12.7 C
London
Friday, June 5, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयअमेरिका पर अब नहीं रह गया है जापान को भरोसा! क्‍यों वॉशिंगटन...

अमेरिका पर अब नहीं रह गया है जापान को भरोसा! क्‍यों वॉशिंगटन पर शक कर रहा टोक्यो?

Published on

टोक्‍यो

जापान दुनिया का वह‍ इकलौता देश जिसने कभी परमाणु हमला झेला। अमेरिका ने जब अपना परमाणु बन बनाया तो उसने जापान पर ही गिरा दिया। हिरोशिमा और नागासाकी में तबाही झेलने के बाद भी जापान के रिश्‍ते अमेरिका के साथ अच्‍छे ही रहे। लेकिन अब माना जा रहा है कि इन रिश्‍तों में दुनिया को बदलाव देखने को मिल सकता है। जापान ने तय कर लिया है कि वह लंबी दूरी के हथियारों और सैन्‍य क्षमताओं पर जमकर निवेश करेगा। उसका यह फैसला बताने के लिए काफी है कि वह किसी किस दिशा में बदलाव को लेकर जाने वाला है। इसका सीधा असर अमेरिका के साथ उसके रिश्‍तों पर भी पड़ सकता है।

कई हथियारों की खरीद की तैयारी
जापान के रक्षा मंत्रालय ने उपकरणों और हथियारों की एक लंबी लिस्‍ट जारी कर दी है। जापान का कहना है कि इन उपकरणों और हथियारों को रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए खरीदा जाएगा। उसका मकसद चीन, उत्‍तर कोरिया और रूस की तरफ से मिलते खतरों का सामना करना है। जो योजना जापान ने तैयार की है उसके मुताबिक वह हाइपरसोनिक हथियारों की रिसर्च करेगा और उन्‍हें विकसित करेगा। साथ ही वह हाई स्‍पीड ग्‍लाइड बमों, टाइप 03 मिसाइल का सुधरा हुआ वर्जन, लक्ष्‍य भेदने वाले हथियारों के साथ ही अंडरवॉटर व्‍हीकल्‍स और समंदर के अंदर निशाना बनाने वाले हथियारों को भी तैयार करेगा।

क्षमताएं विकसित कर रहा
जापान की योजना यूएवी, टाइप 12 एंटी शिप मिसाइल, ग्‍लाइड बम और SH-60K एंटी-सबमरीन हेलीकॉप्‍टर्स को खरीदने की भी है। इसके अलावा जापान समंदर पर गश्‍त के लिए एंटी-शिप मिसाइल, साइलेंट पावर यूनिट्स वाले टॉरपीडोज और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें खरीदने की योजना भी बना रहा है। जापान की इस खरीद से साफ है कि वह अब रणनीतिक तौर पर अमेरिका से आजादी चाहता है।

साथ ही साथ चीन से निबटने के लिए असममित युद्ध क्षमता का निर्माण भी करना चाहता है। समुद्र पर गश्‍त लगाने वाले विमानों के लिए हाइपरसोनिक हथियार, हाई-स्पीड ग्लाइड बम और एंटी-शिप मिसाइल को खरीदने की जापान की योजना यह बतातने के लिए काफी है कि वह कैसे अमेरिका की तरफ से मिली सुरक्षा गारंटी से अलग आजाद देसी क्षमताओं को विकसित करने की तरफ बढ़ चुका है।

अमेरिका पर जापान को शक
जापान सन् 1951 से ही अमेरिका की परमाणु छाया में रह रहा है। लेकिन उसे इस बात पर शक है कि उसकी रक्षा के लिए अमेरिका परमाणु हथियारों का प्रयोग करेगा। जापान के रक्षा विशेषज्ञ ताकाहाशी कोसुके ने एडमिरल (रिटायर्ड) कवानो कात्सुतोशी के हवाले से कहा है कि हर चार साल में अमेरिका की जनता राष्‍ट्रपति चुनावों में हिस्‍सा लेती है। इन चुनावों के दौरान वह अमेरिका के सा‍थियों के लिए अमेरिका की क्षमताओं और विश्वसनीयता के बारे में भी सवाल उठाती है। ऐसे में अमेरिका की तरफ से वही पुराना रणनीतिक तर्क जापान को दिया जाएगा, इस बारे में संदेह है।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे बोर्ड टॉपर बच्चों का सम्मान, प्रत्येक मेधावी को मिलेंगे दो-दो लाख रुपए

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार, 5 जून को राजधानी रायपुर के...

कांस्टेबल भर्ती: रिक्त पदों को भरने के लिए 19 अभ्यर्थियों की नई सूची जारी

जयपुर। राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल भर्ती-2025 की प्रक्रिया के तहत रिक्त रह गए पदों...

‘खालसा टैक्स’ विवाद पर हिमाचल-पंजाब आमने-सामने, सीएम सुक्खू ने भगवंत मान से की मुलाकात

शिमला/चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर बाहरी राज्यों के वाहनों से वसूले जा रहे...

“पति को जल्द गिरफ्तार करें, नहीं तो वह मुझे मार डालेगा”: घरेलू हिंसा की शिकार महिला ने लगाई गुहार

भोपाल। भोपाल के भीमनगर क्षेत्र की रहने वाली गीता पटेल ने अपने पति पर...

More like this

भेल में अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणालियों का उद्घाटन— ईडी ने किया शुभारंभ

भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल के कार्यपालक निदेशक (ईडी) पीके उपाध्याय ने...

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...