कोहली पर लगे फेक फील्डिंग के आरोप की बहस में कूदे दिग्गज

नई दिल्ली,

भारत और बांग्लादेश के बीच टी-20 वर्ल्ड कप 2022 में बुधवार (2 नवंबर) को खेले गए मुकाबले में फुल रोमांच देखने को मिला. भले ही खेल के स्तर पर दोनों टीमों में मुकाबला ना हो, लेकिन भारत और बांग्लादेश जब भी मैदान में आमने-सामने आती हैं तब फुल रोमांच देखने को मिलता है और साथ ही साथ विवादों का तड़का भी इसमें ज़रूर लगता है. टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के इस मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही हुआ, बारिश से प्रभावित इस मैच में टीम इंडिया की पांच रनों से जीत हुई जो डकवर्थ लुईस नियम के तहत मिली थी.

इस मैच में कई ऐसे पल आए जो विवादों में रहे, लेकिन एक पल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला छिड़ गया है, जिसमें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली का नाम है. बांग्लादेश ने विराट कोहली पर फेक फील्डिंग का आरोप लगाया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी एक तीखी बहस छिड़ गई है. यह पूरा मसला क्या है और किस तरह मैच के बाद भी भारत-बांग्लादेश आमने-सामने हैं, समझिए…

बांग्लादेश ने विराट कोहली पर लगाया आरोप
भारत-बांग्लादेश मैच के बाद बांग्लादेश के नुरुल हसन ने आरोप लगाया कि मैच के दौरान एक ऐसा पल आया जब ऑनफील्ड अंपायर्स ने विराट कोहली द्वारा की गई फेक फील्डिंग को मिस कर दिया. अगर अंपायर्स ने उसपर ध्यान दिया होता तो भारत को पांच रनों की पेनाल्टी मिलती और हम मैच जीत सकते थे. नुरुल हसन ने कहा कि बारिश के बाद मैदान गीला था, ऐसे में हम इन बातों की चर्चा करते हैं. मैच में एक नकली थ्रो भी थे, वह पांच रनों की पेनाल्टी हो सकती थी, लेकिन चीज़ें हमारे पक्ष में नहीं गई.

मैच में कब हुआ था फेक फील्डिंग का वाकया
एडिलेड में खेले गए इस मैच में जब बांग्लादेश की टीम बल्लेबाजी कर रही थी, उस वक्त पारी के सातवें ओवर में ये वाकया हुआ. जब बांग्लादेश के लिटन दास और नजमुल हुसैन शंटो बल्लेबाजी कर रहे थे. बांग्लादेशी बल्लेबाज ने जब शॉट मारा तो भारत के अर्शदीप सिंह ने डीप से गेंद फेंकी और नुरुल का कहना है कि प्वाइंट पर खड़े विराट कोहली ने उसे पकड़कर रिले थ्रो से दूसरे छोर पर फेंकने का एक्शन किया. इसी को आधार बनाकर वह विराट कोहली पर फेक फील्डिंग का आरोप लगा रहे हैं.

क्या है आईसीसी का रूल?
फेक फील्डिंग को लेकर हालिया वक्त में कोई बड़ी बहस इसी मैच में सुनने को मिली है. अगर नियमों के खंगालें तो आईसीसी की खेलने की शर्तों के नियम 41.5 के अनुसार फील्डिंग करने वाली टीम बल्लेबाज को जान बूझकर बाधा नहीं पहुंचा सकती या उसका ध्यान नहीं भटका सकता. अगर अंपायर को ऐसा लगता है कि किसी खिलाड़ी ने नियम तोड़ा है तो वह डेड बॉल घोषित करके पेनल्टी के पांच रन दे सकते हैं. चूंकि शंटो और लिटन ने कोहली की तरफ देखा भी नहीं तो उनका ध्यान भटकने का सवाल ही नहीं उठता. ऐसी संभावना है कि मैच अधिकारियों की आलोचना के कारण नुरूल को सजा मिल जाए.

फेक फील्डिंग विवाद पर बहस
इस टी-20 वर्ल्ड कप में जबरदस्त फॉर्म में चल रहे विराट कोहली पर इस तरह का आरोप लगना एक बड़ी घटना है. यही वजह है कि बांग्लादेशी प्लेयर द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद इसपर बहस छिड़ी है और लगातार बयान सामने आ रहे हैं. दिग्गज कमेंटेटर हर्षा भोगले ने इस मसले पर कई ट्वीट किए और विवाद को समझाने की कोशिश की.

हर्षा भोगले ने लिखा, ‘फेक फील्डिंग वाले विवाद की बात करें तो सच यह है कि ये किसी ने नहीं देखा. ना अंपायर्स ने, ना बल्लेबाजों ने और ना ही हमने. नियम 41.5 ऐसे मामलों में पांच रनों की पेनाल्टी लगाने का जिक्र करता है (इसमें भी अंपायर्स पर चीज़ें निर्भर करती हैं) लेकिन जब किसी ने नहीं देखा तो आप क्या करेंगे. मुझे नहीं लगता कि कोई भी इस तरह की शिकायत करेगा कि ग्राउंड काफी गीला था. शाकिब ने सही बताया था कि ऐसे मामलों में चीज़ें बल्लेबाजी कर रही टीम के पक्ष में जाती हैं. अंपायर्स, क्यूरेटर्स का काम मैच को चालू रखना था जबतक कि हालात बिल्कुल बदतर नहीं हो जाते हैं. उन्होंने अपने काम को बखूबी निभाया और कम से कम समय नष्ट होने दिया. तो बांग्लादेश के मेरे दोस्तों, फेक फील्डिंग या गीले मैदान को लक्ष्य तक ना पहुंचने का बहाना ना बनाएं. अगर एक बल्लेबाज भी आखिर तक टिकता तो बांग्लादेश मैच जीत सकता था. हम सब इसके दोषी हैं, जब हम बहाना ढूंढते हैं बड़े नहीं होते हैं.’

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