27.6 C
London
Friday, May 22, 2026
Homeराष्ट्रीय"हम जानते हैं लोकतंत्र के नाम पर क्या हो रहा है", क्रिमिनल...

“हम जानते हैं लोकतंत्र के नाम पर क्या हो रहा है”, क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Published on

नई दिल्ली

जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की खंडपीठ ने सरकारी कार्यालयों में बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार को रेखांकित करते हुए कहा, “एक राष्ट्र के रूप में विकसित होने के लिए हमें अपने मूल्यों की तरफ वापस लौटना होगा।”सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा, “हम जानते हैं लोकतंत्र के नाम पर क्या हो रहा है, कैसी नौकरशाही है हमारी, चुप रहना ही बेहतर है… कोई टिप्पणी नहीं। एक राष्ट्र के रूप में विकसित होने के लिए सबसे पहले हमें मूल्यों की ओर लौटना होगा, हमें अपना कैरेक्टर हासिल करना होगा।

आप किसी भी सरकारी दफ्तर में चले जाइए। क्या देश का कोई भी नागरिक सरकारी कार्यालयों से बेदाग निकले सकता है? पश्चिमी देशों में चले जाइए, आम आदमी कभी भ्रष्टाचार से नहीं जुड़ा होता। यहां क्या होता है? यही मूल समस्या है। हमें अपने अच्छे चरित्र को फिर से हासिल करने की जरूरत है, इसके बिना कुछ नहीं हो सकता।” न्यायमूर्ति नागरत्न ने कहा कि सभी स्तरों पर जवाबदेही होनी चाहिए।

क्या है मामला?
यह चर्चा तब हुई जब पीठ उन लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए याचिका पर विचार कर रही थी जिनके खिलाफ गंभीर अपराधों में आरोप तय किए गए हैं। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने आंकड़े दिए कि पिछले वर्षों में आपराधिक मामलों में जिन राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी, उनकी संख्या कैसे बढ़ रही है।

कोर्ट ने बताया कि पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा द्वारा लिखे गए एक फैसले में कहा गया है कि न्यायालय इसमें मदद नहीं कर सकता है। सरकार को इसके बारे में कुछ करना चाहिए। न्यायालय ने मौजूदा मुद्दे को “महत्वपूर्ण” करार देते हुए संघ को अपना प्रतिवाद दायर करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से वकील अमित शर्मा पेश हुए थे।

वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने तर्क दिया कि मैं केवल उन लोगों के लिए कह रहा हूं जिनके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। अगर राजनीतिक दल इन व्यक्तियों की आपराधिक पृष्ठभूमि का पता लगाने में सक्षम नहीं हैं, तो यह समस्या की बात है।जस्टिस नागरत्ना ने कहा, हमें ऐसे शिक्षकों की आवश्यकता है जो राष्ट्र के निर्माता हों। जस्टिस जोसेफ ने मामले में अंतिम सुनवाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख दी है।

Latest articles

नौतपा से पहले ही तपने लगा मध्यप्रदेश, आग उगल रहे सूर्यदेव, कई जिलों में लू का रेड अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी ने लोगों की...

राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव की तारीखों का चुनाव आयोग ने किया ऐलान, इन 10 राज्यों में खाली हुई सीटें

नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव होना...

सूरजपुर जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा शुरू, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर। विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में...

सुबह-सुबह गांव की गलियों में पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, चाय पर चर्चा कर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

राजस्थान। भजनलाल शर्मा ने गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद की अपनी पहल...

More like this

राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव की तारीखों का चुनाव आयोग ने किया ऐलान, इन 10 राज्यों में खाली हुई सीटें

नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव होना...

इबोला वायरस को लेकर एक जरूरी स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी- बुखार आने पर जांच, 21 दिन तक निगरानी

नई दिल्ली। भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने इबोला वायरस को लेकर...

सेल ने शुरू की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना, 20 मई से खुल रहा है ऑनलाइन पोर्टल

राउरकेला। महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के राउरकेला...