जयपुर
राजस्थान में सरकार बदलने के बाद जैसे सत्ता से अशोक गहलोत की छुट्टी हुई। उसी तरह अब राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से उनके बेटे वैभव गहलोत की भी छुट्टी हो गई। दिसंबर 2022 में वैभव गहलोत आरसीए के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे लेकिन अब आरसीए के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्य उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए। जैसे ही अविश्वास प्रस्ताव की जानकारी वैभव गहलोत को मिली, हार के डर के चलते उन्होंने अपना इस्तीफा भेज दिया।
पढें अपने इस्तीफे में क्या लिखा वैभव गहलोत ने
वैभव गहलोत ने दो पेज का इस्तीफा लिखा जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है। इस इस्तीफे में गहलोत ने लिखा कि वर्ष 2019 में वे पहली बार आरसीए के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उनके अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान में क्रिकेट मैचों पर लगा प्रतिबंध हटाया गया। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मैचों और आईपीएल पर प्रतिबंध लगा हुआ था जिसे काफी प्रयासों के बाद हटाया गया। वैभव गहलोत ने यह भी लिखा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी इमानदारी के साथ निभाई।
यही कारण रहा कि दिसंबर 2022 में उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने जयपुर के साथ अन्य जिलों में भी स्टेडियम विकसित करने के कार्य शुरू किए। जोधपुर में बरकतुल्ला खां स्टेडियम का जीर्णोद्धार कराया और उदयपुर में भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने का काम शुरू किया। साथ ही अन्य जिलों में भी स्टेडियम बनाने की संभावनाओं को तलाशा गया।
आरसीए पर तालाबंदी, द्वैषता पूर्वक कार्रवाई कर रही सरकार
वैभव गहलोत ने अपने इस्तीफे में प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ भी खुन्नस निकाली। उन्होंने लिखा कि प्रदेश में सरकार बदलने के बाद में आरसीए के खिलाफ जल्दबाजी में गैरवाजिब कार्रवाई की गई। दफ्तर की तालेबंदी तक कर दी और स्टेडियम से भी बेदखल कर दिया। इस द्वैषता पूर्वक कार्रवाई से राजस्थान क्रिकेट में अविश्वास का माहौल बनने लगा। राज्य में होने वाले आईपीएल के मैचों पर संकट आने लगा। ऐसे में क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में वे अपना इस्तीफा दे रहे हैं।
गजेंद्र सिंह खींवसर और राजेंद्र राठौड़ के बेटे अध्यक्ष पद की दौड़ में
वैभव गहलोत के इस्तीफा देने के बाद आरसीए में नए अध्यक्ष के लिए भागदौड़ शुरू हो गई है। केबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह और बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे हैं। धनंजय सिंह नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं जबकि पराक्रम सिंह राठौड़ हाल ही में चुरू जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने हैं। बीजेपी में अब इन दोनों नेता पुत्रों में से किसी एक का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है।
