5.3 C
London
Friday, February 20, 2026
Homeराष्ट्रीयमैटरनिटी लीव को लेकर नया आदेश, अब इन स्थितियों में भी मिल...

मैटरनिटी लीव को लेकर नया आदेश, अब इन स्थितियों में भी मिल सकती है 60 दिन की छुट्टी

Published on

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने मातृत्व अवकाश को लेकर नया आदेश जारी किया है। शुक्रवार को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, सभी महिला कर्मचारियों को प्रसव के तुरंत बाद नवजात शिशु की मौत होने की स्थिति में 60 दिनों का विशेष मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि मृत शिशु पैदा होने या जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु की मौत से मां को पहुंचने वाली भावनात्मक चोट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है क्योंकि ऐसी घटनाओं का मां के जीवन पर बहुत गहरा प्रभव पड़ता है।

डीओपीटी ने बताया कि मृत शिशु पैदा होने या जन्म के तुरंत बाद उसकी मृत्यु होने पर अवकाश-मातृत्व अवकाश के संबंध में स्पष्टीकरण का अनुरोध करने वाले कई आवेदन उसे मिले हैं। विभाग ने आदेश में कहा, ‘स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया है। मृत नवजात शिशु के जन्म या प्रसव के तुरंत बाद उसकी मौत से पहुंचने वाले सदमे को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार की महिला कर्मचारियों को ऐसी स्थिति में 60 दिनों का विशेष मातृत्व अवकाश देने का फैसला लिया गया है।’

क्या कहता है नया आदेश
डीओपीटी ने अपने आदेश में कहा है, अगर केन्द्र सरकार की महिला कर्मचारी पहले ही मातृत्व अवकाश ले चुकी है और मृत शिशु पैदा होने या शिशु की मृत्यु होने तक उसका अवकाश जारी है तो, ऐसा होने की तारीख तक कर्मचारी द्वारा लिए गए अवकाश को उसके पास मौजूद अन्य किसी अवकाश में तब्दील किया जा सकता है, जिसमें किसी प्रकार के मेडिकल प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी। आदेश के अनुसार, कर्मचारी को मृत बच्चे के जन्म या बच्चे की मृत्यु होने पर उस दिन से तत्काल 60 दिनों का विशेष मातृत्व अवकाश दिया जाएगा।

कब और कैसे लिया जा सकता है यह अवकाश
आदेश के अनुसार, अगर केन्द्र सरकार की महिला कर्मचारी ने मातृत्व अवकाश नहीं लिया है तो मृत शिशु के जन्म या शिशु की मृत्यु होने की तारीख से उसे 60 दिनों का विशेष मातृत्व अवकाश दिया जा सकता है। जारी किए गए आदेश के अनुसार, प्रसव से 28 दिन तक के भीतर नवजात शिशु की मृत्यु होने पर यह प्रावधान प्रभावी माना जाएगा।

इन शर्तों का करना होगा पालन
आदेश के अनुसार, विशेष मातृत्व अवकाश का लाभ केन्द्र सरकार की सिर्फ उन महिला कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी दो से कम जीवित संतान हैं और जिनका प्रसव अधिकृत अस्पताल में हुआ है। अधिकृत अस्पताल से तात्पर्य सरकारी अस्पताल या ऐसे निजी अस्पतालों से है जो केन्द्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के पैनल में शामिल हैं। डीओपीटी के आदेश के अनुसार, पैनल से बाहर के किसी निजी अस्पताल में आपात स्थिति में प्रसव होने पर इमरजेंसी प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा।

 

Latest articles

शिक्षा में नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम: उच्च शिक्षा अब होगी रोजगारपरक – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में नवाचार , आधुनिक तकनीक और भारतीय...

रेडियो बना जन-संवाद का सशक्त माध्यम, ‘मन की बात’ ने फूंकी नई जान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम...

पिपलानी इलाके की लेबर कॉलोनी में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

भोपाल राजधानी के पिपलानी इलाके की लेबर कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना...

दूषित पानी के मुद्दे पर विधानसभा घमासान, कांग्रेस ने बोतलों में गंदा पानी दिखाकर किया प्रदर्शन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को राजनीतिक पारा उस समय चढ़...

More like this

टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत, 61 रन से हराया

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 61 रन से करारी शिकस्त देकर...

छह छंदों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य, सरकार ने जारी किए आदेश

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से...

श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में महाशिवरात्रि पर ‘हर-हर महादेव’ की गूंज, नन्हे बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियाँ

भोपाल कोलार रोड स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति...