मोबाइल उड़ाने से पहले अब 10 बार सोचेगा चोर, पूरे देश में आ रहा ऐसा ‘फुलप्रूफ’ सिस्टम

नई दिल्ली

देशभर में हर साल फोन चोरी होने लाखों स्मार्टफोन चोरी और खोने की घटनाए होती हैं। इनमें से महज 4 फीसदी लोग ही फोन चोरी या खोने की रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। फोन खोने के बाद पुलिस कंप्लेन, एफआईआर दर्ज कराना लोगों के लिए बेहद परेशानी वाला काम होता है। साथ ही लोग सोचते हैं कि चोरी हुआ फोन कहीं भला मिलता है। लोगों की इसी सोच की वजह से देश में चोरी के फोन का बड़ा बाजार खड़ा हो गया है। अब सरकार चोरी और खोए हुए फोन का पता लगाने और इस बाजार की कमर तोड़ने के लिए नई तकनीक ला रही है। इस तकनीक के जरिये खोए या चोरी हुए फोन को ट्रैक करना पहले से बहुत आसान हो जाएगा।

कब लॉन्च होगा सिस्टम
केंद्र सरकार इस हफ्ते एक ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने जा रही है। दिल्ली स्थित सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्स (सीडॉट) महाराष्ट्र, कर्नाटक और नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र समेत कुछ टेलिकॉम सर्कल में सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) सिस्टम को प्रायोगिक आधार पर चला रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि अब इस सिस्टम को पूरे भारत में शुरू किया जा सकता है। 17 मई को यह सिस्टम लॉन्च किया जाएगा। सीडॉट के सीईओ और प्रॉजेक्ट बोर्ड के चेयरमैन राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि सिस्टम तैयार है और अब इसे इसी तिमाही में पूरे भारत में तैनात किया जाएगा।

मोबाइल ट्रैकिंग सिस्टम कैसे करेगा मदद
सरकार की ओर से मोबाइल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस सिस्टम के जरिए देशभर में लोग अपने गायब या चोरी हो चुके मोबाइल फोन को ‘ब्लॉक’ कर सकेंगे या उसका पता लगा सकेंगे। साथ ही इस सिस्टम के जरिये लोग अपने खोए हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक कर सकेंगे। क्लोन्ड मोबाइल फोन के इस्तेमाल का पता लगाने के लिए इसमें नई खूबियां जोड़ी गई हैं।

​IMEI नंबर की लिस्ट रहेगी
सरकार ने देशभर में मोबाइल डिवाइस की बिक्री से पहले 15 डिजिट के IMEI नंबर का खुलासा करना जरूरी कर दिया है। मोबाइल नेटवर्क के पास मंजूर IMEI नंबरों की लिस्ट होगी। इससे उनके नेटवर्क में अनधिकृत मोबाइल फोन की एंट्री का पता लग सकेगा। टेलिकॉम ऑपरेटर्स और CEIR सिस्टम के पास डिवाइस के IMEI नंबर और उससे जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी होगी। कुछ राज्यों में इस सूचना का इस्तेमाल गुम या चोरी गए मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए किया जाएगा।

CEIR पोर्टल
सीईआईआर खोए/चोरी हुए मोबाइल उपकरणों का पता लगाने के लिए दूरसंचार विभाग का नागरिक केंद्रित पोर्टल है। यह सभी दूरसंचार ऑपरेटरों के नेटवर्क में खोए/चोरी हुए मोबाइल उपकरणों को ब्लॉक करने की सुविधा भी देता है। इससे खोए/चोरी हुए इक्यूपमेंट्स का भारत में उपयोग नहीं किया जा सके। यदि कोई ब्लॉक किए मोबाइल फोन का यूज करने का प्रयास करता है, तो उसकी पता लगने की संभावना बन जाती है। एक बार मोबाइल फोन मिल जाने के बाद इसे संबंधित व्यक्ति नॉर्मल यूज के लिए पोर्टल पर अनब्लॉक कर सकता है।

14422 हेल्पलाइन नंबर, मोबाइल ऐप भी
अगर आपका फोन खो जाए, तो सबसे पहले आपको 14422 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके सूचना देनी चाहिए। इससे फोन को जल्दी ढूंढा जा सकेगा। इसके बाद आपके मोबाइल फोन को खोजने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दूरसंचार मंत्रालय की तरफ से इस सर्विस को देशभर में उपलब्ध कराया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार की तरफ से इस सिस्टम का एक मोबाइल एप्लिकेशन भी होगा। इस ऐप को यूजर्स गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे।

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