US, नॉर्वे के बाद ऑस्ट्रेलिया से मिला अडानी को बड़ा झटका! क्या ग्रीन एनर्जी का पैसा कोयले में जा रहा था?

नई दिल्ली

गौतम अडानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कदम-कदम पर उन्हें चुनौतियां मिल रही हैं। यूएस शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से हर कोई अडानी ग्रुप को लेकर सतर्कता बरत रहा है। निवेशक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं। अब अडानी क्रेडिट फैसिलिटीज को लेकर एक खबर आई है। कुछ दिन पहले आपने एक खबर सुनी होगी। नॉर्वे के सबसे बडे़ पेंशन फंड केएलपी ने अडानी ग्रीन एनर्जी में अपने सारे शेयर बेच दिए थे। ये शेयर इन चिंताओं के बीच बेचे गए कि इसने अनजाने में हिस्सेदारी के माध्यम से दुनिया की कुछ सबसे प्रदूषणकारी गतिविधियों को फाइनेंस करने में मदद की। 10 फरवरी की एक पब्लिक फाइलिंग से यह स्पष्ट हुआ कि अडानी अपनी ग्रीन कंपनियों के शेयर उस क्रेडिट फैसिलिटी में गिरवी रख रहे थे, जो अडानी एंटरप्राइजेज के जरिए ऑस्ट्रेलिया में कारमाइकल कोयला खदान को फाइनेंस करने में मदद कर रही थी।

केएलपी (KLP) के रिस्पांसिबल इन्वेस्टिंग के हेड किरण अजीज ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘केएलपी ने अपने पोर्टफोलियो से कोयले को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। इसलिए कारमाइकल प्रोजेक्ट में कोई भी इनडायरेक्ट फाइनेंसिंग ‘हमारी प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन’ की तरह होगा।’

इन्वेस्टर्स को हो रहा यह दुख
यूएस शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी को अडानी ग्रुप पर अपनी रिपोर्ट जारी की थी। इसमें शेयरों में हेरफेर सहित कई आरोप लगाए गए थे। इसके बाद से निवेशकों ने जमकर अडानी के शेयर बेचे। लेकिन ESG यानी एनवायर्नमेंटल, सोशल और गवर्नेंस मैंडेट वाले निवेशकों का दुख अलग है। उन्हें अब पता चल रहा है कि उनके ग्रीन डॉलर्स अप्रत्यक्ष रूप से सबसे गंदे जीवाश्म ईंधन को सपोर्ट कर रहे थे।

कारमाइकल को जा रही थी फंडिंग
अडानी ग्रुप को 2020 से ट्रैक कर रहे एंथ्रोपोसीन फिक्स्ड इनकम इंस्टीट्यूट के सीईओ उल्फ एरलैंडसन ने कहा, ‘अडानी ग्रुप के दूसरे हिस्सों में निवेश कारमाइकल की फंडिंग में भी जा रहा था।’ ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, ईएसजी के लक्ष्यों को प्रमोट करने वाले यूरोपीयन यूनियन में रजिस्टर्ड 500 से अधिक फंड्स के पास प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अडानी के शेयर हैं।

70% गिर चुका है शयर
अडानी ग्रीन के शेयर की कीमत में इस साल 70 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। हालांकि, इसका कर्ज भी कम हुआ है। कंपनी की तीसरी तिमाही में शुद्ध आय एक साल पहले की तुलना में दोगुने से अधिक रही है। बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यह शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ था। बीएसई पर यह शेयर 2.02 फीसदी या 12.45 रुपये बढ़कर 628.90 रुपये पर बंद हुआ था। इस शेयर का 52 हफ्ते का उच्च स्तर 3,048 रुपये और निम्न स्तर 591 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 99,619.80 करोड़ रुपये है।

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