14.3 C
London
Wednesday, February 25, 2026
Homeराजनीतिवोट माल-पानी से नहीं मिलता, अगले चुनाव में पोस्टर नहीं लगाऊंगा.. गडकरी...

वोट माल-पानी से नहीं मिलता, अगले चुनाव में पोस्टर नहीं लगाऊंगा.. गडकरी की खरी-खरी

Published on

नई दिल्ली

केंद्रीय परिवहन मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं। अपनी लोकसभा सीट नागपुर को सबसे मुश्किल सीट बताते हुए गडकरी ने एक ऐसी बात कही जो बड़े-बड़े नेता बोलने से पहले 100 बार सोचेंगे। राजस्थान के पूर्व सीएम और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत की जयंती के अवसर पर गडकरी ने कहा कि वो अगले चुनाव में न तो कोई पोस्टर लगावाएंगे और न ही बैनर छपवाएंगे। इसके पीछे उन्होंने बड़ा ही रोचक कारण भी बताया।

वोट माल-पानी से नहीं मिलता
गडकरी ने कहा कि आजकल लोग होशियार हो गए हैं। चुनाव के समय माल-पानी मिलता है तो रख देते हैं। पति एक को वोट देता है, पत्नी एक को वोट देती है और बच्चा तीसरी तरफ चला जाता है। लेकिन असल वोट तो मिलता है सेवा की राजनीति से। विकास की राजनीति से, गांव में गरीबों के कल्याण से, स्वास्थ्य सुविधाओं से, युवाओं को रोजगार देने से, बच्चों को अच्छा स्कूल देने से। गरीबों को अच्छे अस्पताल देने से वोट मिलता है।

पोस्टर, बैनर नहीं लगाऊंगा, चाय भी नहीं पिलाऊंगा
गडकरी ने कहा कि जो बात मैं कहता हूं वो सब एमएलए-एमपी को कहना चाहूंगा। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत मुश्किल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मुझे सभी नेताओं ने मना किया था। पर मैं जिद के साथ लड़ा था। पर अब मैंने ये तय कर लिया है कि अगले चुनाव में मैं कोई पोस्टर नहीं लगाऊंगा, बैनर भी नहीं लगाऊंगा, चाय नहीं पिलाऊंगा, कुछ नहीं करूंगा। जिसको वोट देना है देगा, नहीं देगा। मेरा विश्वास है कि पहले साढ़े 3 लाख की जीत की मार्जिन है अब वो और एकाध लाख बढ़ जाएगी।

जिंदा मछली का दिया उदाहरण
गडकरी ने भैरो सिंह शेखवात की जन्मशती के अवसर पर कहा कि हमारी राजनीति में सबसे बड़ी समस्या विचारशून्यता का है। गडकरी ने कहा कि जो सही नेता होता है वो प्रवाह के खिलाफ बोलने की हिम्मत दिखाता है। अली दस्तूर करके एक बहुत विद्वान विदुषी थीं जो काफी अच्छी बात कहकर गईं हैं कि नदी जब बहती है तो उसके प्रवाह के साथ कूड़ा-कचरा मछली सब बहती है। जो मरी हुई मछली होती है वो प्रवाह के साथ बहती है, लेकिन जो जिंदा मछली है वो प्रवाह के खिलाफ तैरती है, ये उसके जिंदादिली का उदाहरण है। जब कांग्रेस की सत्ता चरम सीमा पर थी, जनसंघ कभी सत्ता में आएगी ऐसा लग नहीं रहा था, तब अपने विचारधारा पर अटल रहकर भैरो सिंह शेखावत ने पार्टी के विचार को आगे बढ़ाया।

Latest articles

बीएचईएल भोपाल के 13 कर्मचारी सेवानिवृत्त, एसोसिएशन ने दी भावभीनी विदाई

भोपाल। Bharat Heavy Electricals Limited (बीएचईएल) भोपाल इकाई से 13 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने...

पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के निर्देश, किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के संबंध में उच्च स्तरीय...

जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनीं 114 आवेदकों की समस्याएं, मौके पर किया कई शिकायतों का निपटारा

भोपाल राजधानी के जिला कार्यालय में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं...

गोविंदपुरा आईटीआई में ग्लोबल स्किल पार्क के साथ रोजगारोन्मुखी लघु अवधि प्रशिक्षण 11 मार्च से शुरू

भोपाल संभागीय जनसंपर्क कार्यालय, भोपाल द्वारा जारी समाचार के अनुसार शासकीय संभागीय आईटीआई गोविंदपुरा, भोपाल...

More like this

पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के निर्देश, किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के संबंध में उच्च स्तरीय...

भोपाल से राहुल का केंद्र पर बड़ा हमला:दबाव में अमेरिका को बेचा देश का डेटा और किसानों का हित

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मंगलवार को उस समय सियासी संग्राम का केंद्र बन...

दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए बड़ी राहत, मिलेगा डेढ़ साल का एरियर — श्रम आयुक्त के आदेश के बाद भुगतान का रास्ता साफ

भोपाल मध्य प्रदेश के दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए खुशखबरी है। डेढ़ साल के...