और सचिन पायलट में फिर कलह, भाजपा के लिए ‘मौका-मौका’

Published on

जयपुर

जालौर में दलित छात्र की मौत को लेकर राजस्थान में सियासत चरम पर है। ना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसे विपक्षी दलों ने राजस्थान सरकार को घेरा है, बल्कि कांग्रेस सरकार में अंदरुनी कलह भी सामने आ गई है। एक तरफ दलितों पर अत्याचार रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाकर कांग्रेस के विधायक पानाचंद मेघवाल ने इस्तीफा दे दिया तो पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर मुख्यमंत्री को नसीहतें दे डालीं। उन्होंने ना सिर्फ पुलिस पर सवाल उठाए बल्कि यह भी गहलोत की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि दूसरे राज्यों में भी आपराधिक घटनाएं होती हैं।

पायलट और गहलोत के बीच एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप से भाजपा को मौका मिल गया है। भाजपा ने गहलोत को निशाना बनाना शुरू कर दिया है तो दूसरी तरफ पायलट को सहलाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिस तरह पहले कन्हैयालाल और अब दलित छात्र इंद्र की मौत को लेकर गहलोत सरकार पर सवाल उठे हैं, उसने ‘सब्र’ करके बैठे पायलट को फ्रंटफुट पर ला दिया है। वहीं, चुनाव से पहले भाजपा को भी मुद्दा मिल गया है।

शेखावत ने कसा तंज
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पायलट की ओर से आलोचना किए जाने के बाद गहलोत पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, ”केवल सचिन पायलट ही नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी में कभी न कभी, किसी न किसी का ज़मीर जगता रहता है। कभी भरत सिंह कुछ बोलते हैं तो कभी सचिन पायलट इस बारे में बात करते हैं लेकिन CM सार्वजनिक जगहों पर अपने ही नेताओं का उपहास उड़ाते हैं।”

पायलट ने ऐसा क्या कहा?
सचिन पायलट मंगलवार को जालौर में उस दलित छात्र के घर पहुंचे जिसकी मौत कथित तौर पर मटकी छू लेने की वजह से टीचर की पिटाई से हो गई। हालांकि, पुलिस का दावा इससे अलग है। सचिन पायलट ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने पीड़ित परिवार पर कथित रूप से लाठीचार्ज किए जाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलने के बाद कहा, ”हमें दलितों में यह विश्वास पैदा करना होगा कि हम उनके साथ खड़े हैं। इसके अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। सरकार को व्यवस्था बदलने के लिए खामियों को दूर करने के लिए काम करना चाहिए।”

Latest articles

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

वैष्णव छीपा समाज भोपाल का प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न

भोपाल। वैष्णव छीपा समाज भोपाल का नौवां प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन गुफा मन्दिर...

भोपाल में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, भूमाफियाओं द्वारा प्लॉटिंग और निर्माण जारी

भोपाल। राजधानी भोपाल के ग्राम हताईखेड़ा में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...