4 दिन में 1961 अंक गिरा सेंसेक्स, 15 लाख करोड़ डूबे, सरकारी बैंक 10% तक टूटे

नई दिल्ली

कोरोना के बढ़ते मामलों और ब्याज दरों में इजाफे के दोहरे डर ने आज शेयर बाजार में कोहराम मचा दिया। पिछले चार दिनों में सेंसेक्स 1961 अंक टूट चुका है। आज यह करीब 1000 अंक गिरकर बंद हुआ। इन चार दिनों में बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में कुल 14.86 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। इससे बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 272.53 लाख करोड़ रुपये रह गया है। बीएसई सेंसेक्स (Sensex) शुक्रवार को 980.93 अंक की गिरावट के साथ 59,845.29 पर बंद हुआ है। वहीं, एनएसई निफ्टी (Nifty) 320.55 अंक की गिरावट के साथ 17,806.80 पर बंद हुआ।

इन सेक्टर्स में सबसे अधिक गिरावट
सेंसेक्स में आज टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, एसबीआई और बजाज फिनसर्व में सबसे अधिक गिरावट आई। ये 3 से 5 फीसदी टूट गए। सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो निफ्टी पीएसयू बैंक 6 फीसदी से अधिक गिरा। निफ्टी मीडिया 5 फीसदी गिरा। निफ्टी मेटल 4.47 फीसदी गिरा। वहीं, रियल्टी और ऑयल एंड गैस 3 फीसदी से अधिक टूट गया। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप-50 3.35 फीदसी गिरा। वहीं, स्मॉलकैप-50 में 4.66 फीसदी की गिरावट आई।

पीएसयू बैंकों में आई जबरदस्त गिरावट
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सरकारी बैंकों में बड़ी गिरावट आई। इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयर में आज बीएसई पर 10 फीसदी तक की गिरावट आई। बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पीएनबी और पंजाब एंड सिंध बैंक भी 5 फीसदी से अधिक टूट गए। यस बैंक के शेयर बी बात करें, तो यह आज 7.92 फीसदी या 1.50 रुपये गिरकर 17.45 पर बंद हुआ है।

चीन में बढ़ता कोरोना
चीन में कोरोना की नई लहर ने निवेशकों को डरा दिया है। चीन में संक्रमण दर काफी अधिक बढ़ गई है। ब्लूमबर्ग ने हाल ही में बताया था कि चीन में हर दिन 10 लाख कोरोना के मामले और 5,000 मौतें देखने को मिल सकती हैं। वहीं, एक दूसरी स्टडी के अनुसार कोरोना की इस लहर से चीन में 10 लाख लोगों की जान जा सकती है। बाजार में कोरोना की खबर पर निवेशकों का ओवररिएक्शन देखने को मिला है।

यूएस स्टॉक मार्केट में गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की चिंताओं से गुरुवार रात अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज हुई। डाउ जोन्स 1 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। वहीं, नैस्डैक 2.18 फीसदी गिरकर बंद हुआ था।

ब्याज दरें बढ़ने का डर
अमेरिका में फिर से ब्याज दरों में भारी इजाफे का माहौल बन गया है। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, बेरोजगारी और तीसरी तिमाही के लिए जीडीपी के अच्छे आंकड़ों ने चौंकाया है। लेकिन इसका मतलब है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में और अधिक वृद्धि करने का रास्ता तैयार हो गया है। तीसरी तिमाही में अमेरिका में ग्रोथ रेट 3.2 फीसदी रही है। यह 2.9 फीसदी के अनुमान से अधिक है। बेरोजगारी का आंकड़ा मामूली इजाफे के साथ 2,16,000 रहा है, जो 2,22,000 के अनुमान से कम है।

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