13.8 C
London
Sunday, June 7, 2026
Homeभेल न्यूज़बीएचईएल भोपाल कॉडर के अफसर रामनाथन को मिली त्रिची यूनिट की कमान

बीएचईएल भोपाल कॉडर के अफसर रामनाथन को मिली त्रिची यूनिट की कमान

Published on

भोपाल

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल भोपाल कॉडर के अफसर एसएम रामनाथन को साउथ की त्रिचन्नापल्ली यूनिट का मुखिया बनाया है। वह वर्तमान ईडी एसव्ही श्रीनिवासन से 24 मई को चार्ज लेंगे। ये आदेश भेल दिल्ली कार्पोरेट ने जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि रामनाथन ने लंबे समय तक भोपाल यूनिट में पारी खेली है। वह कई विभागों में काम करते रहे। बाद में उन्हेंं महाप्रबंधक ऑपरेशन बनाकर भेल की त्रिची यूनिट भेजा गया था। बड़ी बात यह है कि उनके बेहतर परफार्मेंस के चलते उन्हें पहले इसी यूनिट में जीएमआई बनाया और जल्द ही इस यूनिट की कमान भी सौंप दी। वह तिरूमयम यूनिट का भी काम देख रहे हैं। वह ईमानदार छवि के व्यक्ति हैं। उन्हें अनुभवी अफसरों में गिना जाता है।

ऐसे पहुंंचे शीर्ष पर रामनाथन
एस एम रामनाथन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्नातक हैं। कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से चयन होने पर उन्होंने 1988 में बीएचईएल में ग्रेजुएट इंजीनियर के रूप में प्रवेश लिया। उन्हें 1989 में पूर्ण बीएचईएल निगम में सर्वश्रेष्ठ इंजीनियर प्रशिक्षु पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने हाइड्रो टर्बाइन (एचटीई) में डिजाइनर के रूप में करियर शुरू किया। उनकी विशेषज्ञता नवीनतम आईटी का उपयोग करके डिजाइन को परिष्कृत और अनुकूलित करने में थी। लागत और चक्र समय में बचत के लिए अग्रणी उपकरण और गणितीय तकनीकें। उन्होंने 1993 में मैनिट से तनाव और कंपन विश्लेषण में एम.टेक पूरा किया। उन्हें भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर तकनीकी पेपर प्रस्तुति में कई बार सम्मानित किया गया। उन्हें 1995 में हाइड्रो मशीनरी सेंटर में टर्बाइनों के हाइड्रोलिक डिजाइन विकास के लिए वरिष्ठ अभियंता के रूप में स्थानांतरित किया गया था। ॥रुश्व) जहां वे 2004 में वरिष्ठ प्रबंधक के पद तक पहुंचे। उनके नाम पर टर्बाइन पेटेंट है। उन्होंने आईसीडब्ल्यूए (लागत लेखा) पूरा कर लिया है और संस्थान के साथी सदस्य हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में वित्त में काम किया है और 2011 में एजीएम के रूप में पदोन्नत हुए थे। इसके बाद उन्होंने 2013 में स्टीम टर्बाइन इंजीनियरिंग में काम किया। फिर उन्होंने 2017 तक एचओडी के रूप में सेंट्रल प्लानिंग (सीपीएक्स) का नेतृत्व किया, जब उन्हें जीएम (एफजीडी और जल) के रूप में पदोन्नत किया गया। सिस्टम) बीएपी रानीपेट। वह 2018 में एसओएम ग्रुप, भोपाल में जीएम के रूप में शामिल हुए थे। इस अवधि में उन्हें दो बार एससीआर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। फिर उन्हें 2021 में जीएम हाइड्रो बनाया गया। थर्मल ग्रुप को हाइड्रो में मिला दिया गया और वह जुलाई 2022 तक जीएम (टर्बाइन) के रूप में जारी रहे, बाद में उन्हें जीएम (ऑपरेशंस) त्रिची इकाई के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्हें सितंबर 2022 में जीएम (प्रभारी) के रूप में फिर से नामित किया गया था। अब उन्हें संपूर्ण त्रिची इकाई परिसर का प्रभार सौंपा गया है और वे सीएमडी को रिपोर्ट करेंगे।

 

Latest articles

बीएचईएल झांसी में ‘पर्यावरण जागरूकता माह-2026’ का शुभारंभ, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

झांसी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) झांसी इकाई...

भेल में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण,कर्मचारियों और छात्रों ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), भोपाल के...

सुशासन तिहार के दौरान ठठारी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत शनिवार को सक्ती जिले के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एसएमएस अस्पताल में औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल...

More like this

बीएचईएल झांसी में ‘पर्यावरण जागरूकता माह-2026’ का शुभारंभ, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

झांसी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) झांसी इकाई...

भेल में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण,कर्मचारियों और छात्रों ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), भोपाल के...

महारत्न का दर्जा खो सकते हैं भेल और सेल, सरकार ने सुधार के लिए दिया एक साल का समय

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की दो बड़ी कंपनियों, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स...