12.2 C
London
Thursday, April 16, 2026
Homeराजनीतिवोट माल-पानी से नहीं मिलता, अगले चुनाव में पोस्टर नहीं लगाऊंगा.. गडकरी...

वोट माल-पानी से नहीं मिलता, अगले चुनाव में पोस्टर नहीं लगाऊंगा.. गडकरी की खरी-खरी

Published on

नई दिल्ली

केंद्रीय परिवहन मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं। अपनी लोकसभा सीट नागपुर को सबसे मुश्किल सीट बताते हुए गडकरी ने एक ऐसी बात कही जो बड़े-बड़े नेता बोलने से पहले 100 बार सोचेंगे। राजस्थान के पूर्व सीएम और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत की जयंती के अवसर पर गडकरी ने कहा कि वो अगले चुनाव में न तो कोई पोस्टर लगावाएंगे और न ही बैनर छपवाएंगे। इसके पीछे उन्होंने बड़ा ही रोचक कारण भी बताया।

वोट माल-पानी से नहीं मिलता
गडकरी ने कहा कि आजकल लोग होशियार हो गए हैं। चुनाव के समय माल-पानी मिलता है तो रख देते हैं। पति एक को वोट देता है, पत्नी एक को वोट देती है और बच्चा तीसरी तरफ चला जाता है। लेकिन असल वोट तो मिलता है सेवा की राजनीति से। विकास की राजनीति से, गांव में गरीबों के कल्याण से, स्वास्थ्य सुविधाओं से, युवाओं को रोजगार देने से, बच्चों को अच्छा स्कूल देने से। गरीबों को अच्छे अस्पताल देने से वोट मिलता है।

पोस्टर, बैनर नहीं लगाऊंगा, चाय भी नहीं पिलाऊंगा
गडकरी ने कहा कि जो बात मैं कहता हूं वो सब एमएलए-एमपी को कहना चाहूंगा। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत मुश्किल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मुझे सभी नेताओं ने मना किया था। पर मैं जिद के साथ लड़ा था। पर अब मैंने ये तय कर लिया है कि अगले चुनाव में मैं कोई पोस्टर नहीं लगाऊंगा, बैनर भी नहीं लगाऊंगा, चाय नहीं पिलाऊंगा, कुछ नहीं करूंगा। जिसको वोट देना है देगा, नहीं देगा। मेरा विश्वास है कि पहले साढ़े 3 लाख की जीत की मार्जिन है अब वो और एकाध लाख बढ़ जाएगी।

जिंदा मछली का दिया उदाहरण
गडकरी ने भैरो सिंह शेखवात की जन्मशती के अवसर पर कहा कि हमारी राजनीति में सबसे बड़ी समस्या विचारशून्यता का है। गडकरी ने कहा कि जो सही नेता होता है वो प्रवाह के खिलाफ बोलने की हिम्मत दिखाता है। अली दस्तूर करके एक बहुत विद्वान विदुषी थीं जो काफी अच्छी बात कहकर गईं हैं कि नदी जब बहती है तो उसके प्रवाह के साथ कूड़ा-कचरा मछली सब बहती है। जो मरी हुई मछली होती है वो प्रवाह के साथ बहती है, लेकिन जो जिंदा मछली है वो प्रवाह के खिलाफ तैरती है, ये उसके जिंदादिली का उदाहरण है। जब कांग्रेस की सत्ता चरम सीमा पर थी, जनसंघ कभी सत्ता में आएगी ऐसा लग नहीं रहा था, तब अपने विचारधारा पर अटल रहकर भैरो सिंह शेखावत ने पार्टी के विचार को आगे बढ़ाया।

Latest articles

अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की रेड पर CM मान ने कसा तंज, कहा- पंजाब चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई हैं…

चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और...

भोपाल संसद आलोक शर्मा का नारी शक्ति ने किया भव्य सम्मान

भोपाल। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लोकसभा में पारित कराने के समर्थन में भोपाल...

बीएचईएल झांसी में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, ग्रामीणों को मिला लाभ

भेल झांसी l भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के...

अयोध्यानगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6.28 किलो गांजा के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल। भोपाल में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अयोध्यानगर थाना...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...