मोदी ने झोंक डाली थी पूरी ताकत, जानें कर्नाटक की हार BJP के लिए क्यों अशुभ संकेत है

नई दिल्ली

कर्नाटक चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं और इस चुनाव में बीजेपी (BJP) को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस इस राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमकर वार-पलटवार देखने को मिला था। शनिवार कर्नाटक के जो नतीजे सामने आए हैं उसको सिर्फ एक राज्य के चुनाव से जोड़कर देखा जाएगा ऐसा नहीं है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए इस राज्य का चुनाव काफी अहम था। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले इस राज्य में किसकी सरकार बनेगी इसको लेकर काफी चर्चा थी। खासकर बीजेपी के लिए। बीजेपी की इस हार से उसके मिशन साउथ को जोरदार झटका लगा है। दक्षिण में बीजेपी की सिर्फ इसी राज्य में सरकार थी और इस हार के बाद वह एक राज्य भी उसके हाथ से निकल गया। इसी साल तेलंगाना में चुनाव है और बीजेपी इस चुनाव की तैयारी लंबे वक्त से कर रही है लेकिन कर्नाटक की हार के बाद उसकी चुनौती और बढ़ गई है। कर्नाटक चुनाव नतीजों का मिशन साउथ पर आखिर कैसे असर पड़ेगा।कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो रहे हैं. रुझानों में कांग्रेस को बहुमत मिलता दिख रहा है. पार्टी 130 से ज्यादा सीटों पर आगे है. वहीं, बीजेपी 63 सीटों पर आगे है. जबकि जेडीएस तीसरे नंबर पर है. कांग्रेस ने बेंगलुरु के 5 स्टार हिल्टन होटल में 50 कमरे बुक किए हैं. जीते हुए विधायकों को रात 8 बजे तक होटल में पहुंचने के लिए कहा गया है. कल कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी.

कर्नाटक हार के साथ ही बीजेपी ने गंवाया मौका
बीजेपी को लेकर विपक्षी दल निशाना साधते हुए यह सवाल पूछते हैं कि दक्षिण में उसकी उपस्थिति कितनी है। देश के कई राज्यों में बीजेपी की सरकार है लेकिन उसका विजय रथ दक्षिण में आकर रुक जाता है। कर्नाटक वह राज्य था जहां से बीजेपी जीतकर एक साथ कई संदेश दे सकती थी। कर्नाटक हार के साथ ही एक राज्य दक्षिण में जो बीजेपी के पास था वह भी चला गया। कर्नाटक वह राज्य था जिसको जीतकर बीजेपी पूरे दमखम के साथ तेलंगाना चुनाव के लिए मैदान में उतरती। तेलंगाना में इस बार मुकाबला बीजेपी और केसीआर की पार्टी बीआरएस के बीच देखा जा रहा था लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद शायद ऐसा नहीं होगा। इसकी एक झलक कर्नाटक चुनाव के दौरान ही कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने दे दिया था। इस साल 4 राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और बीजेपी की कर्नाटक हार के बाद विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस को निशाना साधने का मौका मिल गया है।

कर्नाटक चुनाव के दौरान ही कांग्रेस ने दिया तेलंगाना का संदेश
तेलंगाना में इसी साल चुनाव है और अब तक चर्चा केसीआर की पार्टी बीआरएस और बीजेपी की हो रही थी लेकिन कर्नाटक चुनाव के बाद कांग्रेस मजबूती के साथ तेलंगाना के चुनाव में जाएगी। इसकी एक झलकर कर्नाटक चुनाव के दौरान ही देखने को मिल गई थी। कर्नाटक में जिस दिन प्रचार का आखिरी दिन था उसी दिन प्रियंका गांधी तेलंगाना में शाम को एक रैली करती हैं। प्रियंका गांधी ने इस दौरान युवाओं की रैली को संबोधित करते हुए केसीआर पर जोरदार हमला बोला। प्रियंका गांधी ने कहा कि बीआरएस की सरकार ने प्रदेश को अपनी जागीर और खुद को जागीरदार समझ लिया है। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदों और सपनों के साथ तेलंगाना की स्थापना हुई थी वो पूरे नहीं हो सके। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इसी रैली में अपनी दादी इंदिरा गांधी का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि जब उन्‍हें लोग नई ‘इंदिरा अम्‍मा’ कहते हैं तो वह उसे बहुत गंभीरता से लेती हैं। यह उन्‍हें उनकी जिम्‍मेदारियों का एहसास कराता है। प्रियंका गांधी की इस रैली से एक बात तो क्लियर हो गई कि कांग्रेस तेलंगाना चुनाव को भी हल्के में नहीं लेने वाली।

बीजेपी के लिए कितना मुश्किल है मिशन साउथ
दक्षिण के राज्यों में लोकसभा की करीब 129 सीटें हैं और इनमें से बीजेपी के पास महज 29 सीटें ही हैं। इन 29 सीटों में 25 सीटें अकेले कर्नाटक से है जहां बीजेपी की विधानसभा में हार हो गई है। BJP की नजर दक्षिणी राज्यों की 129 संसदीय सीटों में अधिक से अधिक सेंध लगाने पर टिकी है। बीजेपी की नजर इस बार दक्षिण में सिर्फ कर्नाटक और तेलंगाना पर ही नहीं है। बीजेपी दक्षिण के दूसरे राज्यों को लेकर भी रणनीति बनाने में जुटी है। कर्नाटक के चुनाव को लेकर यह माना जा रहा था कि बीजेपी के लिए इस बात का संकेत मिल जाएगा कि दक्षिण में कमल के खिलने के लिए माहौल अनुकूल है या नहीं। कर्नाटक में हार के बाद अब वह दूसरा राज्य तेलंगाना होगा जहां बीजेपी के प्रदर्शन पर काफी कुछ निर्भर करेगा।

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