इस साल 90 हजार पहुंचेगी चांदी, बंपर मिलेगा रिटर्न, सोना भी करेगा मालामाल, जानें क्या बता रहे एक्सपर्ट

नई दिल्ली

पिछले साल दुनिया के कई देशों में महंगाई 40 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इसे कंट्रोल करने के लिए केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की। केंद्रीय बैंक अभी भी ब्याज दरों में इजाफे को लेकर अपने रुख पर बरकरार है। इससे साल 2023 में मंदी की आशंकाएं पैदा हो गई हैं। जब भी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी आती है तो सोने-चांदी की कीमतें ऊपर जाने लगती हैं। यही कारण है कि इस साल एक्सपर्ट्स सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल का अनुमान जता रहे हैं। सोने से ज्यादा तेजी चांदी में आने का अनुमान है। केडिया एडवाइजरी के अनुसार इस साल चांदी में 30 फीसदी का रिटर्न  देखने को मिल सकता है। वहीं, सोने से 14 फीसदी रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

चांदी से मिलेगा 30% का रिटर्न
क्या आप इस साल निवेश के हिसाब से सोना खरीदने की सोच रहे हैं? जरा रुकिए। सोने से ज्यादा रिटर्न आपको चांदी में देखने को मिलने वाला है। साल 2023 में सोने की तुलना में चांदी दोगुना मुनाफा दे सकती है। केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया ने बताया कि इस साल चांदी में 30 फीसदी रिटर्न देखने को मिलेगा। इस तरह चांदी की कीमतें साल 2023 में 90,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

इन वजहों से आएगी चांदी में तेजी
1. डॉलर इंडेक्स 114 से गिरकर 104 पर आ गई है। डॉलर में आगे भी गिरावट रहने का अनुमान है। जब डॉलर गिरता है तो सोने-चांदी में तेजी आती है। डॉलर में यह गिरावट चांदी में तेजी का कारण बनेगी।
2. यूएस फेड का ब्याज दरों पर आक्रामक रुख बरकरार रहने से बांड यील्ड में गिरावट आ रही है। यह चांदी की कीमतों को सपोर्ट करेगी।
3. जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिलता है, सोना-चांदी सेफ हैवन एसेट बनने लगते हैं। इससे कीमतों में तेजी आती है। इस समय रूस-यूक्रेन युद्ध जस का तस बना हुआ है। इसके अलवा चीन-ताइवान में भी विवाद बढ़ता जा रहा है।
4. साल 2023 में दुनियाभर में मंदी की आशंका बढ़ रही हैं। अमेरिका में मंदी आना तय है। 2023 चीन के लिए भी काफी बुरा साबित होने वाला है। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। मंदी की स्थिति में सोना-चांदी सेफ हैवन एसेट के रूप में मजबूत होता है और कीमतों में तेजी आती है।
5. चांदी में मजबूत ईटीएफ इन्वेस्टमेंट डिमांड देखने को मिल रही है। यह डिमांड कीमतों को सपोर्ट करेगी।
6. अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में इजाफे के आखिरी चरणों में है। ब्याज दरों में इजाफा चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाने का काम करेगा।
7. सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल के निर्माण में चांदी का उपयोग होते हैं। यहां से चांदी की अच्छी डिमांड देखने को मिल रही है। यह कीमतों को ऊपर ले जाने का काम करेगी।
8. टेलीकॉम कंपनियां 5जी टेक्नोलॉजी की तरफ शिफ्ट हो रही हैं। 5 जी टेक्नोलॉजी में चांदी का इस्तेमाल होता है। इससे भी चांदी की डिमांड बढ़ी है।
9. चांदी की इंडस्ट्रीयल डिमांड बढ़ रही है। यह बढ़ी हुई डिमांड कीमतों को ऊपर ले जाएगी।

62,000 तक जा सकता है सोना
सोने में जब भी तेजी का साइकल आता है, तो यह 2-3 साल तक चलता है। पिछले साल सोने में तेजी देखी गई थी। यह तेजी इस साल और अगले साल भी देखी जाने की उम्मीद है। साल 2022 में सोने ने 13.79 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस साल सोना 14 फीसदी का रिटर्न दे सकता है। केडिया ने बताया कि सोने के भाव इस साल 60,000 रुपये प्रति 10 तक जा सकते हैं।

ये हैं सोने में तेजी के कारण
1. साल 2023 में दुनियाभर में मंदी की आशंका बढ़ रही हैं। अमेरिका में मंदी आना तय है। 2023 चीन के लिए भी काफी बुरा साबित होने वाला है। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। मंदी की स्थिति में सोना सेफ हैवन एसेट के रूप में मजबूत होता है और कीमतों में तेजी आती है।
2. डॉलर इंडेक्स 114 से गिरकर 104 पर आ गई है। डॉलर में आगे भी गिरावट रहने का अनुमान है। जब डॉलर गिरता है तो सोने में तेजी आती है।
3. जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिलता है, सोना-चांदी सेफ हैवन एसेट बनने लगते हैं। इससे कीमतों में तेजी आती है। इस समय रूस-यूक्रेन युद्ध जस का तस बना हुआ है। इसके अलवा चीन ताइवान में भी विवाद बढ़ता जा रहा है।
4. चीन हर साल 1000 टन सोना आयात करता है। जीरो कोविड पॉलिसी लागू होने के दौरान चीन का सोना आयात काफी गिरा हुआ था। लेकिन अब चीन अपनी बॉर्डर्स को पूरी तरह खोल रहा है। वहां जीरो कोविड पॉलिसी वापस ले ली गई है। इससे चीन में सोने की डिमांड बढ़ेगी और यह कीमतों में तेजी लाएगा।
5. भारत, चीन सहित दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं। इससे सोने की डिमांड बनी रहेगी।
6. गिरते शेयर बाजारों के चलते निवेशक इस समय दूसरे निवेश विकल्पों की तरफ देख रहे हैं। ऐसे में सोने की मजबूत इन्वेस्टमेंट डिमांड बनी हुई है।
7. अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में इजाफे के आखिरी चरणों में है। ब्याज दरों में इजाफा सोने की कीमतों को ऊपर ले जाने का काम करेगा।
8. भारत में जूलरी की डिमांड में रिकवरी देखने को मिल रही है। साथ ही इंडियन गोल्ड ईटीएफ का पोर्टफोलियो भी बढ़ रहा है। इससे कीमतों में तेजी देखने को मिलेगी।
9. बढ़ती महंगाई और घटती ग्रोथ रेट से स्टैगफ्लेशन की स्थिति बन रही है। स्टैगफ्लेशन सोने को सपोर्ट करती है।

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