10.6 C
London
Saturday, May 16, 2026
Homeराष्ट्रीयLAC: गलवान और पैंगोंग में अचानक बढ़ी हलचल, एक्शन में आई इंडियन...

LAC: गलवान और पैंगोंग में अचानक बढ़ी हलचल, एक्शन में आई इंडियन आर्मी

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली में जी-20 सम्मेलन का दौर चल रहा है. हाल ही में चीनी विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की मुलाकात भी हुई. जयशंकर पहले भी चीन के साथ संबंधों को ‘असमान्य’ बता चुके हैं. इस बीच भारतीय सेना ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय सेना ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं.

लद्दाख में गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तैनात भारतीय सेना की टुकड़ियों ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. सेना के जवानों ने एलएसी के आस-पास के इलाकों में घोड़ों और खच्चरों से सर्वेक्षण किया. इसके अलावा पैंगोंग झील पर हाफ मैराथन जैसी गतिविधियां कीं.

इससे पहले इंडियन आर्मी की ओर से तस्वीरें जारी की गई थीं, जिसमें भारत की सेना पूर्वी लद्दाख में क्रिकेट खेलती दिख रही है. पूर्वी लद्दाख चीन और भारत के बीच मई 2020 से टकराव का केंद्र रहा है. इस टकराव की वजह से दोनों देशों में मिलिट्री टेंशन भी पैदा हुआ है.

हालांकि भारत की सेना ने उस एरिया का खुलासा नहीं किया है जहां जवान क्रिकेट खेल रहे हैं. लेकिन इंडिया टुडे जिओ ने मैप के जरिए स्थान को खोज निकाला है. इंडियन आर्मी के जवान जहां क्रिकेट खेल रहे हैं वो जगह पेट्रोल प्वाइंट 14 से लगभग 4 किलोमीटर दूर है. बता दें कि पेट्रोल प्वाइंट 14 वही जगह हैं जहां जून 2020 में चीनी सेना ने भारत के जवानों पर विश्वासघात कर हमला किया था. इस हमले में देश के 20 जवान शहीद हो गए थे. वहीं चीन ने काफी समय बाद माना कि उसके भी 5 जवान मारे गए.

लेह से ऑपरेट करने वाली इंडियन आर्मी की 14 कॉर्प्स ने ट्वीट किया, “पटियाला ब्रिगेड, त्रिशूल डिवीजन ने शून्य से नीचे तापमान में अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में पूरे उत्साह और जोश के साथ क्रिकेट मैच का आयोजन किया. हम असंभव को संभव बनाते हैं.”

बता दें कि जिस स्थान पर भारतीय सेना क्रिकेट खेल रही है वह स्थान भारत और चीन की ओर से आमने-सामने के टकराव से बचने के लिए बनाए गए बफर जोन से अच्छी खासी दूरी पर है. दोनों देशों की सेनाओं से टकराव से बचने के लिए अपने अपने पोजिशन से 1.5 किलोमीटर पीछे हटने का फैसला किया और ये स्थान बफर जोन में तब्दील हो गया है. डियन आर्मी ने इस क्षेत्र में पहला कैंप 700 मीटर पीछे हटकर बनाया है. इसके बाद भारत की सेना का कैंप नंबर-2 और कैंप नंबर-3 है. ये कैंप लगभग समान दूरी पर मौजूद हैं ताकि चीनी गतिविधियों पर निगाह रखी जा सके.

Latest articles

बीएचईएल हरिद्वार में औद्योगिक संबंध संहिता के तहत ‘मॉडल स्थायी आदेश’ लागू

हरिद्वार। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), हीप हरिद्वार ने संस्थान की कार्यप्रणाली को और...

एआईबीईयू ने सौंपा जीएमएचआर को ज्ञापन

भोपाल। भेल भोपाल की मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि यूनियन 'ऑल इंडिया बीएचईएल एम्पलाईज यूनियन' ने...

11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिरकत की

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत...

खेती को लाभ का धंधा बनाए युवा पीढ़ी, स्थानीय पैदावार के अनुसार लगाएं प्रोसेसिंग यूनिट्स : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जालौर के पंसेरी में आयोजित 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम...

More like this

मनरेगा का स्थान लेगा नया ‘VB-G RAM-G’ अधिनियम

नई दिल्ली/भोपाल। भारत सरकार ने ग्रामीण रोजगार नीति में एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए...

मनरेगा की जगह लेगा ‘जी राम जी’ अधिनियम: अब ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन के रोजगार की गारंटी

नई दिल्ली। भारत की ग्रामीण रोजगार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा...

पेट्रोल-डीजल ₹3-3 महंगे हुए, नई कीमतें लागू, सीएनजी भी हुई महंगी

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली...