आज थ्रिफ्ट का नया इतिहास लिखेंगे मतदाता या पुरानों को पहनायेंगे ताज

-कई पैनल मैदान में साफ सुथरी छवि के उम्मीदवारों की तलाश
-पुराने 11 डायरेक्टरों में से किसको करेंगे पसंद आज ही हो जायेगा फैसला

भोपाल

लंबे समय तक चुनाव को लेकर विवादों में उलझी रही बीएचईई थ्रिफ्ट एंड के्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी का मतदान रविवार को होगा । यूं तो भेल कर्मचारियों ने अलग-अलग पैनल बनाकर चुनाव जीतने के लिये प्रचार जोरदार किया है । हर पैनल अपनी-अपनी जीत के वादे कर रही है क्या यह पैनल दम दिखा पायेंगी या किसी भी एक पैनल को जिताकर थ्रिफ्ट में बिठायेंगे यह तो रविवार को ही मतदान और फिर देर रात को परिणाम से पता चल जायेगा ।

साल 2017 के चुनाव में भेल कर्मचारियों ने एकमात्र पारदर्शी पैनल को पूण बहुमत देकर थ्रिफ्ट का ताज पहनाया था लेकिन इस पैनल से चुनाव लड़े और संचालक बने फिर इनके बीच दो फाड़ होने के कारण संस्था को काफी बदनामी का सामना करना पड़ा । बात इतनी बढ़ गई कि यह एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन गये फिर एक-दूसरे पर न केवल आरोप-प्रत्यारोप जड़ते रहे बल्कि जो चुनाव जनवरी 2022 में होने थे वह 13 नवंबर 2022 को हो रहे हैं ।

10 माह देरी से चुनाव होने के कारण यह संस्था चर्चाओं का केन्द्र बिन्दु बन गई हालांकि इन्होंने एक-दूसरे पर जड़े आरोपों को सिद्ध नहीं कर पाये लेकिन दूसरी पैनलों के लोगों को इन पर आरोप जडऩे का पूरा मौका मिल गया । इसलिये आज संस्था के 4700 मतदाता यह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि वह किसी पैनल व किसी उम्मीदवार को वोट दें वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि वह नया इतिहास रचे या पुरानों को पहनाये ताज । इस बार भेल पारदर्शी पैनल,प्रगतिशील पैनल,आदर्श पैनल,सत्यमेव जयते पैनल,संकल्प पैनल,भेल स्वास्तिक पैनल और अच्छी छवि वाले कुछ निर्दलीय भी चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं ।

पारदर्शी पैनल से इस संस्था के पूर्व संचालक कमलेश नागपुरे,गौतम मोरे,भीम धुर्वे,राजकुमारी सैनी अन्य उम्मीदवारों के साथ चुनाव में डटें हैं वहीं प्रगतिशील पैनल से संस्था के वर्तमान अध्यक्ष बसंत कुमार,पूर्व संचालक रामनारायण गिरी व अन्य उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं । आदर्श पैनल से पूर्व संचालक राजेश शुक्ला,संजय गुप्ता नये चेहरों को लेकर सबको परेशान किये हुये हैं। पहली बार थ्रिफ्ट सदस्यों की आंखें व आवाज बनकर एकदम युवा उम्मीदवारों की टीम मैदान में उतार कर भारी जन समर्थन का दावा कर चुनाव लड़ रही है ।

मजेदार बात यह है कि इस टीम में बहुचर्चित युवा नेता दीपक गुप्ता,निशांत कुमार नंदा,विजेन्द्र पाटिल,कैलाश मालवीय,कृष्णा डोंगरे,विनय सिंह,सादिक खान,सुरेश कुमार,राजकुमार इड़पाची भी किसी से कम दिखाई नहीं दे रहे हैं । युवा उम्मीदवारों की दम पर भेल स्वास्तिक पैनल के उम्मीदवार अजय रत्नाकर,कृष्णा चौधरी,आरएस अरोरा,लोचेन्द्र राहंगडाले,राजेश पाटकर,विजय कुमार तिवारी,शमसुल हक,योगेश कुमार जाटव,पुष्पा मिश्रा,वर्षा बांगड़े,वंदना पाटकर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं । इस पैनल ने इस बार इस चुनाव को जीतने के लिये पूरी ताकत झोंक दी है ।

रही बात भेल संकल्प पैनल की तो वह भाजपा नेता व समाज सेवी चंन्द्रमोहन साहू,सुनिल महाले,एसके कुरील के साथ अपनी छवि को भुनाने के लिये अपनी पैनल को जिताने की पूरी कोशिश कर रहे हैं इसके अलावा निर्दलीय ऋषिकेश मीना,उदयराज सिंह,अजीत सिंह कुशवाह  आदि भी चुनाव मैदान में डटे हैं । सब मिलाकर इस बार मुकबला कांटें का है खुद पैनल के लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि लंबे समय तक विवादों में रहने के कारण कौन जीतेगा बाजी। कोई 11 डायरेक्टरों की हारने की बात करता है तो कोई जीतने की तो कोई हर पैनल से साफ सुथरी छवि के उम्मीदवारों के जीतने के दावे कर रहा है ।

किसी भी निर्दलीय उम्मीदवार के जीतने के दावे तो तब ही सच होंगे जब उसकी मतदाताओं बीच या तो साफ सुथरी छवि हो या फिर उनके बीच पैठ । हां इस बार भेल के अफसरों से  यह उम्मीद की जा रही है कि वह इस बार ज्यादा से ज्यादा मतदान मेें भाग लेंगे ऐसा होतो है तो  हार-जीत के समीकरण काफी बदल जायेंगे। रविवार को मतदान के बाद देर रात को चुनाव परिणाम के बाद यह बात सामने आ जायेगी की किस में कितना दम है ।

ईवीएम से होगा चुनाव
बीएचईएल के सांस्कृतिक सभागार में थ्रिफ्ट सोसायटी के चुनाव रविवार को सुबह 9.30 बजे से शाम 4.30 तक मतदान होगा । इसके लिये पूरी तैयारी कर ली गई है । मतदान ईवीएम मशीन से होगा । इसके लिये 15 बूथ बनाये गये हैं । बूथ को स्टाफ नंबर वाइज बांटा गया है मतदान केन्द्रों की संख्या 11 बताई जा रही है ।  मतदान केन्द्र पदर सामान्य वर्ग के लोगों को 8,महिला वर्ग को 2 और अनुसूचित जन जाति के वर्ग को 1 उम्मीदवार को मतदान करना है। चुनाव शांतिपूर्ण हो इसके लिये चुनाव अधिकारी सारी व्यवस्थाऐंं कर दी हैं

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