RBI ने फिर दिया जोर का झटका, कार-होम और पर्सनल सभी लोन महंगे

नई दिल्ली:

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रमुख ब्याज दर अर्थात रेपो रेट में 35 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही अब रेपो रेट बढ़कर 6.25 फीसदी पहुंच गया है। केंद्रीय बैंक ने लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। इस तरह पांच किस्तों में रेपो रेट में 2.25 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। आरबीआई ने महंगाईमें कमी लाने के लिए रेपो रेट में यह बढ़ोतरी की है। रेपो रेट बढ़ने से होम लोन समेत सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे। लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों को फायदा होगा। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। केंद्रीय बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए जीडीपी के ग्रोथ अनुमान को घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया है। 30 सितंबर को पिछले पॉलिसी स्टेटमेंट में इसके सात फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था।

रेपो रेट क्या होता है
रेपो रेट को प्रमुख ब्याज दर के नाम से भी जाना जात है। रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर कमर्शियल बैंक आरबीआई से पैसा उधार लेते हैं। जब बैंकों के लिए उधारी महंगी हो जाती है, तो वे इसका बोझ ग्राहकों पर डालते हैं और अधिक रेट पर लोन देते हैं। मतलब साफ है कि रेपो रेट बढ़ने पर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगा हो जाता है। ग्राहकों को डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज का निर्धारण भी मोटे तौर पर रेपो रेट से ही होता है। यानी रेपो रेट में बढ़ोतरी होने पर बैंक एफडी पर ब्याज दरों बढ़ा देते हैं। रेपो रेट में कमी से लोन सस्ता होता है ईएमआई (EMI) घट जाती है।

कब-कब बढ़ा रेपो रेट
आरबीआई ने इस साल चार मई को रेपो रेट में 0.4 फीसदी, 8 जून को 0.5 फीसदी, 5 अगस्त को 0.5 प्रतिशत और 30 सितंबर को 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। महंगाई को काबू करने के लिए आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है। आरबीआई मॉनीटरी पॉलिसी को तय करने के लिए सीपीआई (CPI) यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर गौर करता है। आरबीआई को महंगाई दर दो से छह फीसदी रखने का लक्ष्य दिया गया है लेकिन इस साल महंगाई लगातार इस स्तर से ऊंची रही है। यही वजह है कि आरबीआई लगातार रेपो रेट में बढ़ोतरी कर रहा है।

होम लोन की किस्त बढ़ेगी
बैंक जो नए रिटेल लोन देते हैं, वे किसी एक्सटरनल बेंचमार्क से जुड़े होते हैं। अधिकांश मामलों में यह रेपो रेट से जुड़ा होता है। यही वजह है कि रेपो रेट में किसी भी बदलाव का असर होम लोन के इंटरेस्ट रेट पर पड़ता है। यानी रेपो रेट में बढ़ोतरी से अपने होम लोन की किस्त बढ़ जाएगी। साथ ही एमसीएलआर, बेस रेट और बीपीएलआर से जुड़े पुराने होम लोन पर भी इसका असर होगा। अगर किसी व्यक्ति ने अप्रैल 2022 में 30 लाख रुपये का होम लोन 6.95 फीसदी ब्याज पर 20 साल के लिए ले रखा है तो अभी 8.60 फीसदी के हिसाब से उसकी किस्त 26,225 रुपये होगी। रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद अगर बैंक लेंडिंग रेट में 35 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करता है तो ब्याज दर 8.95 परसेंट पहुंच जाएगी। इससे उसकी किस्त बढ़कर 26,895 रुपये पहुंच जाएगी। यानी आपकी किस्त 670 रुपये बढ़ जाएगी।

दूसरे लोन भी होंगे जाएंगे
होम लोन के अलावा वीकल लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन और बिजनस लोन भी महंगा हो जाएगा। बोरोइंग कॉस्ट बढ़ने से आम लोग अनावश्यक खर्च से बचते हैं जिससे मांग घटती है। हालांकि रेपो रेट में बढ़ोतरी का उन ग्राहकों को फायदा होगा जिन्होंने एफडी (FD) करा रखी है। हाल के दिनों में कई बैंकों ने एफडी पर ब्याज दर में भारी बढ़ोतरी की है।

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