26.7 C
London
Monday, May 25, 2026
Homeभोपालसरकारी तानाशाही! ठेले पर बीमार पिता को ले जाने की खबर दिखाई,...

सरकारी तानाशाही! ठेले पर बीमार पिता को ले जाने की खबर दिखाई, तीन पत्रकारों पर मुकदमा

Published on

भिंड

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में पत्रकारों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलने की एक खबर दिखाए जाने पर प्रशासन के द्वारा तानाशाही भरा रवैया देखने को मिला है। ज़िला कलेक्टर ने जिले के तीन पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इन तीनों पत्रकारों पर धारा 420, 505 और धारा 59, 2008 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन के द्वारा की गई इस कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश के पत्रकारों में रोष है और वे बड़े आंदोलन करने की तैयारी में हैं।

दरअसल मध्य प्रदेश के चंबल इलाके के भिंड जिले में तीन दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति अपने बीमार पिता को हाथ ठेले पर अस्पताल ले जा रहा था। इस बारे में जब स्थानीय पत्रकारों ने उस व्यक्ति से बात की उसने बताया कि एंबुलेंस लेने के लिए कई बार उसने कोशिश की, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची इसलिए उसने अपने बीमार पिता को एक ठेले पर ले जाने का फैसला किया। उसके बाद स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलने वाली खबर को प्राथमिकता से दिखाया।

जांच रिपोर्ट में दावा- भ्रामक है खबर
सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक इस खबर का असर देखने को मिला और उसके बाद जिला जिला कलेक्टर सतीश कुमार ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिये। इसके साथ ही एक जांच दल का गठन कर दिया। जांच दल ने कलेक्टर को रिपोर्ट पेश की और कहा कि यह खबर भ्रामक और झूठी है। परिवार ने एंबुलेंस के लिए कॉल करने का कोई प्रयास नहीं किया। उसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर तीन पत्रकारों पर जालसाजी का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया।

कौमरे पर कही थी पीड़ितों ने पूरी बात
पत्रकारों ने बताया कि एक व्यक्ति के द्वारा अपने पिता को हाथ ठेले पर ले जाने का वीडियो वायरल हुआ था। उसके बाद वे पीड़ित के घर पहुंचे थे और पूरी मामले की पड़ताल की। पीड़ित ने उनको बताया कि कई बार उसने एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची और वह हाथ ठेले से अपने पिता को अस्पताल ले गया। इस पूरे मामले में परिवारजनों ने कैमरे पर बोला है कि उन्होंने एंबुलेंस को फोन किया था लेकिन यह बात अब प्रशासन मानने को तैयार नहीं है।

पत्रकारों का आरोप- प्रशासन ने पीड़ित परिवार पर डाला दबाव
पत्रकारों का आरोप है कि प्रशासन ने परिवार पर दबाव डाला है और कहा है कि जो सरकार की तरफ से सुविधाएं मिल रही हैं, उनको वापस ले लेंगे। इस कारण पूरा परिवार प्रशासन के दबाव में है। जिला कलेक्टर ने तानाशाही अपनाते हुए पत्रकारों के खिलाफ षड्यंत्र रच उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है, जिससे पूरे जिले के पत्रकारों में रोष है और अब धीरे-धीरे यह चिंगारी पूरे मध्य प्रदेश में फैलती जा रही है।

Latest articles

ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI बोले- यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निष्पक्ष जांच बहुत ज़रूरी

नई दिल्ली। ट्विशा शर्मा केस का स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार...

देश में आज से ‘नौतपा’ शुरू, पारा 47 डिग्री के पार; जानें अपने राज्य और शहर का हाल

नई दिल्ली। देश में आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है, ​9 दिन...

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल

एमपी में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज; बीजेपी चल सकती है 'सवर्ण' दांव, तीसरी...

इस महीने चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ

नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी...

More like this

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल

एमपी में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज; बीजेपी चल सकती है 'सवर्ण' दांव, तीसरी...

मध्यप्रदेश में आसमान से बरस रही आग, कई शहर 45 डिग्री के पार, 37 जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही सूरज ने तेवर दिखाने शुरू...

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में ए.आर. रहमान का जादू, फिल्म ‘पेड्डी’ के प्रमोशन के लिए उमड़ा सितारों का मेला

​भोपाल। राजधानी के भेल दशहरा मैदान में मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता गायक ए.आर....