11 C
London
Thursday, May 7, 2026
Homeराष्ट्रीयजातीय जनगणना पर नीतीश सरकार को सबसे बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने...

जातीय जनगणना पर नीतीश सरकार को सबसे बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की याचिका

Published on

नई दिल्ली

बिहार में जाति आधारित गणना एवं आर्थिक सर्वे पर पटना हाईकोर्ट की लगी रोक बरकरार रहेगी। नीतीश कुमार सरकार को अब इस मामले में सबसे बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की दायर याचिका पर फैसला देते हुए राज्य में जाति आधारित गणना पर पटना हाईकोर्ट की तरफ से लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की तरफ से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने पटना उच्च न्यायालय के उस आदेश पर स्थगनादेश से इनकार किया जिसमें बिहार सरकार द्वारा किए गए जाति सर्वेक्षण पर रोक लगाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट से नीतीश सरकार को बड़ा झटका
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट की तरफ से बिहार में जाति आधारित गणना एवं आर्थिक सर्वे पर लगी रोक बरकरार रखने का फैसला लिया है। उच्चतम न्यायालय ने साफ कर दिया कि पटना उच्च न्यायालय की तरफ से दिया गया फैसला सही था और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। वहीं गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार पहले 03 जुलाई 2023 को पटना हाईकोर्ट की सुनवाई में हाजिर हों, वहां पर अपने तर्क को रखें। अगर पटना हाईकोर्ट से बिहार सरकार संतुष्ट नहीं होती तो 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में केस की सुनवाई होगी।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने कहा कि इस बात की जांच करनी होगी कि क्या यह कवायद सर्वेक्षण की आड़ में जनगणना तो नहीं है। पीठ ने कहा, ‘हम यह स्पष्ट कर रहे हैं, यह ऐसा मामला नहीं है जहां हम आपको अंतरिम राहत दे सकते हैं।’ उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मुख्य याचिका की सुनवाई तीन जुलाई के लिए स्थगित कर दी है। पीठ ने कहा, ‘हम निर्देश देते हैं कि इस याचिका को 14 जुलाई को सूचीबद्ध किया जाये। यदि किसी भी कारण से, रिट याचिका की सुनवाई अगली तारीख से पहले शुरू नहीं होती है, तो हम याचिकाकर्ता (बिहार) के वरिष्ठ वकील की दलीलें सुनेंगे।’

इससे पहले क्या हुआ था सुप्रीम कोर्ट में
इससे पहले बुधवार को ही बिहार सरकार की इस याचिका पर सुनवाई होनी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल ने खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया था। उनका कहना था कि वो बिहार में चीफ जस्टिस रहते इस मामले में पक्षकार रह चुके हैं। इसके बाद गुरुवार को सुनवाई की अगली तारीख तय की गई थी। इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ये फैसला सुनाया।

Latest articles

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या, नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम इलाके में 4 गोलियां मारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए...

राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने किया पद भार ग्रहण

भोपाल। 6 मई को प्रातः 11 बजे राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ....

BHEL में CMD पद के लिए निकली भर्ती

नई दिल्ली। Government of India के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत आने वाले...

भोपाल में चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों में आक्रोश, डीपीआई के सामने किया प्रदर्शन

9 माह से नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज, कहा- आदेश जारी नहीं हुए तो...

More like this

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या, नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम इलाके में 4 गोलियां मारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए...

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में सुरक्षा बलों पर फायरिंग; 5 घायल, कोलकाता में TMC ऑफिस पर चला बुलडोजर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं शुरू हो गई हैं।...

ममता बोलीं- मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, चुनाव आयोग असली विलेन, भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस...