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वे आतंकी हैं, उन्हें फांसी नहीं तो फिर किसे… राजीव गांधी के कातिलों की रिहाई से भड़कीं पूर्व पुलिस अफसर

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चेन्नै

राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई के बाद रिटायर्ड पुलिस अफसर की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। आत्मघाती बम विस्फोट में अपनी तीन उंगलियां गंवाने वाली महिला पुलिस अफसर ने दोषियों की रिहाई पर विरोध जताया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिटायर्ड पुलिस अधिकारी अनुसूया डेजी अर्नेस्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, ” क्या उस बम विस्फोट में हुईं मौतें व्यर्थ थीं या कि फिर उन लोगों जिंदगी का कोई मोल नहीं था। यह आतंकवादी वारदात थी और मेरा मानना है कि जिन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी उन्हें मरते दम तक जेल में ही रहना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट के जरिए दोषियों को रिहा किया जाना पूरी तरह से गलत है।”

मीडिया से बातचीत में रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने उठाए सवाल
राजीव गांधी की तस्वीर लिए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि दोषी दया के पात्र नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने आदेश की समीक्षा करने की मांग की। तो वहीं दूसरी ओर पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व पुलिस अधिकारी रही अनुसूया ने सवाल करते हुए कहा कि “जो दोषी आतंकवादी थे जिन्होंने पूर्व पीएम और कई अन्य लोगों की हत्या की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश कैसे दे दिया। अगर ऐसे लोग मृत्युदंड के लायक नहीं हैं, तो फिर यह और किसे मिलना चाहिए?”

पूर्व पुलिस अधिकारी ने सवाल करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एक प्रस्ताव पारित कर दोषियों की रिहाई की मांग की थी। “क्या राज्य सरकार 30 साल से अधिक जेल में बिताने वाले कट्टरपंथियों सहित सभी दोषियों की रिहाई की सिफारिश करते हुए एक प्रस्ताव पारित करेगी?” अनुसूया ने कहा “दोषियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए। सरकार को अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए मुआवजे के रूप में 5 करोड़ रुपये और विस्फोट में घायल हुए लोगों के लिए 3 करोड़ रुपये देना चाहिए, ”।

पूर्व पुलिस अधिकारी ने गंवाई थी तीन उंगलियां
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में पूर्व पुलिस अधिकारी ने अपनी तीन उंगलियां गंवा दी थीं। इसके साथ ही उन्होंने अपने शरीर से छर्रों को निकालने के लिए कई सर्जरी करवाई हैं। वह कहती हैं बम के कुछ और छर्रे उनके शरीर में अभी भी हैं। विस्फोट के बाद उसकी दो उंगलियां कट गईं। तो वहीं एक और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। जिस उंगली को ठीक करने के लिए एक प्लास्टिक सर्जरी की गई।

राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई को लेकर विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने वाले तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रामलिंगा ज्योति ने मांग करते हुए कहा कि केंद्र इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद के दोनों सदन बुलाए। उन्होंने कहा कि “शीर्ष अदालत को अपने आदेश की समीक्षा करनी चाहिए। राजीव गांधी के हत्यारे दया के पात्र नहीं थे और उन्हें जीवन भर जेल में रहना चाहिए।” वहीं बिना अनुमति धरना देने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी ले लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

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