अडानी के शेयर, मौद्रिक नीति, ये 5 फैक्टर तय करेंगे मार्केट की चाल!

नई दिल्ली,

सप्ताह भर में हुए तेज सुधार के बाद तीन फरवरी को भारतीय शेयर मार्केट हरे निशान में क्लोज हुआ. बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी (Nifty) दोनों ही बढ़त से साथ बंद हुए. लेकिन अडानी ग्रुप के टूटते शेयरों ने एक बड़े निवेशक वर्ग की चिंता बढ़ा दी है. मार्केट के जानकारों का कहना है कि अडानी ग्रुप के शेयरों में डेवलपमेंट और मॉनिटरी पॉलिसी समिति (MPC) की होने वाली बैठक से मार्केट में अस्थिरता जारी रह सकती है. इसके अलावा इस हफ्ते भी कई कंपनियों के दिसंबर की तिमाही के नतीजे आएंगे. आने वाले सप्ताह में शेयर मार्केट की चाल इन पांच फैक्टर्स पर निर्भर करेगी.

कॉरपोरेट अर्निंग
मार्केट अब दिसंबर तिमाही के नतीजों के आखिरी दौर में प्रवेश कर रहा है. लगभग 1,300 कंपनियां आने वाले सप्ताह में दिसंबर FY23 तिमाही के लिए अपने आंकड़े जारी करेंगी. जिन प्रमुख नामों पर नजर रहेगी उनमें टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, अंबुजा सीमेंट्स, भारती एयरटेल, हीरो मोटोकॉर्प, श्री सीमेंट, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय जीवन बीमा निगम, Zomato, और Lupin के नाम शामिल हैं.

MPC की बैठक
इस सप्ताह रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी (MPC) की बैठक 6 फरवरी से शुरू होगी और इसके नतीजे 8 फरवरी को आएंगे. महंगाई दर में आई कमी की वजह से माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक इस बार रेपो रेट में थोड़ी नरमी बरत सकता है. शेयर मार्केट के निवेशकों को इस बैठक पर इस सप्ताह नजर बनी रहेगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा हो सकता है.

अडानी ग्रुप के शेयर
सोमवार की सुबह जब मार्केट ओपन होगा, तो सभी की नजरें अडानी ग्रुप के शेयरों के चाल पर टिकी होंगी. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में तेज गिरावट आई है. हालांकि, शुक्रवार को फिच की पॉजिटव रिपोर्ट के बाद अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में थोड़ी सुधार देखने को मिली. अडानी ग्रुप के शेयर काफी हद तक मार्केट की चाल को तय कर सकते हैं.

FPI का आउटफ्लो
फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जनवरी में भारतीय शेयर बाजारों से 28,852 करोड़ रुपये निकाले हैं. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले दिसंबर में FPI ने शेयरों में 11,119 करोड़ निवेश किए थे. विदेशी इस्टीट्यूशनल निवेशकों ने फरवरी के पहले हफ्ते में 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के शेयरों की शुद्ध बिक्री की है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्थिक मंदी की आशंका को लेकर पनपे डर के खत्म होने के बाद मार्केट में FII का इनफ्लो देखने को मिलेगा.

इकोनॉमिक डेटा प्वाइंट
घरेलू आर्थिक आंकड़ों के मोर्चे पर दिसंबर के लिए औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन के आंकड़े 10 फरवरी को जारी किए जाएंगे. भारत का औद्योगिक उत्पादन नवंबर 2022 में 7.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा था. जो पांच महीनों में सबसे अधिक था. 27 जनवरी को समाप्त सप्ताह के लिए बैंक कर्ज और जमा वृद्धि के आंकड़े आएंगे. इसी दिन विदेशी मुद्रा भंडार के भी आंकड़े जारी किए जाएंगे.

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